भारत तक पहुंचने के लिए नया रास्ता बना रहा रूस, पुतिन बोले- 10 दिन में तय होगा मुंबई का सफर

सदियों से यूरोप के साथ व्यापार रूस की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार रहा है। लेकिन यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बाद रूस का यूरोप से संबंध काफी कट गया है।

यही वजह है कि रूस, भारत, चीन और फारस की खाड़ी के देशों के साथ अपने संबंधों का विस्तार कर रहा है। अपने पश्चिमी रूट को छोड़ा रूस अब दक्षिणी रूट पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसके लिए रूस बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है।

Russia Pivots South for Trade

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक रूस इसके लिए 1.7 बिलियन डॉलर खर्च कर 100 मील का एक रूट बना रहा है जो कि फारस की खाड़ी पर रूसी पोर्ट और ईरानी पोर्ट को जोड़ेगा। इस लिंक के माध्यम से रूस से मुंबई की दूरी 20 दिन घट जाएगी।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि नए मार्ग से कार्गो के लिए सेंट पीटर्सबर्ग से मुंबई की यात्रा का समय अब 30 से घटकर केवल 10 दिन रह जाएगा। साउथ रूट को रूसी अधिकारी इसे एक "सफल क्रांतिकारी परियोजना" कह रहे हैं जो स्वेज नहर से प्रतिस्पर्धा करेगी।

रूस इस परियोजना के लिए ईरान को 1.4 अरब डॉलर का ऋण देने पर सहमत हो गया है। इस साउथ रूट का जिक्र करते हुए अजरबैजान के परिवहन विशेषज्ञ रऊफ अगामिरजायेव ने एनवाईटी से कहा कि पश्चिम के प्रतिबंधों ने रूस के पारंपरिक व्यापार मार्ग बड़े पैमाने पर अवरुद्ध कर दिए, यही वजह है कि उसे अन्य विकल्पों पर विचार करना पड़ा।

यह चीन की ओर रूस के व्यापारिक मार्गों को भी पूरा, जो वर्तमान में इसका सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार हैं। चीनी आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण से ठीक पहले, 2021 के बाद से, चीन के साथ रूस का व्यापार लगभग 63 प्रतिशत बढ़कर 2023 में 240 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है। भारत के साथ भी रूस का व्यापार बढ़ रहा है, जो 65 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है , जो 2021 के आंकड़े से चार गुना अधिक है।

नई रेलवे लाइन ईरान के दो शहरों अस्तारा और रश्त को जोड़ने का काम करेगी। यह उत्तर में ईरान और अजरबैजान को जोड़ता हुआ रूस के रेलवे ग्रिड में मिलेगा। यह रेलवे लिंक 2028 तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। यह रेलमार्ग 4300 मील के इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) का हिस्सा है।

साउथ रूट के जरिए रूसी व्यापारियों का भारत के साथ ही सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, पाकिस्तान और आगे के देशों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इसके अलावा यह रूस और चीन के बीच ट्रेडिंग रूट के भी नए विकल्प देगा।

समुद्री समाचार और खुफिया जानकारी में विशेषज्ञता रखने वाली लॉयड्स लिस्ट के अनुसार, हाल के महीनों में काकेशस और मध्य एशिया और कैस्पियन सागर से ईरान तक एक व्यापारिक मार्ग रूस के लिए पहले से ही महत्वपूर्ण रहा है। रूस विपरीत तरीके से तेल और कोकिंग कोयला और उर्वरक जैसे उत्पादों की शिपिंग भी कर रहा है।

ईरान से रेलवे लाइन के अलावा रूस एक पुराने सोवियत रेलवे को भी बहाल करना चाहता है। यह मॉस्को को अजरबैजान और आर्मेनिया के रास्ते ईरान और तुर्किये से जोड़ेगा। 1990 के दशक की शुरुआत में जब आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच युद्ध छिड़ था तो इस रेलवे लाइन को छोड़ दिया गया था।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+