AI Brain Scans: मन की बात अब HD Pictures में दिखेगी, दिमाग पढ़कर बनेगी तस्वीर!
हम मन में जो सोच रहे हैं या फिर देखकर कल्पना कर रहे हों उसकी हूबहू तस्वीर अगर बन जाए तो अब चौंकने की आवश्यकता नहीं है। जापान की ओसाका यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एआई तकनीकी का प्रयोग कर ये कर दिखाया है।

Photo: Twitter @whatcomputersay (ai+vr aesthetics Я us)
AI Brain Scans: दुनिया में तकनीकी की दुनिया में अपार संभावनाओं के बीच असंभव शब्द की गुंजाइश अब नहीं बची। साइंटिस्ट्स अब एक अलग ही दुनिया की कल्पना साकार करने में जुटे हैं, जो इंसानों की सोच से कहीं बढ़कर संभावनाओं से भरी है। हाल ही में जापान की ओसाका यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने आर्टिफीशियल तकनीकी (Artificial Intelligence) का इस्तेमाल कर अनोखा प्रयोग किया है। दावा किया जा रहा है कि इसके जरिए इंसान के ब्रेन को स्कैन कर वैसी ही तस्वीर बनाई जा सकेगी जैसी वो अपने आंखों से देख रहा होगा।
साइंस की दुनिया में पहला प्रयोग है जब मस्तिष्क स्कैन से छवियों को बनाने के लिए एआई एल्गोरिदम का उपयोग किया गया है। मस्तिष्क के एआई एल्गोरिदम (AI Algorithms of Brain) के जरिए जापान की ओसाका यूनिवर्सिटी (Osaka University) के शोधकर्ता शिनजी निशिमोटो और यू ताकागी ने मस्तिष्क गतिविधि से हाई-रिजॉल्यूशन वाली छवियों को बनाया है।
AI Algorithms क्या है?
एआई एल्गोरिदम बड़े डेटा सेट पर निर्भर करता है। इसके जरिए मस्तिष्क स्कैन को डीकोड करने के लिए उपयोग किया जाता था। इसके जरिए मस्तिष्क को पूरी तरह से स्कैन किया जाता है। ऐसी तस्वीरों को बनाने के लिए उस टीम ने कार्य किया जिसमें कई अनुभवी साइंटिस्ट्स शामिल थे। इस टीम ने एरियल गोल्डस्टीन, प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के एक न्यूरोसाइंटिस्ट ने मस्तिष्क को समझने के लिए लंबा रिसर्च किया। हाई-एंड चैटबॉट्स के माध्यम से मानव-जैसी बातचीत की क्षमता विकसितकी।
सपने कैप्चर करने की ओर कदम
मानव जीवन में सपनों का एक अहम महत्व है। कभी- कभी सपने इतने विचित्र होते हैं कि उनका सामान्य दुनिया से कोई जुड़ाव ही नहीं होता। ऐसे में एआई तस्वीरें (AI Pictures) में उन्हें भी देखा जा सकेगा। अगर ऐसा होता है तो ये वाकई सोचने पर मजबूर कर देगा कि क्या हम संवेदनाएं भी अब कैप्चर कर सकते हैं? हालांकि दुनिया भर के न्यूरोसाइंटिस्ट मानसिक पटल पर बनने वाली तस्वीरों को एनलाइज करने की तकनीकी पर लगातार प्रयास कर रहे हैं। ओसाका यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की नई रिसर्च के जरिए दावा किया जा रहा कि इससे एक मस्तिष्क स्कैन करने में अधिक मदद मिलेगी।
Recommended Video













Click it and Unblock the Notifications