भारत या चीन, किसकी बनेगी 'सरकार'? इस मुस्लिम देश में राष्ट्रपति चुनाव के आज आएंगे फाइनल नतीजे

Maldives Election Result: 9 सितंबर को पहले दौर के मतदान के बाद किसी भी उम्मीदवार को 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट नहीं मिले थे, जिसके बाद मालदीव में आज फिर से मतदान के बाद फाइनल नतीजे जारी किए जाएंगे।

मालदीव की चुनावी प्रणाली फ्रांस के समान है, जहां विजेता को 50% से ज्यादा वोट हासिल करने होते हैं। यदि पहले राउंड में कोई भी इस आंकड़े को पार नहीं कर पाता है, तो दूसरे राउंड में शीर्ष दो उम्मीदवार आमने-सामने हो जाते हैं।

9 सितंबर को मालदीव में पहले राउंड की वोटिंग हुई थी और पहले दौर के मतदान में मालदीव के मौजूदा राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह, जो मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) से हैं, उन्हें 39% वोट मिले थे, जबकि विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार मोहम्मद मुइज्जू को 46% वोट मिले थे।

maldives election 2023 today

पहला दौर भी एक खचाखच भरा युद्धक्षेत्र था, जिसमें आठ उम्मीदवार थे और मालदीव के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था, जब इतने ज्यादा उम्मीदवार किसी एक चुनाव में खड़े हुए हों।

मालदीव, जिसकी आबादी सिर्फ 5 लाख 20 हजार है (2021 के मुताबिक), वहां मालदीव के चुनाव आयोग के मुताबिक, 2.8 लाख पात्र मतदाता हैं, जिनमें से लगभग 1.6 लाख लोग विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्य ही हैं।

मालदीव के राष्ट्रपति और भारत

मालदीव की राजनीति के साथ भारत का अनुभव मिश्रित रहा है। मौजूदा राष्ट्रपति सोलिह की सरकार, अब तक भारत के लिए सबसे अनुकूल सरकार रही है।

भारत ने तीन दशकों तक अब्दुल गयूम के साथ मिलकर काम किया। 2008 में जब मोहम्मद नशीद सत्ता में आए, तो तत्कालीन उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने नई दिल्ली के समर्थन का संकेत देते हुए उनके शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया था।

हालांकि, शुरुआत में भारत और नशीद के बीच मित्रता थी, लेकिन जल्द ही नशीद ने चीन से दोस्ती करना शुरू कर दिया। मालदीव सरकार ने 2012 में मालदीव हवाई अड्डे के लिए भारत के साथ जीएमआर अनुबंध रद्द कर दिया, जो भारत-मालदीव संबंधों के लिए एक बड़ा झटका था।

2013 में अब्दुल्ला यामीन के सत्ता में आने के बाद, दोनों देशों के संबंध और बिगड़े और उन्होंने चीन को मालदीव में और भी ज्यादा आक्रामक तरीके से प्रवेश करने दियआ। उनके नेतृत्व में, मालदीव, राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बेल्ट एंड रोड पहल में शामिल हुआ।

इसकी बड़ी वजहों में सबसे बड़ी वजह ये थी, कि मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर अब्दुल्ला यामीन की सरकार को पश्चिमी देशों के साथ साथ भारत ने भी ऋण नहीं दिया और फिर मालदीव ने चीन की तरफ रूख दिया, जिसने बिना किसी शर्त उसे भारी-भरकम ऋण देने की पेशकश की।

इसलिए, जब इब्राहिम सोलिह ने 2018 का चुनाव जीता, तो नई दिल्ली ने राहत की सांस ली। शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए उस वक्त भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मालदीव गए थे।

पिछले पांच वर्षों में, भारत और मालदीव के संबंध काफी मजबूत हुए हैं, और भारत ने विभिन्न अवसरों पर मालदीव को सहायता पहुंचाया है। कोविड टीके से लेकर इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट तक भारत ने मालदीव की मदद की है। इसके अलावा, भारत ने मालदीव की सोलिह सरकार को वेलफेयर स्कीम चलाने के लिए भी फंड डिए हैं, ताकि सरकार को जनता का समर्थन हासिल हो सके।

