ब्रह्मोस पर आया म्यांमार का दिल, भारत से खरीद सकता है यह घातक मिसाइल, ड्रैगन को लगेगा झटका
नई दिल्ली, 03 अगस्तः भारत ने अपने ही देश में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल को बाहर बेचना शुरू कर दिया है। हथियारों के अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत अब एक खरीदार के तौर पर नहीं, बल्कि एक बड़े खिलाड़ी के तौर पर उतर रहा है। फिलीपींस को ब्रह्मोस बेचने के बाद अब भारत ने म्यांमार को यह घातक मिसाइल देने का फैसला किया है।

रूसी समाचार एजेंसी तास ने दी जानकारी
रूसी समाचार एजेंसी TASS द्वारा 2 अगस्त, 2022 को प्रकाशित जानकारी के अनुसार, म्यांमार रूसी-भारतीय ब्रह्मोस सुपरसोनिक एंटी-शिप क्रूज मिसाइल खरीद सकता है, जिसका निर्माण दोनों देशों के संयुक्त उद्यम ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा किया जा रहा है। भारत ने एशिया में चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल बेचने का फैसला किया है।

सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है ब्रह्मोस
ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है जो ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा निर्मित है। इसे भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के साथ साझेदारी में रूसी NPO Mashinostroyenia द्वारा डिजाइन किया गया था। मिसाइल का पहला परीक्षण 2001 में हुआ था और आज इसके विभिन्न संस्करण भारतीय वायु सेना, नौसेना और सेना द्वारा संचालित हैं।

फिलीपींस ने खरीदा है ब्रह्मोस
हाल ही में भारत ने फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाल बेची हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लगभग तीन दर्जन और देश भारत से हथियार खरीद रहे हैं। इनमें से बहुत सारे देश वो हैं, जिनका चीन के साथ विवाद चल रहा है। फिलीपींस भी इन देशों में शामिल है। भारत ने फिलीपींस के साथ लगभग 375 मिलियन डॉलर्स का एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौता किया है, जिसके तहत फिलीपींस को भारत में बनी ब्रह्मोस मिसाइल दी जाएंगी।

इंडोनेशिया ने भी ब्रह्मोस खरीदने की चताई इच्छा
इससे पहले इंडोनेशिया ने भी भारत से ब्रह्मोस खरीदने की दिलचस्पी दिखाई थी। दोनों देशों के बीच यह सौदा इस साल के अंत तक हो सकता है। भारत से ब्रह्मोस आयात करने वाला इंडोनिशिया, आसियान का दूसरा देश होगा। 2018 में सबसे पहले ये रिपोर्ट आयी थी कि इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस खरीदने को इच्छुक है। जनवरी 2018 में नई दिल्ली में आसियान समिट के दौरान आसियान देशों ने भारत से ब्रह्मोस और आकाश मिसाइल खरीदने की इच्छा जताई थी।

दुनिया की सबसे घातक क्रूज मिसाइल
ब्रह्मोस भारत और रूस की ओर से विकसित दुनिया की सबसे तेज और सबसे घातक क्रूज मिसाइल है। भूमि, समुद्र, पानी के नीचे और वायु प्लेटफार्मों से लॉन्ट एंटी-शिप और लैंड-अटैक क्षमता वाले 'यूनिवर्सल' ब्राह्मोस वेपन सिस्टम को खास तरह से डिजाइन किया गया है। डीआरडीओ की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, ब्रह्मोस उड़ान के माध्यम से सुपरसोनिक गति के साथ 290 किमी की सीमा तक टारगेट हिट कर सकती है। इसे हवा, जमीन, समुद्र और पानी के नीचे के प्लेटफार्मों से लॉन्च किया जा सकता है।

मलेशिया से भी चल रही बात
ब्रह्मोस मिसाइल तीनों ही विंगों में शामिल है। वायुसेना ने अपने सुखोई-30 लड़ाकू विमानों में से करीब 40 को ब्रम्होस से लैस किया है। युद्ध की स्थिति में यह मिसाइल दुश्मन के कैंप में भारी तबाही मचा सकती है। ब्रह्मोस को 30 करोड़ डॉलर के बजट में तैयार किया गया है। ब्रह्मोस बेचने के मामले में इंडोनेशिया के अलावा मलेशिया से भी भारत की बातचीत चल रही है। हालांकि ये बातचीत अभी शुरुआती चरण में है।












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