ससुर नारायण मूर्ति और पत्नी का है रूस में व्यापार, इंफोसिस पर घिरे ब्रिटेन के वित्त मंत्री ऋषि सुनक
ब्रिटेन के वित्त मंत्री और देश के अगले प्रधानमंत्री बनने की तरफ कदम बढ़ाने वाले भारतीय मूल के ऋषि सुनक यूक्रेन युद्ध को लेकर घिर गये हैं और उनकी पत्नी के कारोबार की वजह से उनसे सवाल पूछे जा रहे हैं।
लंदन, मार्च 25: भारतीय मूल के ब्रिटिश वित्त मंत्री और इंफोसिस कंपनी के संस्थापक नारायण मूर्ति के दामाद ऋषि सुनक से इन दिनों ब्रिटेन में इंफोसिस कंपनी को लेकर काफी सवाल पूछे जा रहे हैं। जिसके बाद पहली बार ऋषि सुनक ने अपने ऊपर उठ रहे सवालों पर जवाब दिया है और कहा है कि, पत्नी के बिजनेस से उनका कोई लेना-देना नहीं है।

ऋषि सुनक पर उठ रहे सवाल
ब्रिटेन के वित्त मंत्री और देश के अगले प्रधानमंत्री बनने की तरफ कदम बढ़ाने वाले भारतीय मूल के ऋषि सुनक यूक्रेन युद्ध को लेकर घिर गये हैं और उनकी पत्नी के कारोबार की वजह से उनसे सवाल पूछे जा रहे हैं। इंफोसिस कंपनी के रूस में कारोबार होने की वजह से ऋषि सुनक की आलोचना की जा रही है, क्योंकि, इंफोसिस कंपनी में उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति का भी हिस्सा है। ब्रिटिश न्यूज चैनल 'स्काई न्यूज' से बात करते हुए ऋषि सुनक ने साफ तौर पर अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारा है और कहा है कि, पत्नी के व्यापार से उन्हें कोई मतलब नहीं है। ऋषि सुनक से सवाल पूछा गया था कि, ब्रिटेन ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन वो खुद प्रतिबंधों का पालन क्यों नहीं कर रहे हैं?

ऋषि सुनक ने कहा- मतलब नहीं
स्काई न्यूज के साथ एक साक्षात्कार के दौरान इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति के दामाद ऋषि सुनक ने कहा कि, "मैं एक निर्वाचित राजनेता हूं और मैं यहां बात करने के लिए हूं, कि मैं किस-किस चीज के लिए जिम्मेदार हूं। मेरी पत्नी के काम के लिए मैं जिम्मेदार नहीं हूं।" लेकिन, फिर उनसे अगला सवाल पूछा गया, वह रूस पर प्रतिबंध लगाने के लिए दूसरों को सलाह दे रहे हैं, लेकिन अपने परिवार को रूस के खिलाफ कदम उठाने के लिए सलाह क्यों नहीं दे रहे हैं? स्काई न्यूज के एंकर ने ऋषि सुनक से पूछा कि, 'उनकी पत्नी निर्वाचित राजनेता नहीं हैं, लेकिन एक देश के तौर पर अगर ब्रिटेन अपने टैक्सपेयर्स को यूक्रेन की मदद करने के लिए कह रहा है, लेकिन, आपके परिवार को रूस से संभावित लाभ हो सकता है'
‘इंफोसिस के लिए हम जिम्मेदार नहीं’
ऋषि सुनक ने इस सवाल के जवाब में कहा कि, 'मुझे नहीं लगता है कि, यह कोई मामला है। कंपनियों का संचालन उन पर निर्भर है। हमने महत्वपूर्ण प्रतिबंध लगाए हैं और जिन कंपनियों के लिए हम जिम्मेदार हैं, वे उनका पालन कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें पुतिन की आक्रामकता के लिए एक बहुत मजबूत संदेश भेजना चाहिए, लेकिन इंफोसिस हमारे अंदर नहीं है।' जिसके बाद उनसे पूछा गया, कि "क्या आप जानते हैं, कि इंफोसिस रूस में है?" जिसपर ऋषि सुनक ने कहा कि, "मुझे बिल्कुल पता नहीं है, क्योंकि मेरा उस कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है।" आपको बता दें कि, ब्रिटेन के वित्त मंत्री होने के नाते ऋषि सुनक ने एक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने रूस में निवेश करने वाली कंपनियों को बहुत सावधान रहने का निर्देश दिया है, क्योंकि इससे पुतिन शासन का समर्थन होता है। ऋषि सुनक अपने इसी बयान के बाद ब्रिटेन में बुरी तरह से घिर गये हैं और इंफोसिस को लेकर उनसे सवाल पूछे जा रहे हैं।

