मंगल पर 63 दिनों तक गायब रहा NASA का हेलीकॉप्टर, वैज्ञानिक मानने लगे थे हार, फिर अचानक हुआ चमत्कार
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने 2 महीने से भी अधिक की चुप्पी के बाद अपने इनजेन्युटी मार्स हेलीकॉप्टर से संपर्क कर लिया है। नासा का अपने हेलीकॉप्टर से पूरे 63 दिन बाद संपर्क हुआ है। नासा ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।
नासा ने फरवरी 2021 में मंगल ग्रह पर जीवन की खोज में एक मिशन भेजा था। इस मिशन के तहत एक मिनी हेलीकॉप्टर इनजेन्युटी और प्रीजर्वेंस रोवर मंगल ग्रह पर भेजे गए थे।

इसका टेस्ट फ्लाई 2021 में कामयाब रहा था। इस मिशन के तहत इनजेन्युटी हेलिकॉप्टर 51 उड़ानें पूरी कर चुका है। इसी साल 26 अप्रैल को 1.8 किलो वजनी इंजेन्युटी अपनी 52वीं उड़ान पर था जब इससे संपर्क टूट गया।
नासा ने बताया कि इनजेन्युटी और प्रीजर्वेंस के बीच एक पहाड़ी खड़ी थी, जो ड्रोन और पृथ्वी के बीच रिले के रूप में कार्य करती है। हेलीकॉप्टर को एक छोटी पहाड़ी के ऊपर उड़ान भरना था, इसी दौरान हेलीकॉप्टर का रोवर से संपर्क टूट गया।
आपको बता दें कि रोवर की ही मदद से प्रीजवेंस द्वारा जुटाई गई जानकारी धरती पर पहुंचती है। हेलीकॉप्टर से संपर्क टूट जाने के बाद 63 दिनों तक रोवर से कोई संपर्क नहीं हो सका। हालांकि 28 जून को वैज्ञानिक दोबारा संपर्क साधने में कामयाब रहे। सुखद बात ये है कि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ।
इस मिशन को भेजने वाली टीम के प्रमुख जोश एंडरसन ने बताया कि मंगल ग्रह के जेजेरो क्रेटर इलाके में यह मिशन भेजा गया था। मंगल का यह क्षेत्र काफी पथरीला है, जिसकी वजह से यहां कोई भी मिशन करना काफी मुश्किलों भरा होता है। यही वजह है कि यहां कम्युनिकेशन टूटने का भी खतरा रहता है।
एंडरसन ने कहा कि मिशन में अब तक इनजेनिटी से सुने बिना यह सबसे लंबा समय था। उन्होंने कहा कि इनजेन्युटी हेलीकॉप्टर को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि जब इस तरह की घटना होती है और हमारा उससे संपर्क टूट जाता है तो वह खुद की देखभाल करता है। लेकिन हम सभी को अंततः जवाब सुनकर राहत की अनुभूति हुई।
उन्होंने कहा कि अभी तक जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक ये हेलीकॉप्टर अच्छी स्थिति में है। अगर आगे भी सब सही रहा तो हम हेलीकॉप्टर को अगली उड़ान के लिए तैयार करेंगे।
इनजेन्युटी हेलीकॉप्टर से इतने लंबे समय तक संपर्क ना होने को लेकर नासा ने कहा कि हो सकता है कि हेलीकॉप्टर किसी बड़ी पहाड़ी के पीछे आ गया होगा, जिसकी वजह से वह रोवर से संपर्क नहीं कर पाया।
अब एक बार फिर से अपने हेलीकॉप्टर से संपर्क होने के बाद नासा ने राहत की सांस ली है। नासा के वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस मिशन से मंगल को लेकर कई अहम सुराग मिल सकते हैं।












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