भारत की इस नीति को चीन को काउंटर करने के लिए उठाया गया मजबूत कदम माना गया है।

maldives election 2023 today

मदद, व्यापार और प्रतिशोध

भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, जनवरी 2020 में भारत ने मालदीव को खसरे के टीके की 30,000 खुराक भेजा था और कोविड महामारी के दौरान मालदीव में मदद पहुंचाने वाला भारत पहला देश था। जिसने मालदीव में भारत की शाख को मजबूत किया है।

इसके अलावा, अतीत में, भारत 2004 की सुनामी के साथ-साथ दिसंबर 2014 में माले में जल संकट के दौरान मालदीव की सहायता करने वाला पहला देश था।

इसके अलावा, मालदीव में हालिया समय में भारत ने कई परियोजनाएं चलाई हैं, जिनमें 34 द्वीपों पर स्वच्छ पानी की सप्लाई, अड्डू विकास परियोजना के तहत सड़कें और भूमि सुधार, कैंसर अस्पताल, एक बंदरगाह परियोजना, एक क्रिकेट स्टेडियम, दो हवाई अड्डे के विकास परियोजनाएं, पुलों, पक्की सड़कों के साथ ग्रेटर माले कनेक्टिविटी परियोजना शामिल हैं।

इसके अलावा, भारत सरकार ने मालदीव में सड़कें, सामाजिक आवास परियोजनाएं, एक मस्जिद का नवीनीकरण, पुलिस के लिए राष्ट्रीय कॉलेज का निर्माण भी कराया है।

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है, कि साल 2018 से 2022 के बीच, भारत ने करीब 1100 करोड़ से ज्यादा रुपयों की सहायता मालदीव को दी है, जो पिछले पांच साल की अवधि (लगभग 500 करोड़ रुपये) से दोगुनी से भी ज्यादा थी।

दोनों देशों के बीच पिछले साल लगभग 50 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ, जिसमें से भारत ने 49.5 करोड़ रुपये की वस्तुओं का निर्यात किया था, जिसमें चावल, मसाले, फल, सब्जियां और पोल्ट्री उत्पाद से लेकर दवाएं और सीमेंट तक दैनिक आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं। वहीं मालदीव से भारत, मुख्य रूप से स्क्रैप धातुओं का आयात करता है, और समुद्री भोजन उत्पादों को खरीदने के लिए सरकारी स्तर पर बातचीत चल रही है।

maldives election 2023 today

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है मालदीव?

मालदीव की भारत के पश्चिमी तट से नजदीकी और हिंद महासागर से होकर गुजरने वाले वाणिज्यिक समुद्री मार्गों के केंद्र में इसकी स्थिति इसे भारत के लिए रणनीतिक महत्व से जोड़ती है।

लिहाजा, समुद्री तटीय निगरानी और समुद्री सहयोग के लिए भारत और मालदीव के बीच रक्षा संबंध बढ़े हैं, खासकर 26/11 हमले के बाद से। भारत ने पिछले 10 वर्षों में 1,500 से ज्यादा मालदीव के रक्षा और सुरक्षा कर्मियों को प्रशिक्षित किया है, जो उनकी रक्षा प्रशिक्षण आवश्यकताओं का लगभग 70% पूरा करता है।

भारत ने 2010 और 2013 में दो हेलीकॉप्टर और 2020 में एक छोटा विमान भी मालदीव को उपहार में दिया है। लेकिन, मालदीव में चीन की नजदकी पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन की पार्टी ने इसे इस तरह से प्रचारित किया, कि विमान के संचालन और रखरखाव के लिए भारतीय सैन्यकर्मी मालदीव में तैनात हैं, हालांकि दिल्ली ने कहा है, कि विमान खोज और बचाव मिशन और मेडिकल फैसिलिटीज के लिए हैं।

हालांकि, चीन की प्रोपेगेंडा मशीनरी ने मावदीव में काफी काम किया है और मालदीव के युवाओं में भारत विरोधी भावनाओं का विस्तार हुआ है।

