Lufthansa एयरलाइंस के पायलटों ने की हड़ताल, 800 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल, दिल्ली एयरपोर्ट पर भारी भीड़
लुफ्थांसा कंपनी इस साल पहले भी कई बार सुरक्षाकर्मियों और ग्राउंड स्टाफ की हड़ताल की वजह से कई बार परेशानी में फंस चुकी है।
बर्लिन, सितंबर 02: जर्मन एयरलाइंस प्रमुख लुफ्थांसा की शुक्रवार को 800 से ज्यादा उड़ानें रद्द होने की संभावना है, क्योंकि एयरलाइंस कंपनी के पायलटों ने हड़ताल की घोषणा कर दी है। पायलट संघ ने वेतन वृद्धि को मंजूरी नहीं दिए जाने पर आधी रात से एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा की है, जिसका सीधा असर कंपनी की 800 से ज्यादा उड़ानों पर होगा। लुफ्थांसा एयरलाइंस ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि, हड़ताल से 130,000 यात्रियों के प्रभावित हो सकते हैं।

लुफ्थांसा कंपनी के पायलटों का हड़ताल
वेरिनिगंग कॉकपिट यूनियन ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि, सैलरी में इजाफे को लेकर बातचीत फेल हो गई है और लुफ्थांसा के पायलट गुरुवार की मध्यरात्रि के बाद 24 घंटे की हड़ताल करेंगे, जिससे यात्री और कार्गो दोनों सेवाएं प्रभावित होंगी। उड़ान रद्द होने से फ्रैंकफर्ट और म्यूनिख हवाईअड्डे प्रभावित होंगे, एयरलाइंस ने कहा कि गुरुवार को भी कई उड़ानें रद्द कर दी गईं। पायलट यूनियन ने अपने 5,000 से ज्यादा पायलटों के लिए इस साल 5.5 प्रतिशत वेतन वृद्धि और उसके बाद एक महंगाई में भारी इजाफे के लिए मुआवजे की मांग की है। वहीं, लुफ्थांसा के प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा कि, "हमें जल्द से जल्द बातचीत की टेबल पर वापस लौटने की उम्मीद है। हालांकि, हम उनकी मांगों से जुड़ी लागत वृद्धि को भी सहन नहीं कर सकते हैं।"
हजारों यात्रियों पर होगा गंभीर असर
लुफ्थांसा कंपनी इस साल पहले भी कई बार सुरक्षाकर्मियों और ग्राउंड स्टाफ की हड़ताल की वजह से कई बार परेशानी में फंस चुकी है और एयरलाइन कंपनी को जुलाई में जर्मनी के शक्तिशाली वर्डी यूनियन द्वारा बुलाए गए एक दिवसीय वाकआउट का सामना करना पड़ा, जिसने फ्रैंकफर्ट और म्यूनिख में घरेलू केंद्रों पर अपनी उड़ानें प्रभावित हुईं थीं। लुफ्थांसा ने कहा कि वह पायलटों के संघ द्वारा बुलाई गई शुक्रवार की हड़ताल के प्रभाव को कम करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है, लेकिन वह सप्ताहांत में कुछ मार्गों पर रद्द या देरी से इंकार नहीं कर सकती। लुफ्थांसा के कार्यकारी बोर्ड के सदस्य और एचआर प्रमुख माइकल निगेमैन ने कहा कि, उन्होंने हड़ताल क्यों किया है, ये हमारी समझ से परे है, क्योंकि कोविड संकट की वजह से पहले ही एयरलाइन कंपनी काफी परेशानी से जूझ रही है और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अनिश्चित संभावनाओं के बावजूद प्रबंधन ने एक बहुत अच्छा और सामाजिक रूप से संतुलित प्रस्ताव दिया था। यह वृद्धि कई हजारों ग्राहकों की कीमत पर आती है।

लुफ्थांसा ने क्या दिया था प्रस्ताव
आपको बता दें कि, लुफ्थांसा कंपनी ने 18 महीने की अवधि में दो चरणों में प्रति माह मूल वेतन में कुल 900 यूरो ($901.35) से ज्यादा की वृद्धि की पेशकश की थी और साथ ही कॉकपिट कर्मचारियों को न्यूनतम बेड़े के आकार की गारंटी देने का ऑफर दिया था। लेकिन, पायलट यूनियन ने ऑफर को खारिज कर दिया। गर्मी के इस मौसम में लुफ्थांसा के अलावा कई और उड़ान कंपनियों को अपनी सैकड़ों उड़ाने रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा है, जिसकी वजह से एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की काफी भीड़ देखी जा रही है। पायलटों के हड़ताल की वजह से गर्मी की छुट्टियों में घुमने का प्लान करने वाले लोग भी निराश हैं।

दिल्ली एयरपोर्ट पर लगी भीड़
वहीं, लुफ्थांसा एयरलाइंस के पायलटों की हड़ताल की वजह से दिल्ली एयरपोर्ट पर भी यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और एयरपोर्ट पर भीड़ लगी हुई है। वहीं, सीआईएसएफ के साथ आईजीआई हवाई अड्डे के कर्मचारियों स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहा है और भीड़ को मैनेज किया जा रहा है। वहीं, आईजीआई एयरपोर्ट के डीसीपी ने कहा है कि, एयरलाइंस द्वारा यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के प्रयास जारी हैं।












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