Manmohan Singh: मनमोहन सिंह के निधन पर दुनिया ने जताया शोक, जानें अमेरिका से लेकर फ्रांस तक ने क्या कहा?
Manmohan Singh: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और आर्थिक सुधारों के मुख्य वास्तुकार डॉ. मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। 26 दिसंबर 2024 की रात, दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके निधन की खबर से पूरे देश और दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई। उन्होंने भारत को आर्थिक मजबूती की राह पर लाने और विश्व मंच पर एक नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

वैश्विक नेताओं ने किया शोक प्रकट
- अमेरिका: विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने मनमोहन सिंह को अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी का मजबूत समर्थक बताया। उन्होंने भारत-अमेरिका नागरिक परमाणु समझौते में सिंह की भूमिका की सराहना की, जिसे दोनों देशों के रिश्तों के लिए ऐतिहासिक कदम माना जाता है।
- फ्रांस: राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उन्हें एक महान नेता और फ्रांस का सच्चा मित्र बताया। सिंह के कार्यकाल में भारत-फ्रांस संबंधों को नई ऊंचाई मिली थी।
- श्रीलंका : राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानयके ने सिंह को समानता और समावेशिता के प्रति प्रतिबद्ध एक दूरदर्शी नेता बताया।
- चीन: चीन ने भी सिंह को श्रद्धांजलि दी। उनके कार्यकाल के दौरान भारत-चीन सीमा विवादों को सुलझाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ था।
- कनाडा : पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर ने उनकी ईमानदारी और गहरी बुद्धिमत्ता की सराहना की।
- नेपाल और मालदीव: नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने उन्हें एक असाधारण राजनेता और भारत-नेपाल संबंधों का मजबूत समर्थक बताया। मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने सिंह को मालदीव का सच्चा मित्र और परोपकारी व्यक्ति कहा।
- मॉरीशस : मॉरीशस के पूर्व प्रधानमंत्री प्रविंद जगनौथ ने सिंह की वैश्विक दृष्टि और द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने में उनकी रुचि को याद किया।
सिंह की ऐतिहासिक विरासत
डॉ. मनमोहन सिंह 2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। उनके कार्यकाल में कई ऐतिहासिक योजनाएं शुरू हुईं, जैसे कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA), उनकी नीतियों ने भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी और करोड़ों लोगों के जीवन को बदला।
सात दिन का राष्ट्रीय शोक
सरकार ने सिंह के सम्मान में सात दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया। उनका अंतिम संस्कार पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ।
एक प्रेरणादायक नेता
डॉ. मनमोहन सिंह का जीवन संघर्ष, सादगी और ईमानदारी का प्रतीक था। दुनिया भर के नेताओं ने उनके निधन को वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी क्षति बताया। उनका योगदान भारत और अंतरराष्ट्रीय मंच पर हमेशा याद रखा जाएगा।
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