Mexico Fire: मेक्सिको डिटेंशन सेंटर में लगी भीषण आग, कम से कम 39 की मौत, कई घायल
यह घटना सोमवार देर रात करीब 71 प्रवासियों को सेंटर में लाए जाने के कुछ ही देर बाद हुई। इस घटना में अधिक मृतक वेनेजुएला के बताए जा रहे हैं।

अमेरिका सीमा के पास मोक्सिको के शहर स्यूदाद जुआरेज में एक प्रवासी सेंटर में आधी रात को भीषण आग लगने से 39 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग घायल हो गए हैं। ये वो जगह थी जहां प्रवासियों को हिरासत में रखा जाता था। आग कैसे लगी फिलहाल इसका कुछ पता नहीं चल पाया है। एएफपी के एक पत्रकार ने कहा कि उसने फोरेंसिक कर्मियों को आईएनएम की पार्किंग से एक दर्जन शवों को निकालते देखा, जहां कई अन्य शवों को कंबल से ढका हुआ रखा गया था।
आंतरिक मंत्रालय के राष्ट्रीय प्रवासन संस्थान ने अब तक 39 विदेशी प्रवासियों की मौत पर खेद जताया है। मीडिया से बात करने के लिए अधिकृत नहीं होने के कारण पहचान न बताने वाले एक बचावकर्ता ने कहा कि डिटेंशन सेंटर में लगभग 70 प्रवासी थे, जिनमें अधिकतर वेनेजुएला के थे। मेक्सिको से अमेरिका जाने वाले प्रवासियों के लिए सिउदाद जुआरेज एक प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट है। इसके आश्रयस्थल उन प्रवासियों से भरे हुए हैं, जो उस पार जाने के अवसरों की प्रतीक्षा कर रहे हैं या जिन्होंने अमेरिका में शरण का अनुरोध किया है और प्रक्रिया की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस घटना के बाद मेक्सिको के अटॉर्नी जनरल कार्यालय ने जांच शुरू कर दी है।
बता दें कि मेक्सिको अमेरिका के दक्षिण में स्थित है, ये दोनों देश 3,145 किलोमीटर लंबा बॉर्डर साझा करते हैं। प्रत्येक माह लगभग 2,00,000 लोग मैक्सिको से संयुक्त राज्य अमेरिका में सीमा पार करने का प्रयास करते हैं। मेक्सिको से दुबके-छिपके अमेरिका जाने वाले लोग सामान्यत: बॉर्डर के नजदीक स्थित डिटेंशन सेंटर में रखे जाते हैं। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि, 2014 के बाद से, लगभग 7,661 प्रवासी संयुक्त राज्य अमेरिका के रास्ते में मारे गए या गायब हो गए, जबकि 988 दुर्घटनाओं में या अमानवीय परिस्थितियों में यात्रा करते समय मारे गए।












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