कारगिल में 25 साल पहले किसने बढ़ाई थी टेंशन? PAK को अब हुआ एहसास, वाजपेयी को याद कर नवाज शरीफ ने उगला 'सच'
पाकिस्तान के पूर्व प्रधान मंत्री नवाज शरीफ ने स्वीकार किया कि उनके देश ने भारत के साथ 1999 के लाहौर घोषणा समझौते का उल्लंघन किया। उन्होंने कहा पाकिस्तान और पाकिस्तान के बीच भारत के तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के वक्त एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए था। जनरल परवेज मुशर्रफ का नाम लिए नवाज शरीफ ने कहा कि यह हमारी ही गलती थी।
पाक के पूर्व पीएम नवाज शरीफ ने इस हफ्ते मंगलवार को एक बार भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के वक्त भारत और पाकिस्तान हुए समझौते को याद किया और कहा कारगिल में वर्ष 1999 ने हुआ संघर्ष पाकिस्तान की ही गलती से हुआ था।

दरअसल, मंगलवार को पाकिस्तान ने अपने पहले परमाणु परीक्षण की 26वीं वर्षगांठ मनाई। इस मौके पर पूर्व पीएम नवाज शरीफ ने कहा, "राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने पाकिस्तान को परमाणु परीक्षण करने से रोकने के लिए 5 अरब अमेरिकी डॉलर की पेशकश की थी, लेकिन मैंने इनकार कर दिया। जबकि इमरान खान जैसा उस वक्त कोई भी मेरी सीट पर होता तो वो क्लिंटन का प्रस्ताव स्वीकार कर लेता।"
पाकिस्तान में सरकारी स्वामित्व वाले टीवी नेटवर्क पीटीवी ने पूर्व पीएम नवाज शरीफ के भाषण का एक अंश वायरल हो रहा है। जिसमें उन्होंने कारगिल यु्द्ध के लिए पाकिस्तान को ही जिम्मेदार माना। नवाज ने कहा कि जब वे पाक सेना के जनरल थे तो उन्होंने ही लद्दाख में कारगिल जिले में सेना की गुप्त घुसपैठ का आदेश दिया था और जब भारत सरकार को इसकी जनकारी हुई तो युद्ध छिड़ गया।
जिसे लाहौर घोषणा पत्र का आधार बनाया गया। उसके बाद ही 11 फरवरी 1999 को भारत के तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय यात्रा के दौरान पाकिस्तान गए थे। जब अटल बिहारी वाजपेयी बाघा पहुंचे तो उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसी दौरान प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने उनका स्वागत किया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
क्या था लाहौर घोषणा पत्र?
भारत और पाकिस्तान में तनाव को कम करने के लिए दोनों ही देश के बीच शांति प्रक्रिया पर विचार हुआ था। 23 सितंबर 1998 को दोनों सरकारों ने अपने- अपने देश के नागरिकों की भलाई और सुरक्षा के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। जिसे लाहौर घोषणा पत्र का आधार बनाया गया। लाहौर घोषणा पत्र के तहत कश्मीर मुद्दे से लेकर परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से बचाव जैसे कई मुद्दों पर सहमति दी गई थी। घोषणा पत्र में भारत पाकिस्तान ने परमाणु हथियारों के आकस्मिक या अनधिकृत इस्तेमाल से बचने के लिए तत्काल कदम उठाने पर सहमति व्यक्त की गई थी। इसके साथ ही दोनों देशों ने आपसी मतभेदों को सुलझाने के लिए संवाद प्रक्रिया को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।












Click it and Unblock the Notifications