ऑस्ट्रेलिया के समुद्र में मिले मलबे का राज खुला, चंद्रयान-3 नहीं, जानिए किस भारतीय रॉकेट का है मलबा?
17 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया के समुद्र तट पर बहकर आई एक गुंबदनुमा रहस्यमयी चीज ने सबको चौंका दिया था। ये पश्चिमी ऑस्ट्रेलियाई शहर पर्थ के उत्तर में लगभग 155 मील दूर ग्रीन हेड समुद्र तट पर मिला था।
इसके बारे में दावा किया जा रहा था कि ये चंद्रयान-3 का मलबा हो सकता है। हालांकि, भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने इसे सिरे से खारिज कर दिया था। अब सोमवार को ऑस्ट्रेलिया की स्पेस एजेंसी ने बताया है कि वो गुंबदनामा ऑब्जेक्ट भारतीय रॉकेट का मलबा है।

एजेंसी ने कहा है कि ये तीसरी स्टेज पर अलग हुआ PSLV लॉन्च व्हीकल का हिस्सा है। इसरो ने भी इस पर सहमति जताते हुए कहा है कि मलबा उसके ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV) रॉकेटों में से एक का हो सकता है।
इसरो के एक अधिकारी ने कहा कि ये संभवतः PSLV रॉकेट का एक अधजला हिस्सा था जिसे दो महीने पहले एक नेविगेशन उपग्रह के लिए लॉन्च किया गया था। अधिकारी ने कहा कि इस उपग्रह को दक्षिण दिशा में प्रक्षेपित किया गया था।
संभव है कि वायुमंडल में वापस गिरते समय रॉकेट का एक हिस्सा पूरी तरह से न जला हो और समंदर में गिर गया हो, जिसके बाद में ये ऑस्ट्रेलियाई तट की ओर बह गया हो। ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि उसने मलबा जमा कर लिया है और वह इसरो के साथ काम कर रही है।
फिलहाल इस 2 मीटर ऊंचे टुकड़े को स्टोरेज में रखा गया है। संयुक्त राष्ट्र संघ की स्पेस ट्रीटी के तहत भारत भी इसकी जांच में सहयोग कर रहा है। इसरो अधिकारी ने कहा कि एजेंसी को अभी भी इस पर फैसला करना है।
अधिकारी ने आगे कहा कि अब यह ऑस्ट्रेलिया पर निर्भर करता है कि वह उस वस्तु के साथ क्या करेगा। उन्होंने कहा कि यह कहना जल्दबाजी होगी कि अंतरिक्ष मलबे की पहचान करने के लिए इसरो की एक टीम ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगी या नहीं।
आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब अंतरिक्ष का मलबा ऑस्ट्रेलिया में मिला है। बीते साल एलन मस्क के स्पेस एक्स मिशन का भी एक हिस्सा न्यू साउथ वेल्स स्टेट के एक पैडॉक में मिला था। इससे पहले मई 2021 में 25 टन के चीनी रॉकेट का एक बड़ा हिस्सा हिंद महासागर में गिर गया।












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