'पाकिस्तान सीमा पर रखे हैं हथियार', किसान आंदोलन को भड़का रहा खालिस्तानी आतंकी पन्नून, जारी किया जहरीला वीडियो

Pannun on Kisan Andolan: खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नून, भारत में आंदोलन कर रहे किसानों को भड़काने की कोशिश कर रहा है और उसने एक नया वीडियो जारी करते हुए कहा है, कि किसानों को भारतीय अधिकारियों के खिलाफ हथियार उठाना चाहिए।

सबसे हैरानी की बात ये है, कि अमेरिका में बैठा ये खालिस्तानी आतंकवादी एक के बाद एक वीडियो जारी कर भारत के खिलाफ जहर उगल रहा है, भारत में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन बाइडेन प्रशासन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

Pannun kisan andolan video

पन्नून ने की किसानों को भड़काने की कोशिश

आपको बता दें, कि गुरपतवंत सिंह पन्नून प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) का संस्थापक और एक वकील है, जिसके पास अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता है। और ये वही आतंकवादी है, जिसकी हत्या की कोशिश का आरोप अमेरिका ने भारत के एक अधिकारी के खिलाफ लगाया था, जिसकी जांच चल रही है।

न्यूज-18 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस वक्त जब भारत में किसान आंदोलन चल रहा है और हरियाणा-पंजाब से लगते शंभू बॉर्डर पर किसान डटे हुए हैं, उस वक्त इस खालिस्तानी आतंकवादी ने भारत के खिलाफ जहर उगला है और उसने एक वीडियो जारी कर किसानों से कहा है, कि पाकिस्तान से लगने वाली करतारपुर बॉर्डर के पास हथियार रखे हुए हैं।

पन्नून ने किसानों को भड़काने की कोशिश करते हुए कहा है, कि किसान इन हथियारों का इस्तेमाल अपनी बातों को मनवाने के लिए केन्द्र सरकार के खिलाफ करें।

रिपोर्ट में कहा गया है, कि पन्नून ने किसानों को भड़काते हुए कहा है, कि किसान हथियारों का इस्तेमाल अधिकारियों के खिलाफ करें, ताकि सरकार उनकी बातें मानने के लिए तैयार हो जाए।

पन्नून ने अपने वीडियो में कहा है, कि "भारत सरकार की गोलियों का जवाब आप भी गोली से दें, करतारपुर बॉर्डर पर आपके लिए हथियार रखे हुए हैं।"

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार के शीर्ष अधिकारियों ने कहा है, कि वो पन्नून के वीडियो की जांच कर रहे हैं और अधिकारियों ने पुष्टि की है, कि पन्नून किसानों को भड़काने की कोशिश कर रहा है, लेकिन भारतीय किसान किसी खालिस्तानी आतंकवादी की बातों में नहीं आएंगे।

आपको बता दें, कि इससे पहले भी कई मौकों पर पन्नून भारत के खिलाफ जहर उगल चुका है और भारत में खून-खराबे की धमकी दे चुका है।

किसान आंदोलन का सातवां दिन

आपको बता दें, कि आज किसान आंदोलन का 7वां दिन है और किसान अभी भी पंजाब-हरियाण के शंभू बॉर्डर पर जमे हुए हैं। किसानों ने 'दिल्ली चलो अभियान' के तहत 13 फरवरी को शुरू किया था, लेकिन उन्हें इस बार दिल्ली की तरफ नहीं आने दिया गया और भारी सिक्योरिटी के बीच हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर ही उन्हें रोक दिया गया है।

दूसरी तरफ भारत सरकार और किसानों के बीच लगातार बातचीत चल रही है और 18 फरवरी को चौथे राउंड की बातचीत हुई है, जिसके बाद पंजाब किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंढेर ने कहा, कि बैठक के दौरान, केंद्र सरकार ने पांच साल की योजना सहित कुछ विचार पेश किए हैं, जिसके बाद किसानों ने फिहलाल 'दिल्ली चलो' मार्च पर रोक लगा दी है।

किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा, कि "हम साथी किसानों के साथ केंद्र सरकार की तरफ से दिए गये प्रस्तावों पर चर्चा करेंगे और एक्सपर्ट की राय लेंगे...हम अगले दो दिनों में सरकार के प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे और सरकार भी विचार-विमर्श करेगी। हमें सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है, अन्यथा हम अपना दिल्ली चलो मार्च जारी रखेंगे।''

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