ओमिक्रॉन को लेकर इजरायली डॉक्टर के खुलासे ने उड़ाई नींद, मिले बहुत खतरनाक संकेत
इजरायल के एक डॉक्टर ने कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है।
नई दिल्ली, 2 दिसंबर: कोरोना वायरस का नया वेरिएंट 'ओमिक्रॉन' दुनिया के करीब 24 देशों में पहुंच चुका है, जिसके बाद इसे लेकर वैज्ञानिकों और मेडिकल एक्सपर्ट की चिंताएं बढ़ गई हैं। बुधवार को अमेरिका ने भी कैलिफोर्निया में ओमिक्रॉन से संक्रमित पहले मरीज के मिलने की पुष्टि की। अमेरिका में ओमिक्रॉन से संक्रमित हुआ शख्स हाल ही में दक्षिण अफ्रीका की यात्रा से लौटा था। वैज्ञानिकों के मुताबिक, कोरोना के इस नए वेरिएंट का सबसे पहला मामला दक्षिण अफ्रीका में ही मिला था। लेकिन, अब इजरायल के एक डॉक्टर ने ऐसा सनसनीखेज दावा किया है, जिससे संकेत मिले हैं कि कोरोना वायरस का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन दक्षिण अफ्रीका से पहले ही यूरोप में मौजूद था।

तो क्या यूरोप में पहले से मौजूद था ओमिक्रॉन
इजरायल के डॉक्टर एलाद मौरो दुनिया के अलग-अलग देशों में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित हुए शुरुआती मरीजों में से एक हैं। डॉक्टर एलाद मौरो ने 'द गार्जियन' को दिए एक इंटरव्यू में दावा किया है कि वो इस नए वेरिएंट की चपेट में लंदन में आए थे। डॉक्टर एलाद मौरो ने बताया, 'नवंबर के महीने में एक बड़ी मेडिकल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए मैं लंदन गया था और वहां 1200 से ज्यादा मेडिकल एक्सपर्ट इस कॉन्फ्रेंस का हिस्सा बने। मैं 19 नवंबर को लंदन पहुंचा था और इस्लिंगटन के एक होटल में चार दिनों तक रहा।'

'इजरायल लौटा तो कोरोना के लक्षण दिखने लगे'
डॉक्टर एलाद मौरो ने बताया, 'मेडिकल कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने के बाद मैं 23 नवंबर को इजरायल लौटा और अगले एक-दो दिन में ही मुझे कोरोना वायरस के लक्षण महसूस होने लगे। मैंने टेस्ट कराया और 27 नवंबर को मेरी कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई। माना जाता है कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने के 14 दिनों के भीतर लक्षण महसूस होते हैं, लेकिन आमतौर पर लक्षण दिखने की शुरुआत पांचवें दिन से हो जाती है।'

'ये वेरिएंट बहुत... बहुत पहले से लंदन में मौजूद था'
इंटरव्यू में डॉक्टर एलाद मौरो ने आगे बताया, 'मैं निश्चित तौर पर तो ये नहीं बता सकता कि मुझे कोरोना का संक्रमण कैसे और कब हुआ, लेकिन मुझे शक है कि कुछ और डॉक्टर भी वायरस की चपेट में आ सकते हैं, क्योंकि मेरे एक सहयोगी भी कोरोना से संक्रमित हुए हैं। निश्चित तौर पर मैं इस बात को कह सकता हूं कि मैं ओमिक्रॉन वेरिएंट से लंदन में ही संक्रमित हुआ हूं। दिलचस्प बात यह है कि मैं ओमिक्रॉन वेरिएंट से लंदन में 10 दिन पहले संक्रमित हुआ, यानी ये वेरिएंट बहुत... बहुत पहले से लंदन में मौजूद था।'

नीदरलैंड में भी 19-23 नवंबर के बीच ओमिक्रॉन की पुष्टि
आपको बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दक्षिण अफ्रीका ने 24 नवंबर को ओमिक्रॉन वेरिएंट की पहली सूचना दी थी। हालांकि दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन वेरिएंट की पहचान होने के बाद से ऐसी कई रिपोर्ट सामने आई हैं, जिनमें कहा गया है कि आधिकारिक तौर पर इस वेरिएंट का पता चलने से पहले ही यह फैल रहा था। वहीं, नीदरलैंड के आरआईवीएम हेल्थ इंस्टीट्यूट ने भी हाल ही में बयान जारी किया कि 19 नवंबर से 23 नवंबर के बीच लिए गए कोविड सैंपल में ओमिक्रॉन वेरिएंट की पुष्टि हुई है। यानी नीदरलैंड में भी यह वेरिएंट पहले ही फैलना शुरू हो चुका था।
ये भी पढ़ें- दहशत बढ़ी! अमेरिका तक पहुंचा ओमिक्रॉन वेरिएंट, कैलिफोर्निया में मिला पहला मरीज











Click it and Unblock the Notifications