तालिबान जवानों को ट्रेनिंग के लिए भारत भेजने को तैयार, कहा- पाकिस्तान को अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं करने देंगे
तालिबान अपने सैनिकों को भारत में ट्रेनिंग देना चाहता है। तालिबान चाहता है कि उसके जवान भारत में सैन्य प्रशिक्षण लें और युद्ध से जुड़ी बारीकियों को सीखें।
काबुल, 05 जूनः तालिबान अपने सैनिकों को भारत में ट्रेनिंग देना चाहता है। तालिबान चाहता है कि उसके जवान भारत में सैन्य प्रशिक्षण लें और युद्ध से जुड़ी बारीकियों को सीखें। तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर के बेटे और अफगानिस्तान के सर्वशक्तिमान रक्षामंत्री मुल्ला याकूब ने सैन्य प्रशिक्षण के लिए अफगान सेना के जवानों को भारत भेजने की इच्छा व्यक्त की है।

ट्रेनिंग के लिए जताई सहमति
मुल्ला याकूब ने कहा कि तालिबान भारत के साथ संबंधों को मजबूत करना चाहता है। उन्होंने अफगान सैन्य बलों को ट्रेनिंग के लिए दोबारा भारत भेजने की भी इच्छा जाहिर की है। न्यूज 18 से बातचीत के दौरान मुल्ला याकूब से जब पूछा गया कि कई साल से अफगान सैनिकों को भारत में ट्रेनिंग दी जाती रही है। अब अफगानिस्तान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है। अगर आपको मौका दिया जाए तो क्या आप सैनिकों को दोबारा भारत भेजना चाहेंगे?

भारत-अफगान संबंध हों मजबूत
इस पर जवाब देते हुए याकूब ने कहा, 'हां, हमें इसमें कोई समस्या नहीं है। अफगान-भारत संबंध मजबूत हों और इसके लिए जमीन तैयार करें। इसमें कोई दिक्कत नहीं है।' याकूब से जब पूछा गया कि पिछली सरकार के कई अफगान सैनिक, जिन्हें भारत में ट्रेनिंग दी गई, अभी भी भारत में हैं। अगर वे वापस लौटते हैं तो क्या आप उन्हें सेना में दोबारा शामिल करने के लिए तैयार हैं?

सैनिकों से लौटने का किया अनुरोध
इस पर याकूब ने कहा कि तालिबान सरकार ने इस पर कुछ काम किए हैं और विदेशों में मौजूद सभी अफगानों से लौटने का अनुरोध किया है। उनमें से कई लौट चुके हैं और अपना दायित्व निभा रहे हैं। ऐसे जवान जो भारत में रह गए हैं, हमें इसकी जानकारी है और हम उनसे लौटने का आह्वान करते हैं। किसी को न छोड़ना ही अफगान परंपरा है और हम इसके प्रति वचनबद्ध हैं।

भारत का जताया आभार
मुल्ला याकूब ने कहा कि हम भारत की ओर से भेजी गई मदद की सराहना करते हैं और आभार व्यक्त करते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि भारत अफगानिस्तान के लोगों को अपनी सहायता जारी रखेगा। मुल्ला याकूब ने आगे कहा कि जब हमारे बीच सौहार्दपूर्ण राजनीतिक और कूटनीतिक संबंध होंगे तभी हम रक्षा संबंधों के लिए तैयार होंगे। न तो इसमें कोई समस्या होगी और न ही इमसें हमें कोई समस्या नजर आती है।

भारत-पाक के बीच नहीं आएगा देश
पाकिस्तान के साथ मौजूदा रक्षा संबंधों के सवाल पर याकूब ने कहा कि वे भारत सहित सभी पड़ोसी देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध चाहते हैं। भारत और पाकिस्तान के मुद्दे पर याकूब ने कहा कि वह इन दोनों देशों के द्विपक्षीय मामलो में हस्तक्षेप करना नहीं चाहता। इसके साथ ही याकूब ने कहा कि हम पाकिस्तान को भारत के खिलाफ अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल हरगिज नहीं करने देंगे और न ही हिन्दुस्तान को अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ करने देंगे। हम एक स्वतंत्र देश हैं और हमारी विदेश नीति हमारे राष्ट्रीय हितों से निर्देशित होती है।












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