अमेरिका में हर साल 8 लाख लोगों की गलत इलाज से होती है मौत... सुपरपावर की कलंकित मेडिकल व्यवस्था
US Public Health Emergency: अमेरिका में हर साल करीब 7 लाख 95 हजार लोग गलत इलाज मिलने की वजह से या तो मर जाते हैं, या फिर स्थायी विकलांग हो जाते हैं।
जॉन्स हॉपकिन्स आर्मस्ट्रांग इंस्टीट्यूट सेंटर फॉर डायग्नोसिस एक्सीलेंस ने अमेरिका में होने वाले इलाज को लेकर एक रिसर्च किया है, जिसमें अमेरिका की खतरनाक इलाज व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। इस रिसर्च से पता चला है, कि अनुमानित 3 लाख 71 हजार रोगियों की हर साल गलत इलाज की वजह से मौत हो जाती है और 4 लाख 24 हजार लोग स्थायी तौर पर विकलांग हो जाता हैं, क्योंकि उनकी बीमारी कुछ और होती है, मगर इलाज कुछ और किया जाता है।

अमेरिका में हेल्थ सिस्टम की खुली पोल
रिपोर्ट में कहा गया है, "यह अनुमान कई पूर्व अध्ययनों से प्राप्त आंकड़ों से मेल खाता है, जो एम्बुलेटरी क्लीनिक और आपातकालीन विभागों और इनपेशेंट देखभाल के दौरान इलाज में की जाने वाली लापरवाही और गलतियों पर केंद्रित है।"
इस स्टडी रिपोर्ट को करने वाले प्रमुख डॉक्टर डॉ. डेविड न्यूमैन-टोकर ने कहा, कि "ये निष्कर्ष सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल की पोल खोल रहे हैं।" उन्होंने कहा, कि 'अमेरिका में गलत इलाज सबसे बड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट है।'
दिलचस्प बात यह है, कि रिपोर्ट जारी होने तक, अमेरिकी जनता को पता ही नहीं था, कि देश के अस्पतालों में गलत इलाज किया जाता है।
न्यूमैन-टोकर ने यूएसए टुडे को बताया, कि डॉक्टर अक्सर मरीजों का गलत इलाज करते हैं। उन्होंने कहा, कि मरीजों के लक्षण कुछ होते हैं और उनका इलाज किसी और चीज का किया जाता है।
उन्होंने कहा, "जब किसी को एक तरफ से लकवा मार जाता है और वह बात नहीं कर पाता तो हम स्ट्रोक का इलाज करने लगते हैं और हमें मरीज को लगवा हुआ है, इसका पता तब चलता है, जब उनमें कई और लक्षण दिखने लगते हैं।"
कितनी बार मरीज़ों का गलत इलाज किया जाता है?
रिपोर्ट में कहा गया है, कि डॉक्टर कम से कम 11 प्रतिशत मामलों में मरीज को गलत बीमारी बता देते हैं और उनका गलत इलाज करते रहते हैं।
उन्होंने कहा, कि कुछ बीमारियां, जो खतरनाक नहीं होती हैं, उनमें मरीज बच भी जाते हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में मरीजों की मौत हो जाती है।
उन्होंने कहा, कि दिल की बीमारियों का सही इलाज किया जाता है, क्योंकि इसके लिए अमेरिका के पास एक से बढ़कर एक साधन मौजूद हैं, लेकिन रीढ़ और फोड़े जैसी बीमारियों का गलत इलाज किया जाता है, क्योंकि डॉक्टर्स, इन बीमारियों की पहचान ही नहीं कर पाते हैं।
शोधकर्ताओं का कहना है कि अमेरिका में स्ट्रोक सबसे आम तौर पर गलत इलाज की जाने वाली बीमारी है।
अध्ययन से पता चलता है कि 17.5 प्रतिशत मौके पर डॉक्टर स्ट्रोक की पहचान नहीं कर पाए। न्यूमैन-टोकर ने कहा, कि चूंकि कुछ मरीज़ स्ट्रोक के लक्षण के रूप में चक्कर आना और वर्टिगो दिखाते हैं, इसलिए डॉक्टर अक्सर उन्हें इंटरनल कान की बीमारी के रूप में गलत इलाज करते हैं।












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