Engineer Rashid: आतंकवाद के आरोपी इंजीनियर राशिद की जीत कितनी खतरनाक? जेल से उमर अब्दुल्ला को हराया
Who is Engineer Rashid: जम्मू कश्मीर में इस बार रिकॉर्डतोड़ मतदान हुआ था और आज जब नतीजे जारी हुए हैं, तो जम्मू कश्मीर के चुनावी नतीजे से हर किसी को हैरान कर दिया है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला चुनाव हार गये हैं और उन्हें हराने वाले नेता का नाम है, इंजीनियर राशिद, जो आतंकवाद के आरोपों में जेल में बंद हैं।
बारामूला सीट से जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले इंजीनियर राशिद ने भारी बहुमत से जीत हासिल की है।

चुनाव हारने के बाद उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर लिखा, कि "मुझे लगता है, जो हुआ है उसे स्वीकार करने का समय है। इंजीनियर राशिद को उत्तरी कश्मीर में उनकी जीत के लिए बधाई। मुझे नहीं लगता, कि उनकी जीत से उन्हें जेल से जल्दी रिहाई मिलेगी और न ही उत्तरी कश्मीर के लोगों को वह प्रतिनिधित्व मिलेगा, जिसका उन्हें अधिकार है, लेकिन मतदाताओं ने अपनी बात कह दी है और लोकतंत्र में यही सबसे ज्यादा मायने रखता है।"
चुनाव आयोग के मुताबिक, खबर लिखे जाने तक अब्दुल राशिद शेख यानि इंजीनियर राशिद को 4 लाख 72 हजार 481 वोट मिले थे, जबकि उमर अब्दुल्ला को 2 लाख 68 हजार 339 वोट मिले और इस तरह उमर अब्दुल्ला 2 लाख से ज्यादा वोटों से हार गये हैं।
कौन हैं अब्दुल राशिद शेख यानि इंजीनियर राशिद?
- शेख अब्दुल राशिद, जिन्हें आम बोलचाल की भाषा में इंजीनियर राशिद के नाम से जाना जाता है, वो दो बार विधायक रह चुके हैं और अवामी इत्तेहाद पार्टी के प्रमुख हैं।
- हालांकि, वह अवामी इत्तेहाद पार्टी का नेतृत्व करते हैं, लेकिन उन्होंने निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा था।
-राशिद वर्तमान में आतंकी फंडिंग मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं।
- शेख अब्दुल रशीद को 2019 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकी फंडिंग गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया था, जो गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत हिरासत में लिए जाने वाले पहले मुख्यधारा के नेता बन गए।
-उनके दो बेटे अबरार रशीद और असरार रशीद, जिन्होंने इस चुनावी चक्र में अपने पिता के लिए चुनाव अभियान का नेतृत्व किया था, उन्होंने विश्वास जताया था, कि उनकी रैलियों में देखी गई भारी भीड़, राशिद के लिए वोटों में बदल जाएगी, जिससे उन्हें जेल से रिहा करना पड़ेगा।
- हालांकि, उमर अब्दुल्ला ने इस विश्वास का खंडन करते हुए कहा, "मुझे विश्वास नहीं है, कि उनकी जीत से उन्हें जेल से जल्दी रिहाई मिलेगी और न ही उत्तरी कश्मीर के लोगों को वह प्रतिनिधित्व मिलेगा, जिसका उन्हें अधिकार है, लेकिन मतदाताओं ने अपनी बात कह दी है और लोकतंत्र में यही मायने रखता है।"

- इससे पहले 2008 और 2014 में, राशिद ने लंगेट विधानसभा क्षेत्र जीता था। उन्होंने 2019 में संसदीय चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
- राशिद केंद्र शासित प्रदेश में लोकसभा चुनावों में एक बड़े प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरे हैं, क्योंकि उनके प्रतिद्वंद्वियों में पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन भी शामिल हैं।
इंजीनियर राशिद की जीत कितनी खतरनाक?
इंजीनियर राशिद, आतंकवाद के आरोपों में जेल में बंद हैं और कई लोगों का कहना है, कि उनका जीतना खतरनाक साबित हो सकता है। उमर अब्दुल्ला भारत समर्थक नेता माना जाता है और उनका परिवार लगातार भारतीय राजनीति में सक्रिय रहा है। हालांकि, इंजीनियर राशिद भी दो बार विधायक रह चुके हैं, लेकिन अगर उनके खिलाफ लगे आरोपों में दम है और वो अगर वाकई आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं, तो निश्चित तौर पर उनकी जीत बताता है, कि चुनाव में एक एक चरमपंथी नेता की जीत हुई है।












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