MeToo: अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने कहा महिलाओं के साथ हूं लेकिन आरोप लगाने वाली महिलाएं पेश करें सुबूत
वॉशिंगटन। अमेरिका फर्स्ट लेडी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप ने मी टू मूवमेंट पर बात की है। मेलानिया ने कहा है कि वह महिलाओं का समर्थन करती हैं लेकिन इस मूवमेंट के तहत आरोप लगाने वाली महिलाओं को उनके साथ हुए यौन शोषण के सुबूत दिखाने की जरूरत है। ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद यह मेलानिया का पहला इंटरव्यू है जो उन्होंने हाल ही में अपने अफ्रीकी दौरे पर एबीसी न्यूज चैनल को दिया है। मेलानिया का यह बयान ऐसे समय आया है जब सुप्रीम कोर्ट के जज ब्रेट कैवनॉग पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। साथ ही उनके पति ट्रंप पर भी कई महिलाओं ने आरोप लगाए हैं।

सुबूत के साथ हो सारी बात
एबीसी ने इस इंटरव्यू को 'बीईंग मेलानिया' नाम दिया और शुक्रवार रात 10 बजे यह ऑन एयर होगा। चैनल से खास बातचीत में मेलानिया ने कहा, 'मैं महिलाओं के साथ खड़ी हूं। लेकिन हमें सुबूत दिखाने की जरूरत है। आप ऐसे ही किसी पर आरोप नहीं लगा सकते हैं।' मेलानिया ने आगे कहा, 'मेरा यौन शोषण हुआ है या फिर आपने मेरे साथ कुछ किया है और क्योंकि कभी-कभी मीडिया बहुत आगे तक चला जाता है और कुछ कहानियों को जगह देने लगता है, यह सही नहीं है।' मेलानिया ट्रंप हाल ही में अपनी पहली सोलो ट्रिप के तहत अफ्रीका का दौरा करके वापस लौटी हैं। जिस समय वह अफ्रीका के दौरे पर थीं, व्हाइट हाउस में ट्रंप प्रशासन कैवनॉग पर लगे आरोपों का सामना कर रहा था। आपको बता दें कि कैलिफोर्निया की साइकोलॉजी की प्रोफेसर क्रिस्टिन ब्लासे फोर्ड ने कैवनॉग पर हाई स्कूल के दौरान उनका यौन शोषण करने का आरोप लगाया है।

पुरुषों के लिए है बुरा समय
छह अक्टूबर को मेलानिया, दौरा खत्म करके वापस लौटी हैं जब बतौर सुप्रीम कोर्ट जज कैवनॉग के नाम पर राष्ट्रपति ने फाइनल मंजूरी दे दी। केवनॉग विवाद के समय ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका में युवा लड़कों के लिए यह काफी खतरनाक समय है। ट्रंप पर कई महिलाओं ने यौन दुराचार के आरोप लगाए हैं। मेलानिया ट्रंप ने भी अपने पति के सुर में सुर मिलाते हुए बताया कि कैसे मी टू से पुरुषों पर प्रभाव डाल रहा है। मेलानिया ने कहा, 'मैं महिलाओं का समर्थन करती हूं और उनकी आवाज सुनी जानी चाहिए।' इसके बाद वह आगे बोलीं, 'हमें महिलाओं का समर्थन करना चाहिए और पुरुषों का भी।'

ट्रंप प्रशासन की वजह से ग्रुप्स कर रहे नजरअंदाज
इंटरव्यू में मेलानिया ने अपनी कुछ निराशाओं के बारे में भी बात की है। उन्होंने बताया है कि कुछ संगठनों ने उनके पति की राजनीति की वजह से उनके साथ काम करने से इनकार कर दिया है। जब मेलानिया से इन ग्रुप्स का नाम पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह इन संगठनों के नाम सार्वजनिक नहीं करना चाहती हैं। उनका कहना था कि ग्रुप्स को मालूम है वह किसके बारे में बात कर रही हैं। इंटरव्यू में मेलानिया ने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी शादीशुदा जिंदगी के बारे में बात की है।
-
MI vs RCB: विराट कोहली ने मुंबई में रच दिया इतिहास, दुनिया में पहली बार हुआ अनोखा कारनामा -
Asha Bhosle Last Post: 'मैं विलीन हो जाऊंगी', निधन से पहले ही आशा ताई ने लिख दिया था 'आखिरी सच' -
MI vs RCB: वानखेड़े में पसरा सन्नाटा, रोहित शर्मा लाइव मैच से बैटिंग छोड़ गए, आखिर क्या है कारण -
Asha Bhosle Net Worth: आशा भोसले कितनी छोड़ गईं प्रॉपर्टी? सिगिंग के अलावा कहां से करती थींं करोड़ों की कमाई -
Asha Bhosle Last Wish: अधूरी रह गई आशा भोसले की अंतिम इच्छा, पॉडकास्ट में बताया था क्या थी स्पेशल ख्वाहिश -
'मैं आखिरी जिंदा मुगल हूं', मंगेशकर परिवार में जन्मीं आशा भोसले ने कब और क्यों कही थी ये बात? -
Asha Bhosle का 92 साल की उम्र में हुआ निधन, मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में दिग्गज सिंगर ने ली आखिरी सांस -
Asha Bhosle: 'बेइंतहा खूबसूरत', कौन हैं जनाई भोसले? क्रिकेटर सिराज से उड़ी थीं अफेयर की खबरें -
Hazeena Syed: 'अपना ईगो अपने बॉयफ्रेंड वेणुगोपाल को दिखाओ', कौन हैं हजीना, जिसने लगाए अलका लांबा पर गंदे आरोप? -
US-Iran Talks: अमेरिका-ईरान में क्यों नहीं बनी बात? होर्मुज से न्यूक्लियर तक, इन 5 वजहों ने रोकी शांति की राह -
Iran US Talk Fail: फंस गया अमेरिका? शांति समझौते की जरूरत ईरान से ज्यादा ट्रंप को? 4 प्वाइंट्स में समझें -
Aaj Ke Match Ka Toss Kon Jeeta 12 April: LSG vs GT, लखनऊ-गुजरात में धुरंधरों की फौज, किसे मिलेगी जीत?












Click it and Unblock the Notifications