Justin Trudeau: नाइटक्लब बाउंसर से प्रधानमंत्री तक का सफर, जस्टिन ट्रूडो का राजनीतिक सूरज कैसे हुआ अस्त?
Justin Trudeau Resigns: कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अपने नेतृत्व को लेकर बढ़ते असंतोष और पार्टी नेताओं के बगावत के बीच अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। पिछले महीने अपने वित्त मंत्री के अचानक इस्तीफा देने के बाद उनकी सरकार के भीतर भारी उथल-पुथल मच गया था।
पार्टी नेताओं के बीच बढ़ते असंतोष के बीच भी जस्टिन ट्रूडो इस साल अक्टूबर में होने वाले चुनाव में चौथे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने की योजना बना रहे थे, लेकिन अब उन्होंने ये कहते हुए इस्तीफा दे दिया है, कि 'वो चुनाव में पार्टी के लिए सबसे अच्छा विकल्प नहीं हो सकते हैं।'

जस्टिन ट्रूडो का प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा
उनकी लिबरल पार्टी को हाल ही में टोरंटो और मॉन्ट्रियल के दो जिलों में विशेष चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था, जहां पार्टी का वर्षों से दबदबा था। एक सदी से अधिक समय में किसी भी कनाडाई प्रधानमंत्री ने लगातार चार कार्यकाल नहीं जीते हैं और जस्टिन ट्रूडो भी अब लगातार चौथा कार्यकाल हासिल नहीं कर पाएंगे। वो पार्टी की तरफ से अगले नेता के चुने जाने तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहेंगे।
लेटेस्ट सर्वेक्षणों में जस्टिन ट्रूडो की सफलता की संभावनाएं बहुत कम दिख रही थीं। नैनोस के ताजा ओपिनिय पोल में उनकी लिबरल पार्टी, विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी से काफी पिछड़ती दिख रही है। लिबरल पार्टी को जहां सिर्फ 21 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है, वहीं कंजर्वेटिव पार्टी को 47 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिलने की संभावना जताई गई है।
सत्ता में लगभग एक दशक तक रहने के दौरान, जस्टिन ट्रूडो ने अपने उदारवादी आधार पर शासन चलाया था। उन्होंने उस समय आप्रवासन के पक्ष में बात की, जब अन्य देश अपनी सीमाओं को सख्त करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने विविधता और लैंगिक समानता की वकालत की और एक ऐसा मंत्रिमंडल बनाया, जिसमें पुरुष और महिला बराबर थे। इसके अलावा, उन्होंने देश में भांग को वैध बनाया।
नाइट क्लब बाउंसर और फिर बने टीवी होस्ट
जस्टिन ट्रूडो के पिता 1968 में सत्ता में आए थे और करीब 16 सालों तक कनाडा के प्रधानमंत्री रहे और इस दौरान वो देश के इतिहास में एक प्रसिद्ध नाम बन गए, सबसे खास तौर पर अप्रवासियों के लिए, जिसके लिए उन्होंने देश के दरवाजे खोल दिए। पियरे ट्रूडो की तुलना अक्सर जॉन एफ कैनेडी से की जाती थी, और वे उन कुछ कनाडाई राजनेताओं में से एक हैं, जिन्हें अमेरिका में पहचाना जाता है।
लंबे और सुडौल, फिल्म स्टार की शक्ल वाले जस्टिन ट्रूडो ने अपने पिता की स्टार पावर को अपनाया, लेकिन उनकी तरह राजनीतिक ताकत हासिल नहीं कर सके। लेकिन फिर भी वे कनाडा के इतिहास में दूसरे सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बने। हालांकि, जब वो काफी कम उम्र में वो पहली बार प्रधानमंत्री बने, तो विरोधियों ने उनकी उम्र को लेकर तंज कसा था, लेकिन अपने नेतृत्व में हुए 2015 के इलेक्शन में उन्होंने पार्टी को भारी बहुमत से जीत दिलाकर विरोधियों का मुंह बंद कर दिया था।
जस्टिन ट्रूडो राजनीति में आने से पहले कुछ समय तक नाइटक्लब के बाउंसर भी रहे। उनकी पत्नी एक टीवी होस्ट थीं, लेकिन अब उनका तलाक हो चुका है। उनके तीन बच्चे हैं।
जस्टिन ट्रूडो के राजनीतिक सूरज का कैसे हुआ अस्त?
ट्रूडो 10 साल के कंजर्वेटिव पार्टी के शासन के बाद 2015 में सत्ता में आए थे और शुरू में देश को उसके उदार अतीत की ओर वापस लाने के लिए उनकी सराहना की गई थी। लेकिन, धीरे धीरे वो अलोकप्रिय होते गये और भोजन की बढ़ती कीमत और आवास की बढ़ती लागत और बढ़ते आव्रजन की वजह से वो काफी अलोकप्रिय हो गये।
हालांकि, इकोनॉमी को लेकर ट्रूडो की लंबे समय से आलोचना की जा रही थी, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद उनके लिए मुश्किलें काफी बढ़ गई। ट्रंप ने उनके लिए तब मुश्किलें बढ़ा दी, जब उन्होंने ऐलान किया, कि शपथ ग्रहण के बाद वो कनाडा से आयात होने वाले सामानों पर भारी भरकम 25 प्रतिशत टैरिफ लगाएंगे। हालांकि, ट्रंप को मनाने के लिए ट्रूडो ने फ्लोरिडा का दौरा भी किया था, लेकिन बात नहीं बन पाई थी।












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