काउंटडाउन शुरू! मेहुल चोकसी अब भारत आने से नहीं बच सकता, बेल्जियम से आया सबसे बड़ा फैसला
Mehul Choksi PNB Fraud Case: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में कथित 13 हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में फरार हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को बेल्जियम में बड़ा झटका लगा है। मंगलवार को बेल्जियम की सर्वोच्च अदालत कोर्ट ऑफ कैसशन ने चोकसी की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उसने भारत प्रत्यर्पण के फैसले को चुनौती दी थी।
इस फैसले के बाद, एंटवर्प की कोर्ट ऑफ अपील का वह निर्णय बरकरार रहेगा जिसने चोकसी के प्रत्यर्पण को सही ठहराया था। अधिकारियों ने बताया कि इस फैसले से अब चोकसी को जल्द ही भारत लाए जाने का रास्ता साफ हो गया है, जहाँ उसे मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा जा सकता है।

बेल्जियम की सर्वोच्च अदालत का फैसला
बेल्जियम की सर्वोच्च अदालत कोर्ट ऑफ कैसशन ने भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की अपील को मंगलवार को खारिज कर दिया। चोकसी ने इस अपील में भारत प्रत्यर्पण के फैसले को चुनौती दी थी। अदालत के अधिकारी हेनरी वेंडरलिंडन के अनुसार, अपील खारिज होने के बाद कोर्ट ऑफ अपील का निर्णय बरकरार रहेगा, जिसने चोकसी के प्रत्यर्पण अनुरोध को सही ठहराया था। यह फैसला चोकसी के लिए अंतिम कानूनी झटका है और इससे अब भारत सरकार के लिए उसे वापस लाना आसान हो जाएगा।
Mehul Choksi extradition: प्रत्यर्पण का रास्ता हुआ साफ
मेहुल चोकसी की अपील खारिज होने से पहले, एंटवर्प की कोर्ट ऑफ अपील ने भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध को 'कार्यान्वित करने योग्य' (Impilmentable) करार दिया था। इस अदालत ने 29 नवंबर 2024 को मुंबई की विशेष अदालत द्वारा जारी 2018 और 2021 के गिरफ्तारी वारंट को भी सही माना था। बेल्जियम की सर्वोच्च अदालत द्वारा इस निर्णय को बरकरार रखने के बाद, मेहुल चोकसी को भारत प्रत्यर्पित करने का कानूनी रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है, जहां उसे PNB धोखाधड़ी मामले में मुकदमे का सामना करना होगा।
भारत की ओर से 'आर्थर रोड जेल' का प्रेजेंटेशन
मेहुल चोकसी लंबे समय से यह तर्क दे रहा था कि भारत में उसे राजनीतिक प्रताड़ना और अमानवीय व्यवहार का खतरा है। इस आशंका को दूर करने के लिए, भारतीय एजेंसियों ने बेल्जियम की अदालत में मुंबई स्थित आर्थर रोड जेल की तस्वीरें और सुविधाओं का विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया था। भारत ने बेल्जियम कोर्ट को यह भरोसा दिलाया कि मेहुल चोकसी को पूरी तरह मानवीय परिस्थितियों में रखा जाएगा और उसके साथ कोई अनुचित व्यवहार नहीं होगा।
चोकसी के दावों को कोर्ट ने किया खारिज
प्रत्यर्पण को रोकने के लिए मेहुल चोकसी ने जो दावे किए थे, उन्हें बेल्जियम की कोर्ट ने खारिज कर दिया। अदालत ने पाया कि इस बात के कोई ठोस सबूत नहीं हैं कि भारत में उसे टॉर्चर (यातना) किया जाएगा या उसके खिलाफ अनुचित मुकदमे चलाए जाएंगे। कोर्ट का यह फैसला बताता है कि भारतीय न्याय प्रणाली पर बेल्जियम की अदालत ने भरोसा जताया है। यह निर्णय 13,000 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।












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