Missile launch row: राजनाथ सिंह ने संसद में में कहा, गलती से चली मिसाइल, US और चीन का आया बयान
भारतीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि, उस घटना (पाकिस्तानी क्षेत्र में मिसाइल गिरने) की उच्च-स्तरीय जांच का आदेश दिया गया है।
नई दिल्ली/इस्लामाबाद, मार्च 15: पाकिस्तान के इलाके में भारतीय मिसाइल की फायरिंग को लेकर भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज संसद में अपना बयान दिया है और राजनाथ सिंह ने कहा है कि, पाकिस्तानी क्षेत्र में भारतीय मिसाइल के गिरने को लेकर 'भारत ने खेद जताई है और गलती से मिसाइल चली है'। वहीं, भारतीय रक्षा मंत्री ने कहा है कि, भारत की तरफ से उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए गये हैं। लेकिन, पाकिस्तान की तरफ से भारत के ऊपर कई आरोप लगाए गये हैं।

संसद में बोले राजनाथ सिंह
भारतीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि, उस घटना (पाकिस्तानी क्षेत्र में मिसाइल गिरने) की उच्च-स्तरीय जांच का आदेश दिया गया है जिसमें 9 मार्च को पाकिस्तानी क्षेत्र में एक मिसाइल का आकस्मिक प्रक्षेपण शामिल था। राज्यसभा में बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि, "दुर्भाग्य से 9 मार्च को एक मिसाइल गलती से लॉन्च हो गई थी। यह घटना एक नियमित निरीक्षण के दौरान हुई थी। हमें बाद में पता चला कि यह पाकिस्तान में गिरा था। उन्होंने कहा कि, "मैं सदन को सूचित करना चाहूंगा कि, सरकार ने घटना को गंभीरता से लिया है। उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच से उक्त दुर्घटना के सही कारण का पता चलेगा।" उन्होंने कहा कि, "शुक्र है, मिसाइल के आकस्मिक प्रक्षेपण के कारण कोई नुकसान नहीं हुआ।"

भारत के साथ आया अमेरिका
वहीं, पाकिस्तान क्षेत्र में भारतीय मिसाइल गलती से गिरने की भारतीय दलील का अमेरिका ने समर्थन किया है और अमेरिका ने कहा है कि, इस बात के कोई संकेत नहीं है कि हाल ही में भारत की तरफ से पाकिस्तान में गिरी मिसाइल 'आकस्मिक दुर्घटना' के अलावा कुछ और थी। भारत ने शुक्रवार को भी कहा था कि, 9 मार्च को गलती से एक मिसाइल चल गई थी, जो पाकिस्तान में गरी थी और यह "काफी खेदजनक" घटना है। भारत ने कहा कि, मिसाइलों के नियमित रखरखाव के दौरान एक तकनीकी खराबी के कारण हुई थी। वहीं, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने सोमवार को कहा कि, "हमारे पास कोई संकेत नहीं है क्योंकि आपने हमारे भारतीय भागीदारों से भी सुना है कि यह घटना एक दुर्घटना के अलावा कुछ और नहीं है।"

भारत पर आरोप लगाता पाकिस्तान
वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सोमवार को कहा कि, मिसाइल की "आकस्मिक गोलीबारी" की भारत की व्याख्या एक "गंभीर मामला" है जिसे नई दिल्ली द्वारा पेश किए गए "सरलीकृत स्पष्टीकरण" के साथ संबोधित नहीं किया जा सकता है। इसके साथ ही पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने 'मिसाइल गिरने' की घटना की संयुक्त जांच की मांग की है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने मिसाइल गिरने घटना की शिकायत जर्मनी से भी की है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, विदेश मंत्री करैशी ने जर्मनी के विदेश मंत्री एनालेना बारबॉक के साथ टेलीफोन पर बातचीत के दौरान इसकी चर्चा की है। आपको बता दें कि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी इस मुद्दे पर लगातार बयानबाजी कर रहे हैं, और उन्होंने कहा है कि, 'पाकिस्तान ने धैर्य का परिचय दिया है।' इमरान खान ने एक पब्लिक रैली में कहा कि, '... अगर पाकिस्तान की तरफ से जवाब में मिसाइल चल जाती तो...'

चीन ने कहा- जल्द बात करें दोनों देश
वहीं, चीन ने सोमवार को कहा कि, भारत और पाकिस्तान को जल्द से जल्द बातचीत करनी चाहिए और भारत की ओर से हाल ही में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में गिरी मिसाइल की "आकस्मिक गोलीबारी" की "गहन" जांच शुरू करनी चाहिए। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि, पाकिस्तान और भारत दोनों दक्षिण एशिया में महत्वपूर्ण देश हैं और वे क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने की जिम्मेदारी साझा करते हैं। पाकिस्तानी पत्रकार द्वारा भारतीय मिसाइल की "आकस्मिक गोलीबारी" पर चीन की प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि "हमने प्रासंगिक जानकारी को नोट कर लिया है"। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान और भारत दोनों दक्षिण एशिया में महत्वपूर्ण देश हैं, जो क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं।"

पाकिस्तान की बात का चीन ने नहीं किया समर्थन
सबसे दिलचस्प बात यह है, कि चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने घटना की "संयुक्त जांच" की पाकिस्तान की मांग का समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा कि, "चीन ने दोनों देशों से जितनी जल्दी हो सके, बातचीत करने और संचार साधन आयोजित करने और घटना की पूरी तरह से जांच करने और सूचनाओं के आदान-प्रदान का आह्वान किया है, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, और गलतफहमी और गलत निर्णय से बचा जा सके।''












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