Ukraine War: तमिलनाडु से MBBS करने गया था बंदा, Putin ने हथियार थमाकर युद्ध में धकेला, MEA ने जारी की चेतावनी

Ukraine War: भारतीय विदेश मंत्रालय ने रूसी सेना में भारतीय नागरिकों की भर्ती पर गंभीर चिंता जताई है। मंत्रालय ने गुरुवार को रूस सरकार से इस ट्रेंड को तुरंत बंद करने की अपील की है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष लगातार तेज हो रहा है।

भारतीयों जबरन आर्मी कराई जा रही ज्वॉइन?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार पहले ही भारतीय नागरिकों को इस तरह की गतिविधियों से जुड़े "जोखिमों और खतरों" के बारे में कई बार आगाह कर चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल ही में कुछ भारतीयों की रूसी सेना में भर्ती की खबरें सामने आई हैं, जिसके बाद यह मुद्दा मॉस्को और नई दिल्ली दोनों जगह रूसी अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है।

Ukraine War

रूस ने धोखे से भारतीयों को किया भर्ती?

जायसवाल ने कहा, "हमने रूसी अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे इस प्रथा को तुरंत रोकें और जिन भारतीय नागरिकों को जबरन या धोखे से भर्ती किया गया है, उन्हें रिहा करें। सरकार प्रभावित परिवारों के संपर्क में भी है।"

कंस्ट्रक्शन का वादा कर युद्ध में कुदाया

यह मामला उस समय और गंभीर हो गया जब दो भारतीय पुरुषों ने आरोप लगाया कि उन्हें कंस्ट्रक्श कंपनी का झांसा देकर रूस ले जाया गया था, लेकिन वहां उन्हें सीधे युद्ध के मोर्चे पर तैनात कर दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों व्यक्ति पिछले छह महीनों में छात्र या पर्यटक वीज़ा पर रूस गए थे।

उनके मुताबिक, एक एजेंट ने उन्हें नौकरी का लालच देकर गुमराह किया और फिर रूसी सेना में धकेल दिया। इस घटना ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और विदेशों में उनके हितों की रक्षा को लेकर सरकार की चिंता को और बढ़ा दिया है।

विदेश मंत्रालय ने साफ चेताया

विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि भारतीय नागरिकों को ऐसे खतरनाक प्रस्तावों से दूर रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध रोजगार या वीज़ा प्रक्रिया से पहले पूरी तरह सतर्क रहना चाहिए।

MBBS करने गया भारतीय, युद्ध में धकेला

तमिलनाडु के कुड्डलोर ज़िले के पलायमकोट्टई के रहने वाले किशोर सरवणन, रूस के वोल्गोग्राद स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में थर्ड ईयर के एमबीबीएस छात्र थे। उन्हें कथित तौर पर जबरन यूक्रेन युद्ध में भर्ती कर लिए गया है। वे रूस में अपनी मेडिकल पढ़ाई करने गए थे, लेकिन परिवार से उनका आख़िरी संपर्क 12 जुलाई को भेजा गया एक घबराया हुआ वॉइस मैसेज था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उन्हें युद्ध के मोर्चे पर भेजने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन पर ड्रग के केस का आरोप लगाकर गिरफ्तार किया गया, फिर उन्हें युद्ध में धकेले जाने की बात सामने आई।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमेें कमेंट में बताएं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+