NASA Flashback 2022: स्पेस साइंस के नए युग का आगाज, जानिए इस साल की बड़ी उपलब्धियां

साल 2022 में स्पेस एजेंसियों ने कई उपलब्धियां हासिल की। खासकर नासा के लिए ये वर्ष बेहद अहम रहा। जिसमें मून, DART मिशन और JWST जैसे सफल मिशन संपन्न हुए।

NASA Missions Flashback 2022

NASA Missions Flashback 2022: अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ की ब्रह्मंड से कलरफुल पिक्चर्स आईं। साल 2022 नासा के लिए कई मायनों में हम रहा। इस साल नासा के जेम्म वेब टेलीस्कोप की पृथ्वी पर आईं तस्वीरें, ऐसिहासिक चंद्रमा मिशन समेत कई ऐसी उपलब्धियां हैं, जिसके लिए खगोल शास्त्र में साल 2022 याद किया जाएगा।

NASA के लिए ऐतिहासिक है वर्ष 2022

NASA के लिए ऐतिहासिक है वर्ष 2022

इस साल स्पेस साइंस में पहली बार नासा ने अपना मेगा मून रॉकेट लॉन्च किया। ये बिना चालक दल वाला ओरियन अंतरिक्ष यान था। जिसने चंद्रमा की सैर की। जबकि वेब स्पेस टेलीस्कोप ने ब्रह्मांड की कई अहम तस्वीरें भेजी। जिसे खगोल विज्ञान में एक नए युग की शुरुआत माना गया। यही नहीं नासा पृ्थ्वी की सुरक्षा के लिए एक क्षुद्रग्रह को भी स्पेस में स्थापित किया। नियमित मिशन के तहत कई अंतरिक्ष यात्रियों को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन भेजा। कई नई तकनीकों का भी परीक्षण किया। जिसमें जिसमें मंगल के लिए एक इन्फ्लेटेबल हीट शील्ड भी शामिल है। इसके अलावा सुपरसोनिक तकनीकी के निरंतर विकास के साथ कई अहम प्रयास नासा ने किए।

नासा का DART मिशन

नासा का DART मिशन

नासा के एडमिनिस्ट्रेटर बिल नेल्सन की मानें तो साल 2022 नासा के इतिहास में स्पेस मिशन की दृष्टि से सबसे सफल वर्षों में से एक होगा। आर्टेमिस I मिशन के स्पलैशडाउन के बाद ये स्पेस एजेंसी काफी पीछे हो गई थी लेकिन जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप दुनिया के स्पेस साइंस के क्षेत्र में एक अभिनव प्रयोग था। जबकि DART मिशन की शानदार सफलता ने स्पेस एजेंसी की उपलब्धियां में चार जांद लगा दिए।

10वीं बार NASA को मिली बड़ी उपलब्धि

10वीं बार NASA को मिली बड़ी उपलब्धि

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा एक नए पृथ्वी सूचना केंद्र की अवधारणा पर कार्य कर रही है। जो कि जलवायु परिवर्तन से संबंधित डेटा प्रदान करने में सक्षम होगी। इसके लिए नासा की पहली इक्विटी कार्य योजना प्रकाशित भी है। पांच साल में पहली बार नासा प्राधिकरण अधिनियम पारित किया गया है। वहीं 2022 में लगातार 10वीं बार सार्वजनिक सेवा के लिए साझेदारी के माध्यम से बड़ी एजेंसियों के बीच संघीय सरकार में काम करने के लिए नासा ने सर्वश्रेष्ठ स्थान पाया है। जो कि पिछले एक दशक से नासा की उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है।

