Israeli सेना की 18 साल बाद Lebanon में घुसपैठ, इरादा 'Hezbollah ठिकानों का खात्मा'! पेंटागन ने ईरान को चेताया
Israel Hezbollah War Update: इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव एक बार फिर से गंभीर रूप से बढ़ गया है। इजराइली ग्राउंड ऑपरेशन सेनाओं ने मंगलवार (1 अक्टूबर)को दक्षिणी लेबनान में प्रवेश किया। हिजबुल्लाह के खिलाफ "लक्षित जमीनी हमलों" की शुरुआत की। यह कदम हिजबुल्लाह के हमलों के जवाब में लिया गया है, जिनमें उत्तरी इजराइल पर लगातार रॉकेट दागे जा रहे थे।
यह आक्रमण इजराइल द्वारा हिजबुल्लाह के ठिकानों पर कई हफ्तों तक चले हवाई हमलों के बाद हुआ, जिनमें हिजबुल्लाह के प्रमुख नेता हसन नसरल्लाह की भी मौत हो गई थी। इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में सीमित और लक्षित जमीनी छापे शुरू करने की पुष्टि की। इन हमलों का उद्देश्य हिजबुल्लाह के सैन्य बुनियादी ढांचे को नष्ट करना और इजराइल की उत्तरी सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ाना है।

अमेरिकी का इजराइल को समर्थन, ईरान को चेतावनी
अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने इस जमीनी आक्रमण के तुरंत बाद इजराइल को समर्थन की पेशकश की। उन्होंने इजराइली रक्षा मंत्री योआव गैलेंट से बात की और सीमा पर स्थित हमलावर बुनियादी ढांचे को खत्म करने की जरूरत पर सहमति व्यक्त की। ऑस्टिन ने ईरान को भी कड़ी चेतावनी दी, यह कहते हुए कि अगर ईरान ने सीधे इजराइल पर हमला किया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
हिजबुल्लाह ने दी सफाई
दूसरी ओर, हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उसने मेटुला क्षेत्र में इजराइली सैनिकों को तोपखाने से निशाना बनाया है। हालांकि, उन्होंने इजराइल के द्वारा लेबनान में जमीनी घुसपैठ की किसी भी आधिकारिक घोषणा का उल्लेख नहीं किया है।
18 साल बाद लेबनान में घुसी इजराइली सेना
यह ताजा आक्रमण 2006 के इजराइल-हिजबुल्लाह युद्ध के बाद से सबसे बड़ी जमीनी लड़ाई की शुरुआत हो सकती है। इजराइल का यह कदम क्षेत्र में हिजबुल्लाह के बढ़ते खतरे को नष्ट करने की दिशा में एक बड़ा सैन्य कदम माना जा रहा है। इजराइल द्वारा अब तक की गई कार्रवाई सीमित और लक्षित रही है, लेकिन इस संघर्ष के और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
आपको बता दें कि साल 2006 के बाद यह पहली बार है, जब इजराइली सेना लेबनान में घुसी है। तब इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच 33 दिनों तक जंग चली थी। इसमें 1200 लेबनानी मारे गए थे। वहीं, इजराइल के 165 लोगों की मौत हुई थी। आइए एक नजर डालें कब-कब इजराइली सेना हुई हावी...
- 1978 - लगभग 1,100 लेबनानी नागरिक मारे गए।
- 1982- लगभग 17,825 लेबनानी नागरिक मारे गए।
- 1993- 118 लेबनानी नागरिक मारे गए, हिजबुल्लाह के 8 लड़ाके मारे गए।
- 1996- लगभग 154 लेबनानी नागरिक मारे गए।
- 2006: दूसरा लेबनान युद्ध: लगभग 1,200 लेबनानी मारे गए। हिजबुल्लाह के लगभग 500 लड़ाके मारे गए।
राजनयिक समाधान की मांग
अमेरिकी रक्षा सचिव ऑस्टिन ने भी जोर दिया कि दोनों पक्षों के बीच नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राजनयिक समाधान की आवश्यकता है। हालांकि, इस समय स्थिति बेहद तनावपूर्ण है, और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, यह पूरी तरह से परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच यह ताजा संघर्ष क्षेत्र में एक नए और खतरनाक मोर्चे की शुरुआत कर सकता है। ईरान के समर्थन से हिजबुल्लाह लगातार इजराइल के खिलाफ सक्रिय है, और इजराइल अपने रक्षा उपायों को मजबूत कर रहा है। दोनों पक्षों के बीच यह संघर्ष न केवल स्थानीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रभाव डाल सकता है, क्योंकि इसमें अमेरिका और ईरान जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी शामिल हैं।
बाइडेन ने सीजफायर की मांग की
बीते 30 सितंबर को, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाइयों से जुड़े सवालों का जवाब दिया। उन्होंने संघर्ष को समाप्त करने की इच्छा व्यक्त की और युद्ध विराम का आह्वान किया। यह बयान क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चल रही अंतरराष्ट्रीय चिंता को उजागर करता है।
भारत का क्या है स्टैंड ?
इजराइल-लेबनान तनाव के बीच 30 सितंबर को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइली PM बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया के ज़रिए इस अपडेट को साझा किया, जिसमें आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख और क्षेत्रीय संघर्षों को कम करने की जरूरत पर जोर दिया गया। उन्होंने सभी बंधकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।












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