Majid Advance System: बिना एयरफोर्स Iran कैसे गिरा रहा America के फाइटर जेट? Majid सिस्टम या चीन का हाथ?
Majid Advance System: पिछले 24 घंटों में अमेरिकी सेना को बड़ा झटका लगा है। दो लड़ाकू विमानों को मार गिराया गया और ईरान ने एक-एक ब्लैक हॉक और चिनूक हेलीकॉप्टरों को भी निशाना बनाया। इन घटनाओं ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका की ईरान के आसमान एयर सुपीरियरिटी है। साथ ही, ये देखना बेहद जरूरी हो जाता है कि आखिर ईरान ने ये किया कैसे?
किसे दिए ईरान ने जेट गिराने का क्रेडिट?
ईरान की सफलता का बड़ा कारण उसकी Asymmetric Warfare स्ट्रेटजी है। यानी वह पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि अलग और अप्रत्याशित तरीकों से हमला कर रहा है, जिससे अमेरिका को चौंका रहा है। अमेरिकी के F-15E Strike Eagle को मार गिराने का क्रेडिट IRGC ने एक नए एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम को दिया।

कौन सा हथियार इस्तेमाल हुआ?
ईरान ने यह साफ नहीं किया कि उसने कौन सा हथियार इस्तेमाल किया, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि Majid एयर डिफेंस सिस्टम के इस्तेमाल होने की पूरी संभावना हैं। ये खासकर कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों को निशाना बनाता है।
क्या है Majid सिस्टम?
Majid एक Surface-to-Air Missile सिस्टम है, जिसे ईरान ने 2021 से इस्तेमाल करना शुरू किया है। यह जमीन पर तैनात रहता है और हवा में फ्लाइंग ऑब्जेक्ट्स को टारगेट करता है। इस सिस्टम की खासियत यह है कि यह रडार पर निर्भर नहीं करता। यह passive infrared detection का इस्तेमाल करता है, जिससे विमान को इसका पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
कितनी दूर तक सेट कर सकता है टारगेट
Majid सिस्टम की मारक क्षमता करीब 8 किलोमीटर दूरी और 6 किलोमीटर ऊंचाई तक है। इसकी पहचान क्षमता 15 किलोमीटर तक जाती है, जिसे Kashef-99 सिस्टम के साथ जोड़कर 30 किलोमीटर तक बढ़ाया जा सकता है। यह सिस्टम एक साथ कई लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है और इसमें 8 मिसाइलें एक साथ तैयार रखी जा सकती हैं। इसकी मिसाइलें infrared guidance से चलती हैं, जिससे विमान के लिए इन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है।
F-35 की कमजोरी बनी वजह
F-35 जैसे एडवांस जेट भी इसकी पकड़ में आ सकते हैं, क्योंकि वे ज्यादा हीट जनरेट करते हैं। यही उनकी सबसे बड़ी कमजोरी (Achilles' heel) बन जाती है। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से Majid सिस्टम ने MQ-9 और Heron जैसे कई ड्रोन भी नष्ट किए हैं।
23 साल बाद गिरा कोई अमेरिकी जेट
अमेरिकी लड़ाकू विमान को दुश्मन द्वारा गिराए जाने की यह घटना 20 साल से ज्यादा समय बाद हुई है। इससे पहले 2003 में इराक युद्ध के दौरान ऐसा हुआ था। इस घटना ने अमेरिका के 'एयर सुपीरियरिटी' के दावों को कमजोर कर दिया है।
एयर सुपीरियरिटी का दावा खत्म
डोनाल्ड ट्रंप ने 24 मार्च को दावा किया था कि अमेरिकी विमान तेहरान के ऊपर उड़ रहे हैं और ईरान कुछ नहीं कर सकता। लेकिन एक हफ्ते के भीतर ही ईरान ने इन दावों को चुनौती देते हुए जवाबी कार्रवाई कर दी।
स्ट्रेटजी में बड़ा बदलाव
ईरान ने अपनी रणनीति बदली है। अब वह स्थिर एयर डिफेंस सिस्टम के बजाय मोबाइल लॉन्चर और छिपे हुए सिस्टम पर ज्यादा फोकस कर रहा है। ये मोबाइल लॉन्चर जो तेजी से अपनी जगह बदल सकते हैं। इसे shoot-and-scoot स्ट्रेटजी कहा जाता है।
रूस से 'Verba' मिसाइलें
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने रूस से 500 Verba मिसाइल लॉन्चर खरीदने का समझौता किया है। ये दुनिया की सबसे एडवांस पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम में गिने जाते हैं। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान चीन की HQ-9B लंबी दूरी की मिसाइल सिस्टम का भी इस्तेमाल कर सकता है, जिसमें रडार और इंफ्रारेड दोनों गाइडेंस होते हैं।
ट्रंप के लिए तगड़ा सबक
अमेरिका के ये घटनाएं एक जोरदार सबक से कम नहीं हैं। यह सच है कि सैन्य ताकत के मामले में ईरान अमेरिका के बराबर नहीं है, लेकिन इन हमलों ने यह दिखा दिया है कि ईरान अब भी कायदे से जवाब देने में सक्षम है। कमजोर एयर डिफेंस का मतलब खत्म होना नहीं है, इसलिए ईरान अब भी लड़ रहा है, यह हैरानी की बात नहीं है।
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