2023 में भी बहुत कुछ

2023 में भी बहुत कुछ

2023 में भी नासा ने कई अहम मिशन प्लान कर रखे हैं। वेब टेलिस्कोप से अधिक आश्चर्यजनक तस्वीरें हमें इस वर्ष मिलने वाली हैं। इन्हीं में से एक जलवायु मिशन होगा। ये हमें बताएगा कि पृथ्वी कैसे बदल रही है। इसको लेकर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर प्रयास जारी हैं। एक्स-59 के साथ वैमानिकी के विकास को आगे बढ़ा रहा है। जबकि X-57 प्रायोगिक विमान, 50 से अधिक वर्षों में चंद्रमा पर जाने वाले पहले अंतरिक्ष यात्रियों के चयन समेत कई योजनाए हैं। नासा के सफल प्रयासों ने अब ये साबित कर दिया है कि अंतरिक्ष को कोई भी कोना हो अब इंसानों की पहुंच से दूर नहीं है।

चंद्रमा पर इंसान बसाने की योजना

चंद्रमा पर इंसान बसाने की योजना

नासा के मानव अंतरिक्ष यान कार्यक्रमों के लिए पहली बार अपने स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। जो कि अंतरिक्ष यात्रियों के लिए बनाए गए किसी भी अंतरिक्ष यान से पहले की तुलना में कहीं अधिक लंबी यात्रा करने में सक्षम है। दावा किया जा रहा है कि 50 से अधिक वर्षों में चंद्र सतह पर मानव जीवन शुरू होगा और चंद्रमा पर पहली महिला उतरेगी। फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अपोलो मिशन के दौरान एकत्रित चंद्र मिट्टी में अरबिडोप्सिस थलियाना पौधों को विकसित किया। जिससे पता चलता है कि चंद्रमा पर पौधों के बढ़ने की क्षमता है। नासा ने एक अनुबंध किया है जिसके तहत लंबे समय तक कम कीमत पर SLS हार्डवेयर उत्पादन और संचालन किया जा सकेगा। इसके अलावा चंद्रमा पर 13 ऐसे स्थानों की खोज की गई है जहां पर चंद्रमा पर अगला अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री आर्टेमिस III के तहत उतरेगा।

लो-अर्थ ऑर्बिट में उपस्थित

लो-अर्थ ऑर्बिट में उपस्थित

नासा प्राधिकरण अधिनियम के तहत स्पेस स्टेशन में अमेरिकी भागीदारी को कम से कम 30 सितंबर, 2030 तक बढ़ा दिया गया। जिससे अब अमेरिका को अगले एक दशक तक स्पेस मिशन का लाभ मिलेगा। नासा ने चंद्रमा, मंगल पर जाने के साथ पृथ्वी की निचली कक्षा में भी अपने मिशनों को सक्रिय रखा है। साल 2022 में नासा ने जलवायु और पृथ्वी विज्ञान को समझने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इस क्षेत्र में अहम प्रयास जारी हैं। नासा के नवीनतम पृथ्वी विज्ञान उपकरण को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन अर्थ सरफेस मिनरल डस्ट सोर्स इन्वेस्टिगेशन, या EMIT में लॉन्च किया गया जो ये पता लगा रहा है कि खनिज धूल ग्रह के ताप और शीतलन को कैसे प्रभावित करती है। इसके साथ ही ये मिशन वायुमंडल में मीथेन का भी पता लगाने में सक्षम है।

नासा के कई देशों से अनुबंध

नासा के कई देशों से अनुबंध

स्पेस एजेंसी ने चंद्रमा और मंगल ग्रह पर अपने मिशन के साथ पूरे सौर मंडल में मौजूद ग्रहों पर अपनी रिसर्च के लिए तैयार एक खाका का संशोधित सेट भी जारी किया है। इसके लिए स्पेस एजेंसी नासा ने जापान और दक्षिण अफ्रीका के साथ दीर्घकालिक चंद्रमा मिशन के लिए पहले ही कुछ अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी थी। इसके अलावा बहरीन, कोलंबिया, इजराइल, नाइजीरिया, रोमानिया, रवांडा और सिंगापुर के साथ आर्टेमिस मिशन के लिए कई अन्य देशों को भी इस समझौते में शामिल किया है।

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