मुझे यकीन है कि चीन तालिबान से समझौता करने की कोशिश कर रहा: जो बाइडेन
वॉशिंगटन, 08 सितंबर। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से जब पूछा गया कि क्या आपको इस बात की चिंता है कि चीन तालिबान को अब फंडिंग करेगा तो इसपर राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि चीन को तालिबान से असल में समस्या है, यही वजह है कि चीन तालिबान के साथ समन्वय बैठा रहा है, मुझे यकीन है कि चीन तालिबान के साथ समझौता करने की कोशिश कर हा है। ऐसा ही पाकिस्तान, रूस और ईरान कर रहे हैं। ये सभी कोशिश कर रहे हैं यह पता लगाने की कि अब क्या किया जाए।

राष्ट्रपति ने कहा कि जैसा पाकिस्तान करता है वैसा ही रूस, ईरान भी करता है। ये सभी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि अब वह आगे क्या करेंगे। अफगानिस्तान से सेना वापस बुलाने के बाद अमेरिका तालिबान को आर्थिक रूप से चोट पहुंचाने की कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है। अमेरिका ने न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व में अफगानिस्तान की आरक्षित निधि को तालिबान को देने से इनकार कर दिया है।अमेरिका ने तालिबान को स्पष्ट कर दिया है कि महिलाओं के अधिकार और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की दिशा में तालिबान को कदम उठाने होंगे, ऐसा करने पर ही अमेरिका आर्थिक अफगानिस्तान के रिजर्व की चाफी तालिबान को सौंपेगा। वहीं एक्सपर्ट का मानना है कि अगर चीन और रूस तालिबान को आर्थिक मदद देते हैं तो अमेरिका का दबाव तालिबान पर काम नहीं करेगा।
गौर करने वाली बात है कि अफगानिस्तान ने नई सरकार का गठन कर लिया है और मुल्ला हसन अखुंद को प्रधानमंत्री बनाया गया है। साथ ही कई ऐसे नेताओं को सरकार में शामिल किया गया है जिन्हें दुनिया के कई देश आतंकी मानते हैं। लिहाजा बड़ा सवाल यह है कि क्या दुनियाभर के देश अफगानिस्तान की इस नई सरकार को मान्यता देंगे। अमेरिका के साथ बातचीत में शामिल मुल्ला गनी बरादर को देश का उपप्रधानमंत्री बनाया जाएगा। बरादर ने ही अमेरिका के साथ हुए समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके बाद अमेरिका ने 31 अगस्त तक अफगानिस्तान को छोड़ने का ऐलान किया था।












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