कभी भेस बदला तो कभी बंदूक का सहारा लिया, बेटी के 10 हत्यारों को पकड़ने के बाद इस मां ने चुकाई बड़ी कीमत

न्यूयॉर्क। ये बात पूरी दुनिया जानती है कि जितना प्यार एक मां अपनी संतान से करती है, उतना कोई नहीं कर सकता। इसका एक जीता जागता उदाहरण अमेरिका में देखा गया है। जहां एक मां ने अपनी बेटी के हर एक हत्यारे को पकड़ने के लिए दिन रात एक कर दिए। मरियम रोडरीग्यूज नामक ये महिला भी आम मांओं की तरह ही थीं, लेकिन जब किसी ने इनकी बेटी को इनसे छीन लिया, तो इनकी जिंदगी पूरी तरह बिखर गई। बेटी के हत्यारों को पकड़ने के लिए उन्होंने हर वो तरकीब अपनाई जो उनके बस में थी।

मरियम के पास धमकी भरे फोन आते थे

मरियम के पास धमकी भरे फोन आते थे

मरियम के इस काम की तुलना हिट फिल्म टेकन के कैरेक्टर लियाम नीसंस से की जा रही है। लियाम नीसंस एक ऐसी मां होती है, जो अपने बच्चे को छीनने और उसकी हत्या करने वाले लोगों को पकड़ने के लिए बंदूकों और फेक आईडी का इस्तेमाल करती है और जरूरत पड़ने पर अपना भेस तक बदल लेती है। ऐसी ही कहानी मरियम की भी है। उनकी 20 साल की बेटी कारेन अलेजेंड्रा सलिनास रोडरीग्यूज साल 2012 में अचानक लापता हो गई थी। इसके बाद हफ्तों तक उनके पास धमकी भरे फोन आते रहे, जिसमें कारेन को वापस करने के बदले रिश्वत मांगी जाती थी।

2014 में बेटी के अवशेष मिले

2014 में बेटी के अवशेष मिले

लेकिन ये सभी झूठे वादे दे क्योंकि साल 2014 में कारेन के अवशेष एक लावारिस खेत में मिले। इसके बाद मरियम ने अपनी जिंदगी के तीन साल मैक्सिको में रहने वाले बेटी के हत्यारों को पकड़ने में लगा दिए। उन्होंने एक एक कर सभी हत्यारों का पीछा किया। मरियम की बहादुरी यहीं खत्म नहीं होती। उन्होंने ऐसे लोगों को ऑनलाइन ट्रैक करने से लेकर इनके बारे में पता लगाने के लिए इनसे दोस्ती तक की। मरियम ने अकेले होते हुए भी एक टीम की तरह काम किया। उन्होंने कई बार भेस बदला। एक बार तो उन्होंने नाम और पते जानने के लिए चुनाव अधिकारी तक का भेस धारण कर लिया।

एक आरोपी को टेक्सास में पकड़ा

एक आरोपी को टेक्सास में पकड़ा

एक मामले में उस समय 56 साल की रहीं मरियम ने टेक्सास में अपनी बेटी के एक हत्यारे को पकड़ा। जहां वो घूम-घूमकर बॉर्डर पर फूल बेच रहा था। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मरियम ने हाथों में हैंडगन लेते हुए संकरी गली में इस आदमी का पीछा किया। इसके बाद उसे शर्ट से पकड़ा। इस दौरान दोनों की हाथापाई तक हो गई। मरियम के परिवार के अनुसार, उन्होंने इस आदमी के पीछे बंदूक तानकर कहा कि 'अगर तुम मुड़े तो मैं तुम्हें गोली मार दूंगी।' कुल मिलाकर मरियम ने अपनी बेटी की हत्या से जुड़े दस लोगों को पकड़ लिया। वो भी एक ऐसी जगह पर जहां प्रायोजित अपराधों का विरोध करना भी मुश्किल है।

सोशल मीडिया पर घंटों बिताए

सोशल मीडिया पर घंटों बिताए

अपने इस अभियान की शुरुआत में बेटी को छुड़ाने के लिए गैंग के सदस्यों से प्रार्थना करने के दौरान मरियम ने सुन लिया था, कि फोन पर मौजूद व्यक्ति को कोई समा कहकर पुकार रहा है। इसके बाद उन्होंने उसे सोशल मीडिया पर ढूंढने के लिए घंटों लगा दिए। आखिर में उन्हें एक ऐसी तस्वीर मिली, जिसमें समा नाम के इस आरोपी को टैग किया गया था। उन्होंने समा को तुरंत पहचान लिया। समा नाम के इस आदमी के साथ आइसक्रीम शॉप की यूनफॉर्म पहने एक महिला भी थी। ये दुकान मैक्सिको के सियुडाड विक्टोरिया से करीब दो घंटे की दूरी पर है। मरियम ने इस दुकान को देखने में हफ्तों बिता दिए, उन्होंने तब तक ऐसा किया जब तक उन्होंने समा को ढूंढ नहीं लिया। फिर उन्होंने समा का उसके घर तक पीछा किया ताकि उसके घर का पता मिल सके और उसकी जानकारी पता करने के लिए पड़ोस में फर्जी मतदान आयोजित करने की झूठी बात तक कही।

2017 में मरियम की मौत हो गई

2017 में मरियम की मौत हो गई

लेकिन जब तक समा के लिए वारंट जारी हुआ, वो भाग चुका था। हालांकि बाद में मरियम के बेटे लुइस ने समा को देखते ही पुलिस और अपनी मां को फोन कर दिया। लुइस ने समा का तब तक पीछा किया, जब तक अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार नहीं कर लिया। कस्टडी के दौरान उसने अपने साथियों के नाम और पते के बारे में बताया। लेकिन मरियम को बेटी को न्याय दिलाने की इस जिद के कारण बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। 10 मई, साल 2017 में मरियम को उनके सैन फ्रांसिस्को स्थित घर में घुसकर एक बंदूकधारी ने 12 गोलियां मार दीं। ये वही दिन था, जब मैक्सिन लोग मातृ दिवस मनाते हैं। मौत से कुछ हफ्ते पहले ही उन्होंने अपनी बेटी की मौत से जुड़े आखिरी अपराधी का भी पता लगा लिया था।

मरियम को जिसका डर था वही हुआ

मरियम को जिसका डर था वही हुआ

गोली लगने के बाद मरियम को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। अपनी मौत से पहले मरियम ने सरकार से बंदूकधारी गार्ड्स की मांग की थी क्योंकि उन्हें डर था कि जो कुछ उन्होंने अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए किया है, उसका परिणाम कुछ भी हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि सियुडाड विक्टोरिया में कुछ कैदी जेल से भाग गए थे। जिस ग्रुप की शुरुआत मरियम ने की थी, अब उसे उनके बेटे लुइस चलाते हैं। इस ग्रुप का उद्देश्य उन परिवारों की मदद करना है, जिनके परिजन लापता हैं।

photo credit: social media, pexels

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