रूस में व्यापार पर इंफोसिस का बयान
आपको बता दें कि, इंफोसिस ने पहले कहा था, कि उसके पास रूस से बाहर के कर्मचारियों की एक छोटी टीम है, लेकिन स्थानीय रूसी उद्यमों के साथ उसका कोई सक्रिय व्यावसायिक संबंध नहीं है। और रूस में इंफोसिस का ऑपरेशन कई देशों को अपनी सेवाएं प्रदान करता है। हालांकि, इंफोसिस कंपनी की तरफ से यूक्रेन युद्ध में शांति की अपील की गई है। इंफोसिस कंपनी ने कहा कि, "विपत्ति के समय में इंफोसिस कंपनी की एक प्रमुख प्राथमिकत पीड़ितों को समर्थन देना है और कंपनी ने यूक्रेन युद्ध के पीड़ितों के लिए राहत प्रयासों के लिए 1 मिलियन अमरीकी डालर का वादा किया है।"

कौन हैं ऋषि सुनक?
आपको बता दें कि, 12 मई 1980 को जन्मे ऋषि सुनक यूनाइटेड किंगडम के बड़े राजनेता माने जाते हैं, जिन्होंने फरवरी 2020 में ब्रिटेन के वित्तमंत्री का कार्यभार संभाला था। वह कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्य हैं और 2019 से 2020 तक ट्रेजरी के मुख्य सचिव के रूप में भी कार्य किया। ऋषि सुनक 2015 से उत्तरी यॉर्कशायर में रिचमंड (यॉर्क) सीट से संसद सदस्य हैं और साउथेम्प्टन में पूर्वी अफ्रीका से आए भारतीय माता-पिता के संतान हैं। उनके माता पिता पूर्वी अफ्रीका से यूनाइटेड किंगडम गये थे। ऋषि सुनक ने अपनी शिक्षा विनचेस्टर कॉलेज से प्राप्त की और बाद में उन्होंने लिंकन कॉलेज, ऑक्सफोर्ड में दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की और बाद में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से फुलब्राइट स्कॉलर के रूप में एमबीए किया।

पंजाब से अफ्रीका गये थे माता-पिता
ऋषि सुनक के माता पिता मूल रूप से भारत के पंजाब के रहने वाले थे और वो बाद में पूर्वी अफ्रीका चले गये थे, लेकिन फिर वो पूर्वी अफ्रीका से लंदन आ गये। ऋषि सुनक के पिता एक डॉक्टर थे, जबकि उनकी मां एक केमिस्ट थीं और दवा की दुकान चलाती थीं। राजनीति में कदम रखने से पहले ऋषि सुनक एक इन्वस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स और हेज फंड में काम करते थे और बाद में उन्होंने अपनी इन्वेस्टमेंट कंपनी भी बनाई। बाद में ऋषि सुनक की बनाई कंपनी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म की बाजार वैल्यू करीब 10 करोड़ पाउंड से भी ज्यादा हो गई।

गीता पर हाथ रखकर शपथ
आपको बता दें कि ब्रिटेन में काफी मशहूर हो चुके ऋषि सुनक 2017 से ही श्रीमद्भागवत गीता पर हाथ रखकर अपने पथ की शपथ लेते आए हैं और उनकी उम्र अभी सिर्फ 41 साल है। उनका परिवार पहले भारत से ईस्ट अफ्रीका गया था और फिर ईस्ट अफ्रीका से ब्रिटेन आ गया था। उनका संबंध एक साधारण परिवार से रहा है, लिहाजा ब्रिटेन के आम नागरिकों के बीच वो काफी पसंद किए जाते हैं और उनके काम को लेकर उनकी काफी तारीफ होती है। 2020 में भी जब ब्रिटेन की एक प्राइवेट कंपनी ने सर्वे करवाया था तो ब्रिटेन की करीब 60 प्रतिशत जनता ने ऋषि सुनक को अपना पसंदीदा प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बताया था। और ब्रिटेन में ऋषि सुनक को देश के अगले प्रधानमंत्री के तौर पर देखा जाता है।












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