2 मुंह और 4 आंख वाली रहस्यमयी मछली अपने आप झील से आई बाहर, पहला VIDEO आया सामने
नई दिल्ली: समुद्र के अंदर सिर्फ मछलियों की हजारों प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें से बहुत के बारे में इंसानों को अभी ढंग से पता भी नहीं है। कुछ वक्त पहले एक झील से अजीबोगरीब मछली निकली थी, जिसके दो मुंह और चार आंखें थीं। कोई इस मछली को दैत्य बता रहा, तो कोई एलियंस। इसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। साथ ही वैज्ञानिकों ने कुछ हद तक इसकी गुत्थी सुलझा ली है। (वीडियो-नीचे)

मुंह खुलने पर ज्यादा डरावनी
वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि मछली का पूरा शरीर सामान्य मछलियों की तरह है, लेकिन उसके दो मुंह और चार आंखें हैं। उसके दोनों मुंह खुले थे, ऐसे में वो बहुत ज्यादा डरावनी लग रही थी। साथ ही उसकी बड़ी-बड़ी आंखों ने भी सबको हैरान कर दिया। कई सोशल मीडिया हैंडल्स से इसके वीडियो को शेयर किया गया है, जो तेजी से वायरल हो रहा।

लोगों ने दिया ऐसा रिएक्शन
एक शख्स ने इस वीडियो पर कमेंट कर लिखा कि मुझे तो लग रहा कि ये मछली नहीं कोई दैत्य है, जो गलती से झील से बाहर आ गया। इसके बाद एक अन्य यूजर ने इसे दूसरे ग्रह से आई मछली बताई। उन्होंने लिखा कि मैंने समुद्र में बहुत सी मछलियां देखीं, लेकिन कभी दो मुंह वाली मछली नहीं मिली। इसके साथ जरूर कुछ गड़बड़ है।

क्यों पड़ा चेर्नोबिल नाम?
ये मछली यूक्रेन के चेर्नोबिल की झील से मिली, इस वजह से इसे "चेर्नोबिल मछली" कहा जा रहा। वैज्ञानिकों को भी इसे देखकर यकीन नहीं हुआ था, जिसके बाद तुरंत इसके सैंपल लैब में भेजे गए। वहां से कई हैरान कर देने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पानी के प्रदूषण की वजह से ये मछली विकृत पैदा हुई। आमतौर पर विकृत मछलियां कम उम्र में मर जाती हैं, लेकिन ये वयस्क हुई।

जीवविज्ञानी ने कही ये बात
मामले में दक्षिण कैरोलिना विश्वविद्यालय के जीवविज्ञानी डॉ. टिमोथी मूसो ने कहा कि अधिकांश विकिरणकम विकास, अस्तित्व और प्रजनन क्षमता की ओर ले जाते हैं। ऐसे म्यूटेंट बड़े होने के लिए पर्याप्त समय तक जीवित नहीं रहते। उन्होंने चेर्नोबिल और फुकाशिमा का बड़े पैमाने पर अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि अगर रेडिएशन और प्रदूषण इसकी वजह है, तो विस्तार से परीक्षण जरूरी है।

क्या वो घाव है?
एक वैज्ञानिक ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि मछली का दूसरा मुंह घाव रहा हो, जो अनुचित तरीके से ठीक हो गया। उन्होंने चेर्नोबिल न्यूक्लियर प्लांट के पास मछली नहीं पकड़ने की अपील की, क्योंकि वहां पर परमाणु हादसे के बाद रेडिएशन फैला था। जिस वजह से जीवों में काफी विकृतियां हो गईं।












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