Russia-Ukraine War: नाटो महासचिव बोले- यूक्रेन का दर्द भयावह, पुतिन पर दबाव जरूरी
नई दिल्ली, 5 अप्रैल: कई देशों ने रूस और यूक्रेन के विवाद को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन उसका कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। जिस वजह से रोजाना बड़ी संख्या में लोगों की जान इस युद्ध में जा रही है। यूक्रेन शुरू से ही नाटो की मदद का इंतजार कर रहा है, लेकिन नाटो में शामिल देश सिर्फ उसे मौखिक रूप से समर्थन दे रहे। अब इस मामले में फिर से नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग का बयान सामने आया है।

स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि ये युद्ध राष्ट्रपति पुतिन का है। वहां पर रोजाना बड़ी संख्या में लोग हताहत हो रहे हैं, उसके लिए सिर्फ और सिर्फ पुतिन जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि अभी हमें राष्ट्रपति पुतिन पर दबाव बनाए रखने की जरूरत है। यूक्रेन में हम जो पीड़ा (दर्द) देख रहे हैं वो भयावह है। स्टोलटेनबर्ग के मुताबिक अगर फिनलैंड और स्वीडन नाटो में शामिल होने के लिए आवेदन करते हैं, तो उनका स्वागत किया जाएगा।
अमेरिका ने भी पुतिन को ठहराया जिम्मेदार
वहीं पूरी दुनिया में यूक्रेन के बुचा शहर में हुए नरसंहार की आलोचना हो रही है। इस मुद्दे पर पेंटागन ने कहा कि यूक्रेन के बुचा शहर में हुए अत्याचारों के लिए स्पष्ट रूप से रूसी सेनाएं जिम्मेदार हैं। वास्तव में कौन- कौन सी यूनिट, चाहे वे कॉन्ट्रैक्टर हों या चेचन कमांडो। उनको नहीं लगता कि वो अभी कुछ कह सकते हैं, लेकिन इस बात का खंडन नहीं किया जा सकता है कि ये अत्याचार रूसियों के हाथ नहीं हुआ है।












Click it and Unblock the Notifications