नाइजीरिया में ISWAP का सेना के काफिले पर आत्मघाती हमला, कमांडर सहित 27 जवानों की मौत
नाइजीरिया के पूर्वोत्तर क्षेत्र में जिहादी आतंकवादियों द्वारा किए गए एक भीषण आत्मघाती हमले में कम से कम 27 सैनिकों जिनमें एक कमांडर भी शामिल हैं।उन्होंने अपनी जान गंवा दी। यह हमला इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रांत के आतंकवादियों द्वारा किया गया। जो इस क्षेत्र में लगातार आतंक का माहौल बनाए हुए हैं।
हमला तब हुआ जब सेना के जवान टिम्बकटू ट्राएंगल नामक क्षेत्र में एक ऑपरेशन के लिए बढ़ रहे थे। यह इलाका पहले बोको हराम के प्रभाव में था। लेकिन अब ISWAP का गढ़ बन गया है। आतंकवादियों ने घने जंगलों में छिपे विस्फोटकों से भरे वाहन का उपयोग करते हुए सैन्य काफिले को निशाना बनाया। इस आत्मघाती हमले में कई जवान घायल भी हुए हैं। जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

ISWAP की रणनीतियों ने बढ़ाई चुनौती
ISWAP जो 2016 में बोको हराम से अलग हुआ था। उन्होंने इस क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है और लगातार सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है। आतंकवादी सड़क किनारे बारूदी सुरंगें लगाने और आत्मघाती विस्फोट जैसी रणनीतियों का उपयोग करते हैं। जिससे नाइजीरिया की सेना को गंभीर नुकसान हो रहा है।
जुलाई में इसी तरह के एक हमले में सात सैनिक मारे गए थे। जब उनका वाहन एक बारूदी सुरंग की चपेट में आ गया। इन हमलों के पीछे आतंकवादियों की सटीक और घातक रणनीति काम कर रही है। जो सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
15 वर्षों से जारी संघर्ष, गंभीर हताहत और विस्थापन
नाइजीरिया में इस्लामी विद्रोह अब अपने 15वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। यह संघर्ष अब तक लगभग 40,000 लोगों की जान ले चुका है और 20 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। इसके अलावा हिंसा अब पड़ोसी देशों नाइजर, चाड और कैमरून तक फैल गई है। जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ गई है।
क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इन देशों ने एक गठबंधन बनाया है। लेकिन आतंकवादियों के बढ़ते प्रभाव को रोकने में अब तक सीमित सफलता मिली है।
हमले के बाद की स्थिति और बयान
एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि हमला बोर्नो और योबे राज्यों की सीमा पर एक निर्जन इलाके में हुआ। यह क्षेत्र पहले से ही ISWAP के आतंक का केंद्र रहा है। अधिकारी ने कहा कि आत्मघाती हमले में कमांडर सहित 27 सैनिक शहीद हो गए और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए।
हमले के बाद की स्थिति को और जटिल बनाते हुए अधिकारी ने यह भी कहा कि घायल सैनिकों की गंभीर स्थिति के कारण मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।
टिम्बकटू ट्राएंगल, आतंक का गढ़
टिम्बकटू ट्राएंगल और सांबिसा फॉरेस्ट जैसे इलाके जो पहले बोको हराम के नियंत्रण में थे। अब ISWAP के गढ़ बन चुके हैं। इन दुर्गम क्षेत्रों में आतंकवादी अपनी पकड़ मजबूत कर चुके हैं। जिससे सैन्य अभियान और भी खतरनाक हो गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें
इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें नाइजीरिया में बढ़ती हिंसा पर हैं। यह संकट न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। बल्कि मानवीय संकट को भी बढ़ा रहा है। हजारों नागरिक इस संघर्ष के कारण विस्थापित हुए हैं और उन्हें बुनियादी सुविधाओं तक पहुंचने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
नाइजीरिया में इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अब एक लंबे और कठिन संघर्ष का रूप ले चुकी है। यह आत्मघाती हमला दर्शाता है कि ISWAP जैसे आतंकवादी समूह अब भी एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में नाइजीरिया और उसके सहयोगी देशों के लिए आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक और प्रभावी रणनीति तैयार करना समय की मांग है।












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