Khamenei Wife Death: इजरायल हमले में घायल खामेनेई की पत्नी की भी मौत-3 दिन तक तड़पती रही, परिवार के कितने मरे?
Khamenei Wife Death: मध्य पूर्व में जारी ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध ने अब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के परिवार को गहरा नुकसान पहुंचाया है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, खामेनेई की पत्नी मन्सूरी खोजस्ते बाघेरज़ादेह की मौत हो गई है। वे 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं और इलाज के दौरान 2 मार्च को उनकी मौत हो गई।
यह खबर ऐसे समय में आई है जब खामेनेई खुद भी 28 फरवरी को तेहरान में हुए हमलों में मारे गए थे, जिसकी पुष्टि ईरानी राज्य मीडिया ने की है। ईरान ने 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है।

परिवार पर क्या गुजरी?
ईरानी राज्य मीडिया (फार्स न्यूज एजेंसी सहित) ने पुष्टि की कि 28 फरवरी के हमलों में खामेनेई के परिवार के कई सदस्य मारे गए। उनकी एक बेटी, दामाद, पोती (बेटी की बेटी), और एक बहू। ये हमले तेहरान में खामेनेई के आवास/कार्यालय परिसर पर हुए, जहां कई वरिष्ठ नेता और परिवार के सदस्य मौजूद थे। ईरानी मीडिया ने इन्हें 'शहादत' बताया है। कुछ रिपोर्ट्स में ईरान के रक्षा मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की भी मौत की पुष्टि हुई है।
ट्रंप का दावा और घटनाक्रम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर दावा किया था कि इजरायल के साथ मिलकर अमेरिका ने खामेनेई को मार गिराया है। उन्होंने खामेनेई को 'इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक' बताया। बाद में ईरानी राज्य टीवी ने उनकी मौत की पुष्टि की। हमलों के जवाब में ईरान ने इजरायल और क्षेत्रीय अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल-ड्रोन हमले किए, जिससे तनाव और बढ़ गया है।
Who Was Khamenei Wife: मन्सूरी खोजस्ते बाघेरज़ादेह कौन थीं?
खामेनेई की निजी जिंदगी हमेशा गोपनीय रही है। उन्होंने 1964 में सिर्फ एक शादी की थी। उनकी पत्नी मन्सूरी खोजस्ते बाघेरज़ादेह का जन्म 1947 में मशहद शहर के एक धार्मिक फारसी परिवार में हुआ था। उनके पिता मोहम्मद एस्माईल खोजस्ते बाघेरज़ादेह एक व्यवसायी थे, जबकि भाई हसन खोजस्ते बाघेरज़ादेह ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) में उप निदेशक रह चुके हैं।
मन्सूरी इस्लाम के सख्त अनुयायी थीं और फारसी समुदाय से ताल्लुक रखती थीं। वे सार्वजनिक जीवन से पूरी तरह दूर रहीं और कभी आधिकारिक कार्यक्रमों में नहीं दिखीं। खामेनेई के साथ उनका रिश्ता मजबूत माना जाता था। युद्ध शुरू होने से पहले उनकी लोकेशन अज्ञात थी, लेकिन संभवतः वे खामेनेई के साथ ही सुरक्षित स्थान पर थीं। खामेनेई दंपति के छह बच्चे थे (तीन बेटियां सहित), लेकिन परिवार के बारे में विस्तृत जानकारी सीमित है।
यह घटनाक्रम ईरान के शासन पर गहरा संकट पैदा कर रहा है। खामेनेई की मौत के बाद उत्तराधिकार और स्थिरता के सवाल उठ रहे हैं। युद्ध का असर वैश्विक तेल बाजार, क्षेत्रीय सुरक्षा और प्रवासी भारतीयों पर भी पड़ सकता है। भारत सहित दुनिया भर की नजरें अब ईरान की अगली स्थिति पर टिकी हैं।












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