बर्दाश्त नहीं प्रधानमंत्री मोदी का अपमान.. मालदीव में भारत और चीन समर्थक पार्टियों के बीच झगड़ा, माफी की मांग
India-Maldives News: मालदीव में भारत और चीन समर्थक पार्टियों के बीच झगड़ा काफी तेज हो गया है और इंडिया ऑउट कैंम्पेन चलाने राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जू के खिलाफ भारत समर्थक विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है।
वहीं, मालदीव की महिला मंत्री मरियम शिउना की प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ भारत की सख्त प्रतिक्रिया के बाद मालदीव सरकार ने बयान से खुद को अलग कर लिया है। मालदीव सरकार ने बयान जारी करते हुए कहा है, कि मंत्री की टिप्पणी व्यक्तिगत है और सरकार के विचारों को नहीं दर्शाती है।

लेकिन, मालदीव के विपक्ष ने राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जू को फटकार लगाई है और अपने मंत्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
मालदीव में मोदी के नाम पर सरकार बनाम विपक्ष
मालदीव के पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने एक ट्वीट करते हुए मालवीद की महिला मंत्री के प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ दिए गये बयान की निंदा की है।
अब्दुल्ला शाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक टिप्पणी करते हुए लिखा है, कि "मालदीव सरकार के 2 उपमंत्रियों और सत्तारूढ़ गठबंधन में एक राजनीतिक दल के एक सदस्य द्वारा प्रधान मंत्री मोदी और भारत के लोगों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी की गई, मैं सरकार से इन अधिकारियों को फटकार लगाने का आह्वान करता हूं।"
उन्होंने आगे लिखा है, कि "सार्वजनिक हस्तियों को मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। उन्हें यह स्वीकार करना होगा, कि वे अब सोशल मीडिया एक्टिविस्ट नहीं हैं और अब उन्हें लोगों और देश के हितों की रक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।"
अब्दुल्ला शाहिद ने कहा, कि "भारत एक परखा हुआ मित्र और अटूट सहयोगी है। वे ऐतिहासिक रूप से हमारी जरूरत के समय प्रतिक्रिया देने वाले पहले व्यक्ति रहे हैं। हमारा करीबी रिश्ता आपसी सम्मान, इतिहास, संस्कृति और लोगों के बीच मजबूत संबंधों से जुड़ा है।"
आपको बता दें, कि अब्दुल्ला शाहिद मालदीव की पिछली सरकार के मंत्री थे, जो भारत समर्थक थी। अब्दुल्ला शाहिद को 76वीं यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंलबली का अध्यक्ष बनाने में भारत ने काफी अहम भूमिका निभाई थी।
मालदीव का विपक्ष भारत समर्थक
मालदीव में पिछली सरकार मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी की थी, जिसके राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह थे, जिन्हें भारत समर्थक माना जाता था। लेकिन, पिछले साल हुए चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
वहीं, मालदीव के एक और पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद, जो पूर्व स्पीकर भी रह चुके हैं, उन्होंने भी मालदीव की मौजूदा सरकार के मंत्रियों के भारत विरोधी बयान की निंदा की है और कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह को मजबूत करने के लिए भारत ने मालदीव के साथ कई सामाजिक योजनाओं को लेकर समझौता किया था, जिससे सीधे मालदीव की आम जनता को फायदा पहुंचाया गया था, लेकिन मालदीव में इंडिया ऑउट कैम्पेन इतनी तेजी से चलाया गया, कि मोहम्मद सोलिह की सरकार सिर्फ 5 हजार वोटों से चुनाव हार गई और फिर माले के मेयर मोहम्मद मोइज्जू, जो चीन के कट्टर समर्थक माने जाते हैं, उनकी सरकार सत्ता में आ गई, जो फिलहाल भारत विरोधी फैसलों के लिए कुख्यात साबित हो रही है।












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