मॉरीशस को मिला भारत का साथ, तेल रिसाव रोकने के लिए भेजी गई एक्सपर्ट की टीम
नई दिल्ली: मॉरीशस के तट के पास हादसे का शिकार हुए जहाज से तेल का रिसाव जारी है। जिस वजह से वहां एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। विशेषज्ञों ने साफ कर दिया है कि अगर ये तेल का रिसाव नहीं रुका, तो मॉरीशस की अर्थव्यवस्था चौपट हो जाएगी। इस वजह से अब मॉरीशस को भारत का साथ मिला है। मोदी सरकार ने तेल रिसाव पर काबू पाने के लिए उपकरण और एक्सपर्ट की एक टीम भेजी है।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक मॉरीशस की सरकार ने तेल रिसाव के मामले में भारत की मदद मांगी थी। जिस पर तत्काल प्रभाव से फैसला लेते हुए 30 टन तकनीकी उपकरण और मैटेरियल भिजवा दिया गया है। भारतीय वायुसेना का विमान सभी जरूरी सामानों को लेकर पोर्ट लुई पहुंच गया है। इसमें तेल लीक को कंटेन करने में माहिर 10 कोस्ट गार्ड के कर्मचारी भी शामिल हैं। उम्मीद है जल्द ही रिसाव पर काबू पा लिया जाएगा।
25 जुलाई को हुई घटना
जापान का जहाज एमवी वाकाशियो मॉरीशस के दक्षिण-पूर्व में था, तभी यह चट्टानों से टकरा गया। जिस वजह से अब तक करीब 1000 टन से ज्यादा तेल समंदर में बह गया है। बाकी अभी तक जहाज पर ही है। ये घटना 25 जुलाई को थी, लेकिन पिछले एक हफ्ते से इसकी तली पर एक क्रैक सा नजर आने लगा है। विशेषज्ञ कह रहे हैं कि अगर अब और तेल जहाज से लीक हुआ तो फिर पर्यावरण पर काफी असर पड़ेगा और साथ ही मॉरीशस की अर्थव्यवस्था भी चौपट हो जाएगी।












Click it and Unblock the Notifications