Pics: थैंक्यू अमेरिका के साथ ही कई उम्मीदों के साथ भारत रवाना मोदी
वाशिंगटन। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पांच दिवसीय अमेरिकी दौरा मंगलवार को बराक ओबामा के साथ दो घंटे तक चली शिखर वार्ता के साथ ही खत्म हो गया।
ओबामा और मोदी की मुलाकात के साथ ही भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को लेकर एक नई उम्मीद न सिर्फ भारत बल्कि अमेरिका में रणनीति के जानकारों को जगी है।
जिस तरह से बराक ओबामा ने गर्मजोशी के साथ वाशिंगटन में मोदी का स्वागत किया, उसके बाद अमेरिकी जानकार मानने लगे हैं कि अमेरिका अब भारत के साथ अपने संबंधों को फिर से रचना चाहता है।
मोदी अब देश वापसी की राह पर हैं और वह यहां पर आते ही फिर से अपने कामों में लग जाएंगे। लेकिन मोदी और ओबामा दोनों ही इस बात की उम्मीद कर रहे हैं कि भारत और अमेरिका के बीच होने वाला व्यापार इस शिखर वार्ता के बाद 500 बिलियन डॉलर का हो पाए।

मोदी की हर बात को सुना ओबामा ने
मंगलवार को जब ज्वाइंट प्रेस कांफ्रेस हुई तो उसमें मोदी की हर बात को ओबामा ने काफी ध्यान से सुना।

मोदीे से प्रभावित ओबामा
बराक ओबामा ने मीडिया के सामने कहा कि जिस तरह से मोदी देश की आर्थिक तरक्की और इसके विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं उससे वह काफी प्रभावित हैं।

हिंदी में बोले मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ओबामा के साथ अपनी मुलाकात के बाद एक ज्वाइंट स्टेटमेंट जारी कर रहे थे तो उन्होंने पूरी तरह से हिंदी में बात की।

थैंक्यू अमेरिका
मोदी ने ‘यूएस इंडियन बिजनेस काउंसिल' (यूएसआईबीसी) द्वारा आयोजित एक समारोह में अपने आधिकारिक कार्यक्रम को संपन्न करते हुए कहा, ‘थैंक यू अमेरिका।' इसके बाद वह सीधे एंड्रूज एयरफोर्स बेस रवाना हो हो गए, जहां से एयर इंडिया वन में उन्होंने नई दिल्ली के लिए उड़ान भरी

साथ-साथ बिताया काफी समय
सोमवार की शाम ओबामा ने मोदी के सम्मान में एक आधिकारिक रात्रिभोज का आयोजन किया था और दोनों ने लगभग दो घंटे तक ओवल ऑफिस में बैठक की। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री एक साथ मार्टिन लूथर किंग जूनियर के स्मारक पर पहुंचे।

क्या कहते हैं जानकार
इस दौरान मोदी के साथ जाने के ओबामा के फैसले को लेकर कई विश्लेषकों का कहना है कि इससे दोनों नेताओं द्वारा कम समय में स्थापित किए गए घनिष्ठ संबंधों की झलक दिखती है।

व्हाइट हाउस में मिला गार्ड ऑफ ऑनर
जानकारों के मुताबिक एेसा कम ही होता है जब व्हाइट हाउस में किसी नेता को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाए। मोदी वह ऐसे नेता हैं जिन्हें अमेरिकी सेनाओं की ओर से व्हाइट हाउस में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था।

सीक्रेट सर्विस एजेंट हर पल रहे मुस्तैद
मोदी अमेरिका में सीक्रेट सर्विस एजेंट्स के घेरे में थे। एक भी पल ऐसा नहीं था जब मोदी की सुरक्षा में कोई कमी आई हो।












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