Mexico: इजरायल की राजदूत Kranz Neiger की हत्या की प्लानिंग बेनकाब! किस पर लगाए America ने आरोप?
Mexico: अमेरिका और इजरायल की खुफिया एजेंसियों की मदद से मैक्सिकन अधिकारियों ने ईरान द्वारा मैक्सिको में इजरायली राजदूत ईनात क्रान्ज़-नेगर की हत्या की कथित साजिश को विफल कर दिया है। शुक्रवार को अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों ने ईरान पर यह साजिश रचने का आरोप लगाया, हालांकि मैक्सिकन अधिकारियों ने किसी भी साजिश की जानकारी से इनकार किया।
तनाव के बीच हत्या की साजिश का खुलासा
यह कथित हत्या का प्रयास ऐसे समय में हुआ जब इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। दोनों देशों ने हाल के महीनों में एक-दूसरे के ठिकानों पर हमले किए हैं। इजरायल ने कहा कि मैक्सिकन अधिकारियों के हस्तक्षेप से यह साजिश रोकी गई, जबकि मैक्सिको के विदेश मंत्रालय ने बाद में बयान जारी कर कहा कि उसे "कथित घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली"।

मैक्सिको ने क्या कहा?
संयुक्त राज्य अमेरिका या इजरायल का नाम लिए बिना, मैक्सिको के सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा सचिवालय - जो खुफिया गतिविधियों की निगरानी करता है - ने कहा- "हम सम्मानजनक और समन्वित सहयोग के लिए खुले हैं, लेकिन हमेशा राष्ट्रीय संप्रभुता के ढांचे के भीतर, उन सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ जो इसका अनुरोध करती हैं।"
इजरायली राजदूत को भी नहीं थी जानकारी
मैक्सिकन मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल पर, ईनात क्रान्ज़-नेगर ने कहा कि वह मैक्सिको के इनकार के कारणों से अनजान हैं। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने रेडियो फार्मूला से कहा, "जिन्होंने इस खतरे को बेअसर करने के लिए काम किया, वे मैक्सिकन सुरक्षा और खुफिया अधिकारी थे।"
मैक्सिको में ईरानी दूतावास ने साजिश को बताया 'बड़ा झूठ'
इस बीच, मैक्सिको में ईरानी दूतावास ने इस कथित साजिश को "एक बड़ा झूठ" बताया।
दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "इस आरोप का उद्देश्य मैक्सिको और ईरान के बीच मैत्रीपूर्ण और ऐतिहासिक संबंधों को नुकसान पहुंचाना है, जिसे हम स्पष्ट रूप से अस्वीकार करते हैं।"
ईरानी भाषा में भी जारी किया गया बयान
ईरानी दूतावास ने इसी बयान का ईरानी भाषा में अनुवाद साझा करते हुए कहा, "मैक्सिको में इजरायली शासन के राजदूत की हत्या के ईरान के कथित प्रयास के संबंध में आरोप एक मीडिया आविष्कार है, एक बड़ा झूठ है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को नुकसान पहुंचाना है।"
'साजिश 2024 में शुरू हुई'
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की कुद्स फोर्स ने 2024 के अंत में इस साजिश की शुरुआत की थी और इसे इस साल बाधित कर दिया गया। कथित तौर पर इस योजना में ईरान के वेनेजुएला स्थित दूतावास से ऑपरेटिव की भर्ती शामिल थी, जिसके वामपंथी राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का तेहरान के साथ गठबंधन है।
"ईरान की वैश्विक घातक गतिविधियों की ताजा कड़ी"
नाम न छापने की शर्त पर अमेरिकी अधिकारी ने कहा- "यह ईरान की वैश्विक घातक गतिविधियों की लंबी श्रृंखला की ताजा कड़ी है - जिसमें राजनयिकों, पत्रकारों, असंतुष्टों और विरोधियों को निशाना बनाया जाता है। यह हर उस देश के लिए चिंता का विषय होना चाहिए जहां ईरान की उपस्थिति है।" हालांकि अधिकारी ने साजिश को नाकाम करने की प्रक्रिया या सबूतों के बारे में कोई विस्तार नहीं दिया।
दमिश्क हमले के बाद बढ़ा तनाव
यह कथित साजिश संभवतः 1 अप्रैल 2024 को दमिश्क में ईरानी दूतावास परिसर पर इजरायली हमले के बाद हुई। इस हमले में कई रिवोल्यूशनरी गार्ड्स अधिकारी मारे गए थे। इसके बाद तेहरान ने प्रतिशोध की कसम खाई और इजरायल की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागे।
ऑस्ट्रेलिया ने ईरानी राजदूत को निष्कासित किया
कुछ महीने पहले ही ऑस्ट्रेलिया ने ईरान के राजदूत को निष्कासित कर दिया था। सरकार ने कहा कि मेलबर्न में एक यहूदी आराधनालय और सिडनी में एक कोशर रेस्तरां पर हुए दो आगजनी हमलों में ईरानी संलिप्तता पाई गई। इससे यह साफ हुआ कि ईरान के खिलाफ नाराजगी केवल अमेरिका और इजरायल तक सीमित नहीं है।
लैटिन अमेरिका में पहले भी हुए ईरान-सम्बंधित हमले
लैटिन अमेरिका भी मिडिल ईस्ट की हिंसा से अछूता नहीं रहा है। 1994 में ब्यूनस आयर्स में एक यहूदी केंद्र पर बम विस्फोट में 85 लोगों की मौत हुई थी। अर्जेंटीना और इजरायल का कहना है कि इस हमले को ईरान के आदेश पर लेबनानी आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह ने अंजाम दिया था।
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