CORONA: रूस में खिड़की से डॉक्टर के गिरने का दूसरा हादसा, एक की मौत, दूसरी की हालत गंभीर

नई दिल्ली: कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया में बढ़ता जा रहा है। कोरोना से रूस भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जहां अब तक 87 हजार से ज्यादा मरीज सामने आ चुके हैं। वहीं दूसरी ओर रूस में दो डॉक्टरों के साथ हुए रहस्यमयी हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों दो अलग-अलग इमारतों की खिड़की से गिरे थे, जिसमें से एक डॉक्टर की मौत हो गई है, जबकि दूसरे का आईसीयू में इलाज चल रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दोनों डॉक्टरों से सरकार और प्रशासन नाराज चल रहा था।

पीपीई किट की कमी का उठाया था मुद्दा

पीपीई किट की कमी का उठाया था मुद्दा

जानकारी के मुताबिक रूस की डॉक्टर येलेना नेपोम्न्याश्चाया (47) ने शनिवार को वहां के स्वास्थ्य मंत्री के साथ बात की थी। इस दौरान उन्होंने क्रास्नोयार्स्क अस्पताल में बेड और उपकरणों की कमी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बताया था कि क्रास्नोयार्स्क अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए सिर्फ 80 बेड की व्यवस्था की गई है। वहीं डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के पास पीपीई किट की भी कमी है, जबकि सरकार की ओर से दावा किया गया था कि क्रास्नोयार्स्क अस्पताल पूरी तरह से कोरोना से लड़ने को तैयार है। जिसके बाद 26 अप्रैल को वो पांचवे मंजिल पर स्थित अपने ऑफिस की खिड़की से अचानक गिर गईं। उन्हें आईसीयू में भर्ती करवाया गया है। जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

सरकार ने खबरों का किया खंडन

सरकार ने खबरों का किया खंडन

वहीं सरकार ने मीडिया में चल रही खबरों का खंडन किया है। सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक हो सकता है कि वो किसी वजह से परेशान रही हों और ये हादसा हुआ हो। वहां उनके साथ क्या हुआ इस पर अभी कुछ भी साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता है। प्रवक्ता के मुताबिक हादसे के वक्त अस्पताल में कोरोना का कोई भी मरीज नहीं था। कोरोना के चलते अस्पताल को हाईअलर्ट पर रखा गया था।

कोरोना को रोकने में असफल रहे थे डॉक्टर नताल्या

कोरोना को रोकने में असफल रहे थे डॉक्टर नताल्या

वहीं इससे पहले रूस के स्टार सिटी में डॉक्टर नताल्या लेबेदेवा फेडरल बॉयोमेडिकल एजेंसी में छठें फ्लोर से गिर गए थे। मास्को में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। डॉक्टर नताल्या से सरकार नाराज थी क्योंकि वो कोरोना के बढ़ते प्रकोप को रोकने में असफल रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक डॉ. लेबेदेवा मेडिकल सेनिटेरी यूनिट में इमरजेंसी डिपार्टमेंट के हेड थे। वे स्टार सिटी में मिले पहले कोरोना मरीज का इलाज करने वाली टीम में शामिल थे। इसके बाद उनसे संबंधित कई लोगों को कोरोना हुआ था। इन दोनों घटनाओं ने अब कई सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं पुलिस मामले में जांच की बात कह रही है।

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