दहशत बढ़ी! अमेरिका तक पहुंचा ओमिक्रॉन वेरिएंट, कैलिफोर्निया में मिला पहला मरीज
अमेरिका में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन का पहला केस मिलने के बाद इस वेरिएंट की दहशत और बढ़ गई है।
न्यूयॉर्क, 2 दिसंबर: दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना वायरस के नए वेरिएंट 'ओमिक्रॉन' को लेकर दुनियाभर में दहशत का माहौल है। वैज्ञानिकों की कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कोरोना का यह नया वेरिएंट काफी घातक और संक्रामक है। अभी तक की जानकारी के मुताबिक, दुनिया के 23 देशों में ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामलों की पुष्टि हो चुकी है। इस बीच अमेरिका में भी ओमिक्रॉन वेरिएंट का पहला केस सामने आया है। अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने एक बयान जारी कर बताया कि हाल ही में दक्षिण अफ्रीका से लौटे एक यात्री के अंदर कोरोना वायरस के नए वेरिएंट 'ओमिक्रॉन' की पुष्टि हुई है।
Recommended Video

स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, कैलिफोर्निया में मिला ओमिक्रॉन वेरिएंट का यह मामला अमेरिका का पहला केस है। दक्षिण अफ्रीका से लौटे जिस शख्स में कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट की पुष्टि हुई है, वो वैक्सीन की दोनों डोज ले चुका था, लेकिन उसे बूस्टर डोज नहीं लगी थी। यह यात्री 22 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका से लौटा था और होम क्वारंटाइन था। 29 नवंबर को उसकी कोरोना वायरस रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिसके बाद इस शख्स के संपर्क में आए सभी लोगों की जांच की, लेकिन उन सबकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल मरीज की हालत में सुधार हो रहा है।
क्या यूरोप में पहले से मौजूद था ओमिक्रॉन वेरिएंट?
आपको बता दें कि हाल ही में कुछ वैज्ञानिकों की रिपोर्ट में इस बात का भी दावा किया गया है कि दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन की पहचान होने से पहले ही कोरोना वायरस का यह वेरिएंट यूरोप में मौजूद था। कोरोना के इस नए वेरिएंट को लेकर हालांकि अभी बहुत ज्यादा जानकारी मौजूद नहीं है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से कहा गया है कि इस वेरिएंट से दुनिया को 'बहुत ज्यादा' खतरा हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के बाद दुनिया के ज्यादातर देशों ने अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को लेकर पाबंदियां एक बार फिर से सख्त कर दी हैं।












Click it and Unblock the Notifications