कनाडा में इंदिरा गांधी की हत्या का उत्सव, जस्टिन ट्रूडो सरकार पर भड़के जयशंकर.. आर-पार की होगी लड़ाई?
कनाडा की जस्टिन ट्रूडो सरकार ने हमेशा से खालिस्तानियों को पनाह दिया है और अब कनाडा मे रहने वाले खालिस्तानी, जस्टिन ट्रूडो के वोट बैंक बन गये हैं, जो उन्हें जिताने का काम करते हैं।

India-Canada News: कनाडा में इंदिरा गांधी की हत्या का उत्सव मनाने के लिए खालिस्तानियों ने एक रैली का आयोजन किया, जिसमें इंदिरा गांधी को गोली मारते हुए दिखाया गया है, जिसको लेकर भारत की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया दी गई है।
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को कनाडा के ब्रैम्पटन शहर में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या को दर्शाती परेड फ्लोट के दृश्य के बाद कनाडा को गंभीर चेतावनी दी है। खालिस्तान समर्थक तत्वों के प्रति कनाडा की स्पष्ट सहिष्णुता की निंदा करते हुए भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, कि यह "कनाडा और भारत के साथ उसके संबंधों के लिए अच्छा नहीं है।"
भारतीय विदेश मंत्री ने कनाडा की जस्टिन ट्रूडो सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है, कि "साफ तौर पर, हम वोट बैंक की राजनीतिक आवश्यकताओं के अलावा ये समझने में नाकाम रहे हैं, कि भला ऐसा कोई क्यों करेगा। मुझे लगता है कि अलगाववादियों, चरमपंथियों की हिंसा की वकालत करने लोगों को जगह देना, एक बड़ा मुद्दा है और मुझे लगता है, कि भारत और कनाडा के आपसी रिश्तों के लिए ये घटना अच्छा नहीं है और ये कनाडा के लिए भी अच्छा नहीं है।"
बिगड़ेंगे भारत-कनाडा के संबंध?
जयशंकर की तीखी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर चल रहे एक वीडियो के बाद आई है, जिसमें इंदिरा गांधी और उनके हत्यारों को दर्शाते हुए एक परेड फ्लोट दिखाया गया है। परेड में एक संकेत भी था, जिसमें कहा गया था, कि हत्या "श्री दरबार साहिब पर हमले का बदला" थी और उसमें 1984 में भारतीय सैनिकों द्वारा स्वर्ण मंदिर पर धावा बोलने का जिक्र किया गया था।
खबरों के मुताबिक, 6 जून को 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' की 39वीं वर्षगांठ से कुछ दिन पहले 4 जून को कथित तौर पर खालिस्तानी समर्थकों ने कनाडा में इस परेड का आयोजन किया था।
इससे पहले बुधवार को ओटावा में भारत के उच्चायोग ने ग्लोबल अफेयर्स कनाडा (जीएसी) को औपचारिक नोट भेजकर इस घटना पर कनाडा सरकार के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की है।
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने गुरुवार को इंदिरा गांधी की हत्या के चित्रण को 'घृणित' बताया। उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से इसे कनाडा के अधिकारियों के साथ मजबूती से उठाने का भी आग्रह किया है।
इस बीच, कांग्रेस के नेता मिलिंद देवड़ा ने कहा, कि "यह पक्ष लेने के बारे में नहीं है, यह एक देश के इतिहास के सम्मान और उसके प्रधानमंत्री की हत्या के दर्द के बारे में है। यह अतिवाद सार्वभौमिक निंदा और एकजुट प्रतिक्रिया का हकदार है।"
वहीं, भारत में कनाडा के उच्चायुक्त कैमरन मैके ने गुरुवार को इस घटना की निंदा करते हुए कहा, कि "कनाडा में घृणा या हिंसा के महिमामंडन के लिए कोई जगह नहीं है"।












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