Middle East War : Iran ने यरूशलेम पर बरसाई कहर, एक साथ 10 धमाके, दुबई के पास टैंकर पर हमले से तेल रिसाव का खतर
Middle East War Update : मध्य पूर्व (Middle East) में जारी तनाव अब एक विनाशकारी युद्ध के मुहाने पर खड़ा है। मंगलवार, 31 मार्च की सुबह यरूशलेम, तेहरान, रियाद और दुबई जैसे प्रमुख वैश्विक शहर मिसाइल हमलों और धमाकों की गूंज से दहल उठे।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सीधे टकराव ने पूरी दुनिया को संकट में डाल दिया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, यरूशलेम के आसमान में एक के बाद एक 10 भीषण धमाके सुने गए हैं, जिससे चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल है।

ईरानी मिसाइलों का हमले से यरूशलेम में हाहाकार
समाचार एजेंसी AFP के अनुसार, यरूशलेम में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब आसमान में 10 शक्तिशाली विस्फोटों की आवाज सुनाई दी। इजरायली सेना (IDF) ने पुष्टि की है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम (आयरन डोम) ईरानी मिसाइलों को बीच हवा में ही नष्ट कर रहे हैं।
पूरे यरूशलेम में मंगलवार, 31 मार्च को खतरे के सायरन बजते रहे और नागरिकों को बंकरों में शरण लेने की सलाह दी गई है। इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह अपनी संप्रभुता पर हुए इस हमले का कड़ा जवाब देगा।
दुबई के पास समुद्री हमला, तेल रिसाव का संकट बढ़
दुबई के तट के पास एक तेल टैंकर (Oil Tanker) पर हमला किया गया है। टैंकर पर हुए हमले के बाद समुद्र में बड़े पैमाने पर तेल रिसाव (Oil Spill) की आशंका जताई जा रही है, जो एक पर्यावरणीय आपदा का कारण बन सकता है।
दुबई के आसमान में मिसाइल इंटरसेप्शन (मिसाइल को मार गिराने) के दौरान गिरे मलबे से एक इमारत में आग लग गई, जिसमें 4 लोग घायल हुए हैं। ईरान की राजधानी तेहरान से भी बड़ी खबर आ रही है। मिसाइल हमलों और संभावित साइबर हमलों के बीच शहर की बिजली पूरी तरह गुल हो गई है। पूरे तेहरान में ब्लैकआउट की स्थिति है, जिससे वहां संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
सऊदी अरब ने मार गिराई 3 बैलिस्टिक मिसाइलें
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि उनकी सेना ने राजधानी रियाद की ओर दागी गई 3 बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक मार गिराया है। सऊदी अरब ने इस हमले के लिए ईरान समर्थित गुटों को जिम्मेदार ठहराया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला रियाद की तेल संपत्तियों और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश थी।
युद्ध का केंद्र बना खाड़ी क्षेत्र
ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते इस युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और शांति के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। युद्ध की खबरों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। खाड़ी देशों के ऊपर से गुजरने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को डायवर्ट किया जा रहा है या रद्द किया जा रहा है। दुबई के पास टैंकर पर हमले ने समुद्री जीवन और खाड़ी के पारिस्थितिक तंत्र को खतरे में डाल दिया है।












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