Meloni Vs Macron: 'हद में रहो...कुछ भी मत बोलो', किसकी मौत पर भिड़े मैक्रों और मेलोनी?
Meloni Vs Macron: भारत में हुई AI Impact Summit से लौटन से पहले ही फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुलएल मैक्रों और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी में झगड़ा हो गया है। इस झगड़ी की वजह है फ्रांस के दक्षिणपंथी कार्यकर्ता क्विंटिन डेरांक की हत्या, जिस पर प्रधानमंत्री मेलोनी की टिप्पणी को लेकर फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। आइए पूरी घटना को आसान भाषा में समझते हैं।
मैक्रों ने मेलोनी को कहा- 'अपनी हद में रहें'
फ्रांसी के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने फ्रांस में हुई एक हत्या को लेकर सरकार पर लापरवाही के आरोप लगाए थे। मैक्रों ने साफ कहा कि 'हर किसी को अपनी हद में रहना चाहिए' और दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में दखल से बचना चाहिए। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया है।

कौन थे क्विंटिन डेरांक और क्या है मामला?
क्विंटिन डेरांक गणित के छात्र थे और उन्हें फ्रांस में दक्षिणपंथी विचारधारा से जुड़ा माना जाता था। शनिवार को लियोन शहर में दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच झड़प हुई, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं थी, बाद में उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
फ्रांसी के फेमस अखबार Le Monde की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में हिरासत में लिए गए 11 संदिग्धों में से ज्यादातर लोग वामपंथी आंदोलनों से जुड़े बताए जा रहे हैं। इसी वजह से यह मामला अब सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि राजनीतिक मुद्दा बन गया है।
मेलोनी ने कहा- 'यह पूरे यूरोप के लिए घाव'
बुधवार को जॉर्जिया मेलोनी ने इस हत्या को 'पूरे यूरोप के लिए एक घाव' बताया। उन्होंने कहा कि कई देशों में 'वैचारिक नफतर का माहौल' फैल रहा है और यह बेहद खतरनाक है। हालांकि फ्रांस में इसे एक तरह से आंतरिक मामलों में बयानबाजी के रूप में देखा गया। फ्रांसीसी नेताओं को लगा कि मेलोनी ने अप्रत्यक्ष रूप से फ्रांस की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
नई दिल्ली से मैक्रों का मेलोनी पर कटाक्ष
गुरुवार को नई दिल्ली दौरे के दौरान मैक्रों ने राष्ट्रवादी नेताओं पर तंज कसते हुए कहा, 'मुझे हमेशा अजीब लगता है कि जो लोग अपने देश में किसी को हस्तक्षेप नहीं करने देना चाहते, वही लोग दूसरों के देशों पर टिप्पणी करने वाले पहले व्यक्ति बन जाते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि हिंसा को कोई भी चीज सही नहीं ठहरा सकती, लेकिन हर देश को अपनी सीमाओं का सम्मान करना चाहिए।
मेलोनी ने दी सफाई
मैक्रों की प्रतिक्रिया पर मेलोनी ने आश्चर्य जताया। उन्होंने इटली के चैनल Sky TG24 से बात करते हुए कहा कि उनका ध्यान खास तौर पर फ्रांस पर नहीं था, बल्कि समाज में बढ़ते ध्रुवीकरण के खतरे पर था। उन्होंने साफ किया कि उनका बयान किसी देश में हस्तक्षेप के लिए नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक चिंता को लेकर था।
लेफ्टिस्ट पर आरोप
फ्रांस के आंतरिक मंत्री लॉरेंट नूनेज़ और न्याय मंत्री गेराल्ड डारमैनिन ने डेरांक की हत्या के लिए 'अत्यधिक वामपंथी' कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है। इस बयान ने मामले को और ज्यादा राजनीतिक बना दिया है, क्योंकि अब यह सीधा वामपंथ बनाम दक्षिणपंथ की बहस में बदलता दिख रहा है।
यूरोप में भी राइट-लेफ्ट और राष्ट्रवाद पर क्लेश
यह मामला अब सिर्फ एक हत्या का नहीं, बल्कि यूरोप में बढ़ते राजनीतिक ध्रुवीकरण का प्रतीक बन गया है। दक्षिणपंथ और वामपंथ के बीच टकराव, राष्ट्रवाद बनाम उदारवाद की बहस, और देशों के बीच बयानबाजी ने माहौल को और संवेदनशील बना दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या फ्रांस और इटली के बीच यह विवाद बढ़ता है या कूटनीतिक स्तर पर इसे सुलझा लिया जाता है।
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