मनोहर पर्रिकर इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस के एसोसिएट फेलो गुलबिन सुल्ताना ने इस महीने की शुरुआत में आईडीएसए वेबसाइट पर एक लेख में लिखा था, कि "हालांकि एक विकास भागीदार के रूप में भारत की भूमिका की कई लोगों ने सराहना की है, मालदीव का एक बड़ा वर्ग, मालदीव के विकास में भारत की भूमिका की सराहना करता है, लेकिन मालदीव के युवाओं का एक बड़ा हिस्सा विपक्ष के 'इंडिया ऑउट' मूवमेंट की तरफ आकर्षित हुआ है, लिहाजा इस साल के चुनाव परिणाम भारत के लिए काफी ज्यादा अहम होने वाले हैं।"

maldives election 2023 today

मालदीव में इलेक्शन में कौन आगे?

भारत समर्थक मालदीव के मौजूदा राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह को विपक्ष के प्रगतिशील गठबंधन के उम्मीदवार मोहम्मद मुइज्जू से तगड़ी चुनौती मिल रही है।

चीन समर्थिक पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद मालदीव सुप्रीम कोर्ट ने उनके चुनाव लड़ने से रोक लगा दी, जिसके बाद माले के मेयर रहे मुइज्जू, गठबंधन के सर्वसम्मत उम्मीदवार के रूप में उभरे हैं।

लेकिन, इब्राहिम सोलिह की दूसरी चुनौती सत्तारूढ़ गठबंधन में फूट पड़ना है। सोलिह की पार्टी से पूर्व राष्ट्रपति नशीद अलग हो गये हैं, लिहाजा सोलिह की ताकत कम हो गई है।

वहीं, विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार मुइज्जू को चीन समर्थक पूर्व राष्ट्रपति यामीन के प्रॉक्सी के तौर पर देखा जा रहा है और उनके हालिया बयानों ने भारत को चिंता की कई वजहें दे दी हैं। उन्होंने धमकी दी है, कि यदि (भारतीय) प्रोजेक्ट्स, मालदीव और उसके लोगों के लिए फायदेमंद नहीं हैं, तो विदेशी देशों के साथ समझौते को समाप्त कर देंगे और विदेशी कंपनियों को निष्कासित कर देंगे, ये सभी संकेत भारत की ओर हैं।

उन्होंने कहा है कि मालदीव से भारतीय सैनिकों की वापसी "कूटनीति के सुंदर सिद्धांतों" के माध्यम से उनकी सरकार पहले दिन से शुरू कर देगी।

इसके अलावा, उन्होंने चीनी वित्त पोषित परियोजनाओं के लिए यामीन की सराहना की है। उन्होंने कहा, कि "राष्ट्रपति यामीन की सरकार ने चीन के साथ बहुत करीबी रिश्ते बनाए रखे हैं। यह इस देश के सर्वोत्तम हित में है। उस देश ने हमारी सीमाएं नहीं पार कीं। उन्होंने हमारी स्वतंत्रता में हस्तक्षेप नहीं किया।"

हालांकि, सोलिह ने कोविड-19 से निपटने के लिए प्रशंसा हासिल की है, लेकिन वह सत्ता विरोधी लहर से जूझ रहे हैं। उनका अभियान अपनी सरकार की उपलब्धियों पर केंद्रित है।

मालदीव में इस चुनाव के बारे में चिंताओं में से एक कम मतदान रहा है। पहले दौर में 79% ही वोटिंग हुए, जो 2008 में लोकतांत्रिक परिवर्तन के बाद से सबसे कम है। जबकि 2008, 2013 और 2018 के चुनावोँ में 86%, 87 प्रतिशत और 89% मतदान हुए थे।

लिहाजा, पहले दौर में सोलिह के पिछड़ने के बाद भारत की चिताएं बढ़ी हुई हैं और दूसरे दौर का मतदान आज हो रहा है, जिसपर भारत की करीबी नजर है।

आज होने वाले चुनाव में बहुत कुछ इस पर निर्भर करेगा, कि सोलिह से अलग हुए नशीद की डेमोक्रेट पार्टी किसे समर्थन देती है। पहले राउंड में नशीद की पार्टी को 7 प्रतिशत वोट मिले थे और राष्ट्रपति सोलिह भी विपक्षी उम्मीदवार मुइज्जू से 7 प्रतिशत वोटों से ही पीछे रहे थे।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+