बाइडेन जाएंगे जेल या देना पड़ेगा इस्तीफा? अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ होगी महाभियोग जांच, जानिए क्या होगा?
Joe Biden Impeachment inquiry: पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगियों के बढ़ते दबाव के आगे झुकते हुए अमेरिकी कांग्रेसे (संसद) के अध्यक्ष केविन मैक्कार्थी ने घोषणा की है, कि वह राष्ट्रपति जो बाइडेन के खिलाफ महाभियोग जांच शुरू करने का आदेश जारी कर रहे हैं।
स्पीकर केविन मैक्कार्थी ने मंगलवार को कहा, कि इस साल बाइडेन परिवार के व्यापारिक सौदों की सदन की जांच में "कल्चर ऑफ करप्शन" का खुलासा हुआ है, जिसकी गहन जांच की जरूरत है।

मैक्कार्थी ने यूनाइटेड स्टेट्स कैपिटल (संसद भवन) में अपने कार्यालय के बाहर संवाददाताओं से कहा, कि "ये सत्ता के दुरुपयोग, जांच में रुकावट डालने और भ्रष्टाचार के आरोप हैं।" उन्होंने "इसलिए आज मैं हमारी हाउस कमेटी को राष्ट्रपति जो बाइडेन के खिलाफ औपचारिक महाभियोग जांच शुरू करने का निर्देश दे रहा हूं।"
मैक्कार्थी ने कहा, कि वह महाभियोग जांच का नेतृत्व करने के लिए हाउस ज्यूडिशियरी, ओवरसाइट और वेज़ एंड मीन्स समितियों के अध्यक्षों को निर्देश देंगे, जो, राष्ट्रपति बाइडेन के परिवार से संबंधित विभिन्न जांचों पर महीनों से एक साथ काम कर रहे हैं।
आइये जानते हैं, कि बाइडेन के खिलाफ होने वाली ये जांच या महाभियोग जांच क्या है और उनके खिलाफ क्या लीगल एक्शन लिए जा सकते हैं?
महाभियोग जांच क्या है?
महाभियोग जांच और महाभियोग में अंतर ये है, कि महाभियोग जांच के तहत जांच करने का अधिकार दिया जाता है और अगर जांच के दौरान सबूत मिलते हैं, तो फिर महाभियोग लाया जाता है। यानि, अभी जो बाइडेन के खिलाफ सिर्फ जांच के आदेश करने का अधिकार दिया गया है।
महाभियोग जांच एक संघीय अधिकारी, जैसे अमेरिका के राष्ट्रपति, कैबिनेट अधिकारियों या न्यायाधीशों के खिलाफ लगे संभावित गलत कार्यों की जांच प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया अमेरिकी संविधान में लिखी गई है और यह कांग्रेस की कार्यकारी शाखा पर सबसे शक्तिशाली नियंत्रण है।
अमेरिकी संविधान के मुताबिक, हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव (जैसे भारत में लोकसभा) के पास एक संघीय अधिकारी पर सिर्फ महाभियोग चलाने की शक्ति है, जबकि, सीनेट (एक तरह से मानिए, जैसे भारत में राज्यसभा) के पास किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने और पद से हटाने की क्षमता है।
आज तक, किसी भी राष्ट्रपति को महाभियोग के जरिए व्हाइट हाउस से बाहर नहीं किया गया है। लेकिन पूर्व रिपब्लिकन राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने 1974 में इस्तीफा दे दिया था, क्योंकि सदन उनके खिलाफ महाभियोग के आरोपों पर वोट लाने की तैयारी कर रहा था।

