चंद्रमा की वो फोटो जिसे पाने में साइंटिस्ट्स के छूटे पसीने, 2 साल में मिली खास तस्वीर
नई दिल्ली, 26 अगस्त। चांद्रमा पर ऐसे ही लोग आशियाना बनाने का सपना देखते। ब्रह्मांड में चांद वो उपग्रह जिसे खूबसूरती का एक मानक माना गया है। जब भी सुंदरता की बात आती है तो उसकी तुलना हम चांद के सापेक्ष करते हैं। वाकई चांद की सुंदरता ही उसकी पहचान है। चांद्रमा के आगे खुद उसकी ही फोटो फीकी पड़ जाती है। ऐसे में साइंटिस्ट्स ने चांद की एक ऐसी फोटो लेने की योजना पर काम किया जिसके आगे इस खूबसूरत उपग्रह दूसरी सारी फोटो फेल हो जाए। इस योजना पर कामयाबी तो मिली लेकिन एक तस्वीर लेने में लंबा वक्त लग गया।\

एक फोटो में 2 साल लगे
चंद्रमा की इस तस्वीर में उपग्रह के बारे में सबकुछ स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इसे एस्ट्रोफोटोग्राफर्स स्पेस फोटोग्राफी करने वाले एंड्र्यू मैक्कार्थी और प्लैनेटरी साइंटिस्ट कोनर मैथर्न ने लिया है। चांद की इस खास तस्वीर लेने में 2 साल लग गए। इसके लिए एंड्र्यू ने 2 लाख फोटो एरिजोना से लिया जबकि कोनर ने 500 फोटोग्राफ्स लुइसियाना से। कोनर ने फोटो के कलर डेटा और एंड्र्यू ने फोटो के डिटेल्स पर काम किया।

2 लाख से ज्याद स्नैप्स में ली गई फोटो
दो एस्ट्रोफोटोग्राफर्स ने दो साल तक साइंटिस्ट्स के बताए गए एंगल्स के पर 2 साल कड़ी मेहनत की। चंद्रमा की जो खास तस्वीर जारी की गई है उसे बनाने में एस्ट्रोफोटोग्राफर्स के साथ स्पेस साइंटिस्ट्स के पसीने छूट गए। चंद्रमा की एक स्पष्ट फोटो के लिए 2 लाख से ज्यादा स्नैप्स लिए गए। अगर इन 2 सालों में दिन के हिसाब से तस्वीरों की गिनती करेंगे तो ये 274 फोटोग्राफ्स प्रतिदिन होगी। एंड्र्यू मैक्कार्थी ने इस फोटो को लेकर अपने ट्वीट में लिखा, 'दो साल पहले, मैंने साथी खगोल फोटोग्राफर और ग्रह वैज्ञानिक @MatherneConnor के साथ मिलकर काम किया। ये विस्तृत चंद्रमा की छवि को कैप्चर करने के लिए जो हम कर सकते थे। पिछले कुछ महीनों में हमने कुछ और स्पष्ट करने के लिए फिर से काम किया है।'

बिना टेलीस्कोप के ली गई तस्वीर
इस फोटो की एक और खासियत ये है कि ये बिना किसी टेलिस्कोप की मदद से ली गई है। इस फोटो को अब तक उपलब्ध चंद्रमा की तस्वीरों में सबसे स्पष्ट फोटो का दर्जा मिला है। इस तस्वीर के लिए एस्ट्रोफोटोग्राफर्स ने कई एंगल सेट करके स्नैप्स लिए। ये फोटो स्पेस फोटोग्राफी करने वाले एंड्र्यू मैक्कार्थी और प्लैनेटरी साइंटिस्ट कोनर मैथर्न ली है। इसके लिए दोनों ने सिर्फ एक कैमरा, ट्राईपॉड और स्टार ट्रैकर की मदद ली।

'द हंट फॉर अर्टेमिस'
खूबसूरत उपग्रह की सबसे बेहतरीन तस्वीर को अलग नाम दिया गाया है। तस्वीर का रेजोल्यूशन 174 मेगापिक्सेल है। एंड्र्यू मैक्कार्थी और प्लैनेटरी साइंटिस्ट कोनर मैथर्न 'द मोस्ट रिडिकुलसली डिटेल्ड पिक्चर' कह रहे हैं। इस तस्वीर को 'द हंट फॉर अर्टेमिस'नाम दिया गया है। चंद्रमा की ये फोटो अब सोशल मीडिय के ट्विटर प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही है।

फोटो को लेकर क्या कहते हैं साइंटिस्ट?
चंद्रमा कि 174 मेगापिक्सेल वाली तस्वीर उपग्रह पर लाल और गनमेटल ब्लू रंग का असर दिख रहा है। चंद्रमा का पृथ्वी की साइड वाला हिस्सा चमकता हुआ दिख रहा है। साइंटिस्ट्स की मानें तो चंद्रमा पर लाल रंग का लोहा (Iron) और फेल्डस्पार (Feldspar) का है, जो कि ऑक्सीडाइज्ड हो चुका है। जिसके कारण इसका कलर बदला है। जबकि नीले रंग के हिस्से में भारी मात्रा में टाइटेनियम की मौजूदगी है। साइंटिस्ट्स ने कहा कि अंतरिक्ष के हर रंगों को देखने के लिए हमारी आंखें सक्षम नहीं हैं। दावा किया जा रहा है कि चांद का असली यही है।












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