वाशिंगटन में भारतीय दूतावास में खालिस्तान समर्थकों ने फिर की हिंसा भड़काने की कोशिश, पत्रकार को बुरी तरह पीटा
भारतीय पत्रकार ललित झा पर वाशिंगटन में खालिस्तानी समर्थकों द्वारा हमला किया गया और उनके साथ बदसलूकी की गई। ललित झा शनिवार दोपहर को भारतीय दूतावास के बाहर खालिस्तानी समर्थकों के विरोध प्रदर्शन को कवर कर रहे थे।

Image: PTI
अमेरिका के वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास के बाहर एक बार फिर से खालिस्तानी समर्थकों के एक समूह ने हिंसा भड़काने की कोशिश की। शनिवार को भारतीय दूतावास के बाहर जमा हुए अलगाववादी सिखों ने अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और अमेरिका में भारतीय राजदूत तरनजीत सिंह संधू को खुलेआम धमकी दी। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिंसा में लिप्त होने और सड़क के उस पार इमारत की खिड़कियों और शीशों को तोड़ने की कोशिश करते हुए देखा गया। विरोध के समय राजदूत दूतावास में नहीं थे। हालांकि अमेरिकी पुलिस और खूफिया विभाग की तत्परता से बड़ी घटना होने से टल गई।
भीड़ को हमले के लिए उकसाया
अलगाववादी सिखों के एक समूह भीड़ को संबोधित किया और भारत के खिलाफ आग उगली। इस दौरान कट्टरपंथी लोग भीड़ को दूतावास पर हमले के लिए उकसाते दिखे। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को लगा जब चीजें हाथ से निकल रही हैं उन्होंने सीक्रेट सर्विस और लोकल पुलिस को खबर की। इसके बाद कम से कम 3 पुलिस वैन दूतावास के बाहर पुलिस गईं और उन्होंने मामले को अपने कंट्रोल में ले लिया।
भारतीय पत्रकार को पीटा
इस दौरान वाशिंगटन स्थित भारतीय पत्रकार ललित झा पर खालिस्तान समर्थकों द्वारा गालियां दी गईं और उन्हें पीटा भी गया। वह शनिवार दोपहर भारतीय दूतावास के बाहर खालिस्तान समर्थकों के विरोध-प्रदर्शन को कवर कर रहे थे। झा ने रविवार को यूएस सीक्रेट सर्विस को अपनी रक्षा करने और काम करने में मदद करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि खालिस्तान समर्थकों ने उनके बाएं कान पर दो डंडे मारे। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर खालिस्तानी समर्थकों का एक वीडियो भी शेयर किया।
झा ने ट्वीट करते हुए लिखा, "मेरी दो दिन सुरक्षा करने और मेरो काम करने में मदद करने के लिए यूएस सीक्रेट सर्विस को धन्यवाद, अन्यथा मैं यह ट्वीट अस्पताल से लिख रहा होता। इस घटना ने मुझे मुझे 9/11 हमले की याद दिला दी और शारीरिक हमले के डर से मैं पुलिस वैन की तरफ सुरक्षा के लिए दौड़ा। इस समय मुझे इतना खतरा महसूस हुआ कि मैंने 911 पर कॉल किया। फिर मैंने सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों को देखा और उन्हें घटना के बारे में बताया।" हालांकि, पत्रकार झा ने उनके साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया है।
भारतीय दूतावास ने की निंदा
पत्रकार पर हुए इस मामले की भारतीय दूतावास ने निंदा की है। दूतावास ने बयान जारी कर कहा कि हम वरिष्ठ पत्रकार पर गंभीर हमले की निंदा करते हैं. ऐसी गतिविधियां कथित खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों और उनके समर्थकों के हिंसक और समाज विरोधी व्यवहार को रेखांकित करती हैं, जो लगातार हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं में लिप्त रहते हैं। बता दें कि पंजाब में अलगाववादियों पर जारी पुलिस के क्रैकडाउन से विदेश में रहने वाले खालिस्तान समर्थक बुरी तरह से बौखलाए हुए हैं। पिछले कुछ दिनों से अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में भारतीय उच्चायोग के बाहर चल रहे प्रदर्शन हिंसक होता जा रहा है।












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