बाइडेने के खिलाफ क्यों लाया गया महाभियोग जांच?
अमेरिका की संसद में इस समय डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मामूली बहुमत है और सदन, जो बाइडेन और उनके बेटे, हंटर बाइडेन के खिलाफ जांच चलाने के लिए आक्रामक है। रिपब्लिकन पार्टी ने सबूतों के जरिए जावा किया है, कि हंडर बाइडेन ने अपने पिता के प्रभाव का इस्तेमाल भ्रष्टाचार में किया है।
रिपब्लिकन पार्टी के ये आरोप उसी तरह के हैं, जो कई सालों से डोनाल्ड ट्रंप ने बाइडेन और उनके परिवार के खिलाफ लगाए हैं।
रिपब्लिकन पार्टी ने एफबीआई के एक असत्यापित टिप पर काफी फोकस रखा है, जिसमें आरोप लगाया गया है, कि जब बाइडेन, बराक ओबामा के प्रशासन में उपराष्ट्रपति थे, तब रिश्वतखोरी योजना में शामिल थे।
रिश्वतखोरी का ये दावा, जो 2019 में सामने आया था और ट्रम्प के पहले महाभियोग का हिस्सा था, इस आरोप से संबंधित है, कि बाइडेन ने तेल और गैस कंपनी बुरिस्मा, जिसके बोर्ड में उनके बेटे हंटर बाइडेन थे, उनके खिलाफ जांच को रोकने के लिए उन्होंने यूक्रेन पर प्रेशर डाला था, कि जांच अधिकारी को केस से हटा दिया जाए।
जबकि, बाइडेन की डेमोक्रेटिक पार्टी ने दोहराया है, कि जब ट्रम्प राष्ट्रपति थे, तब जस्टिस डिपार्टमेंट ने बरिस्मा दावे की जांच की थी, लेकिन जस्टिस डिपार्टमेंट को इस जांच को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले, जिसके बाद आठ महीने बाद मामले को बंद कर दिया गया था।
डेमोक्रेटिक पार्टी ने जो बाइडेन का बचाव करते हुए कहा है, कि कई और देशों ने उस यूक्रेनी अधिकारी को भ्रष्ट मानते हुए, उसे बर्खास्त करने की मांग की थी और हंटर बाइडेन के एक पूर्व बिजनेस पार्टनर ने अमेरिकी संसद में गवाही दी थी, कि रिश्वतखोरी के ये आरोप झूठे हैं।
बहरहाल, तीन सदन समितियां, राष्ट्रपति और उनके बेटे से संबंधित आरोपों की जांच कर रही हैं, जिनमें हंटर बाइडेन पर अपने विदेशी ग्राहकों के साथ अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए "बाइडेन ब्रांड" का इस्तेमाल करने के तरीके भी शामिल हैं।

क्या बाइडेन के खिलाफ चलाया जाएगा महाभियोग?
ऐसा जरूरी नहीं है। हालांकि, हाल के इतिहास में की गई सभी जांचों के परिणामस्वरूप राष्ट्रपतियों के खिलाफ महाभियोग लगाया गया है, लेकिन रिपब्लिकन पार्टी, इस शब्द और इसके संभावित राजनीतिक परिणामों पर जरूरी विचार करने के साथ सावधानी से आगे बढ़ रही है।
बाइडेन पर महाभियोग चलाने के लिए, सदन को उनके खिलाफ कम से कम एक महाभियोग के आरोप को मंजूरी देनी होगी, जिसके लिए बहुमत वोट की आवश्यकता होती है। महाभियोग की जांच, बिना आरोप लगाए भी बंद की जा सकती है।
स्पीकर मैक्कार्थी ने कहा है, कि महाभियोग की जांच यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है, कि कांग्रेस बाइडेन परिवार की जांच को आगे बढ़ाने के लिए अपने निरीक्षण अधिकार का पूरा उपयोग कर सके।
हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी के एक वरिष्ठ रिपब्लिकन सदस्य डेरेल इस्सा ने कहा, कि "हर किसी को समझना चाहिए, कि महाभियोग लक्ष्य नहीं है।" उन्होंने कहा, कि "महाभियोग यह कहने का एक तरीका है, कि यह विधायी निरीक्षण नहीं है, बल्कि वास्तव में संभावित गलत कार्य का निरीक्षण है।"
इसके बावजूद, जांच का खतरा राष्ट्रपति बाइडेन पर रहेगा, क्योंकि जांच संभावित रूप से अगले साल तक खिंच सकती है जब राष्ट्रपति होने वाले होंगे औरल वो ट्रम्प के नेतृत्व वाले रिपब्लिकनर का सामना करेंगे, जिन पर दो बार महाभियोग लगाया गया था।
पूछताछ में कितना समय लगेगा?
महाभियोग की जाँच कितने समय तक चल सकती है या चलनी चाहिए, इसके लिए कोई नियम नहीं हैं।
बाइडेन की जांच कुछ महीनों या एक साल तक चल सकती है, यह इस बात पर निर्भर करता है, कि मैक्कार्थी और अन्य रिपब्लिकन नेताओं का मानना है, कि महाभियोग के लेखों को समाप्त करने या आगे बढ़ने का सही समय है।
एकमात्र वास्तविक समय सीमा इस कांग्रेस का अंत होगी, जो 2 जनवरी 2025 है।
तो सवाल ये उठता है, कि क्या बाइडेन जेल जाएंगे?
नहीं, ना तो इस बात की कोई संभावना नहीं है, या ये संभव है। इस बात की भी संभावना नहीं है, कि बाइडेन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव कांग्रेस में वोट के जरिए पास किया जाएगा। हां, उनके खिलाफ जांच चलती रहेगी और बाइडेन से पूछताछ करने का अधिकारी अब जांच अधिकारियों को मिल गया है।












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