लापता मलेशियाई विमान का मलबा मलक्का जलडमरूमध्य के पास दिखने के संकेत मिले

Malaysia military tracked missing plane to west coast
कुआलालंपुर। रहस्‍यमय परिस्‍थतियों में लापता हुए मलेशिया एयरलाइंस के विमान MH 370 का मलवा दिखने के संकेत मिले हैं। मलेशियाई सेना के अधिकारी ने कहा है कि हमें रडार पर लापता हुए विमान का मिलबा दिखने के संकेत मिल रहे हैं। मलबा समुद्री क्षेत्र मलक्का के आस-पास दिख रहा है। अधिकारियों ने बताया कि विमान ने कोटा भारू के बाद अपना रास्ता बदल लिया और काफी कम उचाई पर उड़ने लगा। मलक्का सबसे व्यस्त रहने वाला समुद्री मार्ग भी है।

रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मलेशिया सेना के रडार ने लापता विमान को मलक्का जलडमरूमध्य में खोज निकाला है। यह स्थान विमान के लापता होने वाली जगह (विमान ने अंतिम बार जहां से उ्डयन नियंत्रण कक्ष से संपर्क साधा था) उससे सुदूर पश्चिम में स्थित है। रायटर्स ने मलेशियाई सेना के एक अधिकारी के हवाले से कहा, 'कोटा भारू के बाद विमान ने रास्ता बदल लिया और उड़ान की ऊंचाई का स्तर नीचे हुआ। इसके बाद यह मलक्का जलडमरूमध्य की ओर चला गया।'

वहीं मलेशियाई पुलिस ने विमान में चोरी के दो पासपोर्ट पर यात्रा करने वालों में से एक ही पहचान उजागर कर दी है। मलेशियाई पुलिस ने दोनों संदिग्धों के फोटो जारी किए हैं। मलेशिया पुलिस चीफ खालिद अबुबकर ने बताया कि इनमें से व्यक्ति 19 साल का ईरानी लड़का है। इसका नाम पौरिया नूर मोहम्मद मेहरदाद बताया जा रहा है। शुरूआती जांच में पता चला है कि वह ऑस्ट्रियन पासपोर्ट पर सफर कर रहा था। हालांकि पुलिस ने उसके आतंकी गतिविधि में शामिल होने की बात से इनकार किया है।

जिस पासपोर्ट पर मेहरदाद सफर कर रहा था, वह ऑस्ट्रियन नागरिक क्रिश्चियन कोजेल का था। उसने थाईलैंड के फुकेट में इसके खोने की रिपोर्ट में भी दर्ज कराई थी। मालूम हो कि मलेशिया एयरलाइन्स का बोइंग 370 विमान शनिवार को कुआलालंपुर से बीजिंग जा रहा था लेकिन अचानक लापता हो गया। बोइंग 370 मॉडल अब से पहले केवल एक बार ही दुर्घटना का शिकार हुआ है। दो इंजन वाले इस विमान का सुरक्षा संबंधी रिकॉर्ड बहुत ही अच्छा रहा है और वर्ष 1995 में पहली बार सेवा में शामिल होने के बाद से वह दुनिया का सर्वाधिक उड़ान भरने वाला यात्री विमान रहा है।

लापता विमान में मोहन कुमारमंगलम के नाती थे सवार

एशियाई विमान के लापता होने की खबर सुनकर भारत के दिवंगत मंत्री मोहन कुमारमंगलम की बेटी बीजिंग पहुंच गई हैं। इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि शनिवार को कुआलंपुर से बीजिंग के लिए उड़ान भरने वाले विमान में कनाडाई नागरिक उनका बेटा और चीनी मूल की उनकी पुत्रवधू भी यात्रा कर रहे थे। संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाली उमा मुखर्जी कुमारमंगलम की बेटी हैं। कुमारमंगलम इंदिरा गांधी के मंत्रिमंडल में थे। वर्ष 1973 में नई दिल्ली हवाई अड्डे के समीप हुई विमान दुर्घटना में मारे गए 48 लोगों में कुमारमंगलम भी शामिल थे।

अरबियन बिजनेस आनलाइन के मुताबिक, यह पुष्टि होने के बाद कि लापता हुए विमान एमएच 370 की यात्री सूची में उनके बेटे मुक्तेश मुखर्जी (47) और उनकी पत्नी सिआमाओ बाई (37) के नाम भी शामिल हैं, उमा दुबई से चीन की राजधानी पहुंच गईं। भारतीय मूल के कनाडाई मुक्तेश पेन्सल्वानिया की एक्स कोल इनर्जी एंड रिसोर्सेस के चीन में आपरेशन्स वाइस प्रेसिडेंट हैं। वे अपनी पत्नी के साथ शनिवार को विमान में सवार हुए थे। कुआलालंपुर से उड़ान भरने के करीब एक घंटे बाद विमान वियतनाम तट के समीप लापता हो गया। उमा और उनके परिवार के लिए मोहन कुमारमंगलम की मौत के बाद चार दशकों में यह दूसरा हादसा है। कुमारमंगलम के बेटे पीआर कुमारमंगलम, पीवी नरसिंह राव और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री थे। उनका निधन 2000 में हो गया था।

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