ISIS आतंकी की मां ने प्रधानमंत्री मोदी को कहा दयालु, बेटी के लिए मांगी रहम की भीख
आतंकी फातिमा की मां बिंदू संपत ने कहा है कि इस साल जब अफगानिस्तान से अमेरिका की फौज वापस चली जाएगी तो उन्हें डर है कि कहीं उनकी बेटी तालिबान के कब्जे में ना चली जाए।
नई दिल्ली, जून 16: अफगानिस्तान की जेल में बंद आईएसआईएस आतंकी और केरल की रहने वाली निमिशा ऊर्फ फातिमा की मां ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बेहद दयालु हैं और वो उनकी बेटी को माफ कर देंगे। फातिमा की मां को उम्मीद है कि मोदी सरकार उनकी बेटी पर रहम खाएगी और माफ कर देगी। आपको बता दें कि आईएसआईएस आतंकी निमिशा ऊर्फ फातिमा अफगानिस्तान की जेल में बंद है और उसके शौहर की मौत इस्लामिक स्टेट पर हुए एक हमले में हो चुकी है। (सभी तस्वीर-फाइल)

बेटी के लिए पीएम से अपील
दरअसल, आईएसआईएस आतंकी निमिशा ऊर्फ फातिमा की मां का नाम बिंदू संपत है और फातिमा अफगानिस्तान की जेल में बंद है। वो केरल की रहने वाली थी और भारत से भागकर आईएसआईएस में शामिल होने के लिए अफगानिस्तान चली गई थी। लेकिन अब वो अफगानिस्तान की जेल में बंद है। और रिपोर्ट है कि भारत सरकार ने उसे वापस भारत लाने से इनकार कर दिया है। जिसपर फातिमा की मां बिंदू संपत ने कहा है कि 'मैंने सुना है कि प्रदानमंत्री मोदी बहुत दयालु इंसान हैं और मुझे उनपर पूरा भरोसा है।' दरअसल, रिपोर्ट है कि मोदी सरकार ने आतंकी संगठन में शामिल होने वाली चारों महिलाओं को भारत नहीं आने देने का फैसला किया है। ये चारों महिलाएं केरल की रहने वाली थीं और अफगानिस्तान के जेल में बंद हैं। ये चारों महिलाएं केरल से भागकर अफगानिस्तान के खुरासान प्रांत में अपने पति के साथ गईं थीं और फिर इन्होंने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ज्वाइन कर लिया था।

गृहमंत्री को मेल लिखकर अपील
आतंकी फातिमा की मां बिंदू संपत ने कहा है कि इस साल जब अफगानिस्तान से अमेरिका की फौज वापस चली जाएगी तो उन्हें डर है कि कहीं उनकी बेटी तालिबान के कब्जे में ना चली जाए। लिहाजा उन्होंने केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह को मेल लिखा था और अपील की थी कि उनकी बेटी को अफगानिस्तान की जेल से वापस लाने की इजाजत दें। वहीं, बिंदू संपत ने केन्द्र सरकार से मदद मांगने के साथ साथ कानूनी सहारा लेने का भी फैसला किया है और सुप्रीम कोर्ट की कुछ वकीलों से संपर्क भी किया है, जिन्होंने बिंदू से कहा है कि उनके पास फातिमा को अफगानिस्तान से वापस लाने के लिए कानूनी विकल्प बचा हुआ है।

हिन्दू से मुस्लिम बनी थी निमिशा
आपको बता दें कि आईएसआईएस आतंकी निमिशा पहले हिंदू थी लेकिन बाद में उसने इस्लाम धर्म को स्वीकार कर लिया था और फिर अपना नाम बदलकल फातिमा रख लिया था। वो केरल की रहने वाली थी और फिर वो जिहाद लड़ने के लिए भारत से भागकर अफगानिस्तान पहुंच गई थी। रिपोर्ट है कि उसने कथित तौर पर आईएसआईएस के एक आतंकी से निकाह कर लिया था और फिर उसने एक बच्चे को भी जन्म दिया था। लेकिन, बाद में उसका शौहर सैन्य कार्रवाई के दौरान मारा गया था, जिसके बाद फातिमा ने अन्य महिलाओं के साथ आत्मसमर्पण कर दिया था।

जेल में सैकड़ों आतंकी
अफगानिस्तान सुरक्षा निदेशालय के प्रमुख अहमद जिया सरज के मुताबिक अफगानिस्तान की अलग अलग जेलों में 13 देशों के 408 इस्लामिक स्टेट के सदस्य बंद हैं। जिनमें भारत के चार, चीन के 16, पाकिस्तान के 299, बांग्लादेश के 2 और मालदीव के भी 2 कैदी हैं। अफगानिस्तान सरकार ने कहा है कि इस्लामिक स्टेट के कैदियों को उनके देश भेजने के लिए सभी 13 देशों के साथ उनकी बातचीत हो रही है। हालांकि, नई दिल्ली स्थिति अफगानिस्तान के अधिकारियों ने इस मुद्दे पर बात करने से मना कर दिया है। वहीं, काबुल में अधिकारियों का कहना है कि वो भारत सरकार के फैसले का इंतजार कर रहा

वापस नहीं आने देगी सरकार
पिछले हफ्ते की द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक भारत सरकार इन चारों महिलाओं को वापस भारत आने नहीं देना चाहती है। द हिंदू ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि सरकार के अलग अलग एजेंसियों के बीच इस मुद्दे पर एक सहमति नहीं बन पाई है और इस बात की उम्मीद काफी कम है कि उन्हें वापस भारत आने की इजाजत दी जाए। रिपोर्ट के मुतिबिक, जब इन महिलाओं ने आत्मसमर्पण कर दिया था, उसके बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसी के अधिकारियों ने दिसंबर 2019 में इन महिलाओं से मुलाकात की थी। ये चारों महिलाएं अपने बच्चों के साथ अफगानिस्तान की जेल में बंद हैं।

महिलाओं की सोच है कट्टरपंथी
अधिकारियों के मुताबिक इन महिलाओं को सरकारी गवाह बनाने और घर वापसी के लिए विचार किया गया था और फिर अफगानिस्तान में इनसे भारतीय अधिकारियों ने मुलाकात भी की थी। लेकिन मुलाकात के दौरान पता चला था कि इन महिलाओं की सोच काफी ज्यादा कट्टरपंथी है ऐसे में भारत सरकार ने फैसला किया है कि अफगानिस्तान के अधिकारियों से उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की अपील की जाएगी। वहीं, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के कहने पर इंटरपोल ने भी इनके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था। भारतीय नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी यानि एनआईए ने 2017 में एक चार्जशीट दाखिल किया था, जिसमें 21 महिलाओं और पुरूषों के नाम थे और सभी के सभी केरल के रहने वाले थे, जिनमें सोनिया सेबेस्टियन उर्फ आयशा का नाम भी था। ये सभी लोग 2016 में भारत से भागे थे और फिर इन सभी लोगों ने अफगानिस्तान जाकर आईएसआईएस ज्वाइन कर ली थी। ये सभी ईरान के रास्ते पैदल चलते हुए अफगानिस्तान तक पहुंचे थे।












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