लेबनान में इजराइली हवाई हमलों में 490 से ज्यादा लोग मारे गए, 18 साल बाद सबसे घातक हमला
लेबनान में 23 सितंबर 2024 को इज़रायली हवाई हमलों में 492 लोगों की मौत हो गई, जिसमें 90 से अधिक महिलाएं और बच्चे शामिल थे। यह 2006 के इज़रायल-हिजबुल्लाह युद्ध के बाद का सबसे भीषण हमला था।
इज़रायल ने हिजबुल्लाह के खिलाफ अपने बड़े हवाई हमलों से पहले लेबनान के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों के निवासियों को घर खाली करने की चेतावनी दी थी।

बड़ी संख्या में लोगों का पलायन
इज़रायली हमलों की चेतावनी मिलने के बाद हजारों लेबनानी लोग दक्षिणी क्षेत्रों से भागने लगे। सिडोन से बेरूत जाने वाले मुख्य राजमार्ग पर कारों की लंबी कतारें लग गईं, जो 2006 के बाद सबसे बड़े पलायन की तस्वीर पेश कर रही थीं। इस पलायन के बावजूद लेबनान में जान-माल की भारी क्षति हुई।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि हमलों में 35 बच्चों और 58 महिलाओं सहित 492 लोगों की मौत हुई है, और 1,645 लोग घायल हुए हैं। यह आंकड़ा 2020 में बेरूत बंदरगाह विस्फोट से भी अधिक है, जिसमें 218 लोग मारे गए थे।
नेतन्याहू की चेतावनी
इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक रिकॉर्डेड संदेश में लेबनान के नागरिकों को इज़रायली सेना की चेतावनियों पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा, "इस चेतावनी को गंभीरता से लें और खतरे से दूर हो जाएं। हमारा ऑपरेशन समाप्त होने के बाद आप सुरक्षित रूप से अपने घर वापस आ सकते हैं।"
इज़रायली सेना का अभियान
इज़रायली सेना के प्रवक्ता, रियर एडमिरल डैनियल हगरी ने कहा कि सेना हिजबुल्लाह को इज़रायल की सीमा से हटाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सोमवार के हवाई हमलों में इज़रायली सेना ने हिज़्बुल्लाह के 1,300 ठिकानों पर हमला किया, जिसमें क्रूज मिसाइल, रॉकेट, और ड्रोन नष्ट किए गए। हगरी ने कहा कि हिज़्बुल्लाह ने इज़रायल में 9,000 से अधिक रॉकेट और ड्रोन दागे हैं, जिसमें अकेले सोमवार को 250 हमले हुए।
हिज़बुल्लाह का नुकसान
इज़रायली सेना ने दावा किया कि हिज़्बुल्लाह को इन हवाई हमलों से भारी नुकसान हुआ है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ऑपरेशन कब तक चलेगा, लेकिन ज़मीनी हमले की संभावना से भी इंकार नहीं किया गया। इज़रायली प्रवक्ता ने बताया कि हिज़्बुल्लाह ने कई रिहायशी इलाकों में अपने हथियार छिपाए हुए थे, जिससे उन इलाकों को युद्ध क्षेत्र में बदल दिया गया है।
लेबनान में इज़रायली हमले से स्थिति बहुत ही भयावह हो गई है। हिज़बुल्लाह और इज़रायल के बीच यह संघर्ष गंभीर रूप से बढ़ चुका है, जिसमें आम नागरिक सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। इस हमले ने 2006 के बाद के सबसे खतरनाक दिन को जन्म दिया है, और इससे लेबनान में पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति और बिगड़ गई है।












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