भारत के जिगरी दोस्त ने बनाया ‘स्टार वार’ हथियार, रोशनी से ध्वस्त कर दिए मिसाइल, रॉकेट और ड्रोन
आयरन बीम अत्यधिक अडवांस मिसाइल डिफेंस सिस्टम है और ये दुनिया का पहला ऊर्जा आधारित हथियर रक्षा प्रणाली है, जो ड्रोन, रॉकेट, मोर्टार और मिसाइल को लेजर बीम का इस्तेमाल करके मार गिराने की क्षमता रखता है।
तेल अवीव, अप्रैल 18: भारत के बेहद करीबी दोस्त इजरायल ने एक ऐसे मिसाइल डिफेंस सिस्टम का परीक्षण किया है, जो सिर्फ 300 रुपये में दुश्मनों के लाखों करोड़ों रुपये के मिसाइल को ध्वस्त कर देगा। आपने हॉलीवुड की फिल्म स्टार वार्स में नई खोजों और अद्वितीय डिजाइनों को देखा होगा, लेकिन इजरायली वैज्ञानिकों ने अब स्टार वार्स जैसी लेजर बीम टेक्नोलॉजी से रॉकेट, मिसाइल, मोर्टार और ड्रोन को मार गिराने का कामयाब परीक्षण कर लिया है। इजरायल, जो हर तरफ से दुश्मन देशों से घिरा है, उसके लिए इस मिसाइल सिस्टम का परीक्षण बहुत बड़ी उपलब्धि है और भारत के लिए ये एक बहुत अच्छी खबर इसलिए है, क्योंकि, भारत आने वाले दिनों में ये मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीद सकता है।

ऐतिहासिक तकनीक का परीक्षण
इजराइल हथियारों में टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट के लिए जाना जाता है और हथियारों के सबसे बड़े वैश्विक निर्यातकों में से एक है। अब तक इजरायल अपने आयरम डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम के जरिए अपनी सीमा की रक्षा कर रहा था और जब पिछले साल इजरायल पर फिलिस्तीन लगातार रॉकेट हमले कर रहा था, उस वक्त इजरायली लोगों को इस्लामिक आतंकवादी संगठन हमास के हाथों मरने से आयरन डोम ने ही बचाया था। उस वक्त कई ऐसी तस्वीरें आपने देखी होंगी, जिसमें आयरम डोम को इस्लामिक आतंकवादी संगठन हमास के रॉकेट को मार रहा था। लेकिन, अब इजरायल ने अपने देश की हवाई रक्षा प्रणाली में आयरन काफी ज्यादा एडवांस आयरम बीम मिसाइल सिस्टम को शामिल कर लिया है।

सिर्फ 300 रुपये में मिसाइल नष्ट
आयरन बीम अत्यधिक अडवांस मिसाइल डिफेंस सिस्टम है और ये दुनिया का पहला ऊर्जा आधारित हथियर रक्षा प्रणाली है, जो देश की सीमा के अंदर आने वाले ड्रोन, रॉकेट, मोर्टार और मिसाइल को लेजर बीम का इस्तेमाल करके मार गिराने की क्षमता रखता है। इसके साथ ही ये मिसाइल डिफेंस सिस्टम एंटी टैंक मिसाइल क्षमता से भी लैस है। इजरायल के प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट ने एक ट्वीट के जरिए इजरायल की इस अद्भुत परीक्षण की जानकारी दी है। उन्होंने ट्वीट में कहा कि, 'इज़राइल ने नए 'आयरन बीम' लेज़र इंटरसेप्शन सिस्टम का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। यह दुनिया की पहली ऊर्जा-आधारित हथियार प्रणाली है जो $ 3.50 (करीब 300 रुपये) की लागत से देश में आने वाले UAV, रॉकेट और मोर्टार को मार गिराने के लिए हर शॉट सिर्फ एक लेजर का उपयोग करती है।'

आयरन बीम डिफेंस सिस्टम क्या है?
इजराइली सरकार ने आयरन बीम डिफेंस सिस्टम का एक वीडियो जारी किया है, जिसमें आयरन बीम सिस्टम को एक आने वाले मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) को निशाना बनाकर उसे मार गिराते हुए दिखाया गया है। आयरन बीम ने यूएवी को हमला करने से पहले ही नष्ट कर दिया। इजरायली सरकार के मुताबिक, इस मिसाइल डिफेंस सिस्टम का परीक्षण पिछले महीने नेगेव रेगिस्तान में किया गया था।
बेहद खतरनाक है ये सिस्टम
ये वीडियो बकायदा पूरी तरह से बनाया गया है, जिसमें म्यूजिक का भी इस्तेमाल किया गया है और वीडियो में एक लेजर बीम को एक ग्राउंड स्टेशन से बाहर निकलकर, लक्ष्यों को निशाना बनाकर भेदते और उसे छोटे टुकड़ों में तोड़कर नीचे गिराते हुए दिखाया गया है। हालांकि, इजरायल सरकार ने इस लेजर प्रणाली की प्रभावशीलता के बारे में बहुत कम जानकारी जारी की है। लेकिन, माना जा रहा है, कि इस मिसाइल सिस्टम को जमीन, हवा और समुद्र... तीनों जगहों पर तैनात किया जा सकता है।

इजरायल को आयरन बीम की क्या जरूरत?
माना जा रहा है, कि इजरायल ने इस मिसाइल डिफेंस सिस्टेम की घोषणा का उद्येश्य फिलिस्तीन और ईरान को संदेश भेजना है। इस मिसाइल डिफेंस सिस्टम में लंबी दूरी की मिसाइलों से लेकर कुछ किलोमीटर (मील) दूर से लॉन्च किए गए रॉकेट तक...सब कुछ इंटरसेप्ट करने की क्षमता है और आयरन बीम मिसाइल सिस्टम को आयरन डोम मिसाइल सिस्टम की मदद करने के लिए डिजाइन गया है और माना जा रहा है, कि धीरे धीरे इस मिसाइल सिस्टम को इजरायल के हर सरहदी इलाकों में तैनात किया जाएगा। अब तक आयरन डोम भी इजरायल में आने वाली मिसाइलों और रॉकेट को मार गिराता था, लेकिन उसमें काफी खर्च आता था, लेकिन नई टेक्नोलॉजी से सिर्फ 300 रुपये में मिसाइलों को मार गिराया जा सकता है।

आयरन डोम बनाम आयरन बीम
इजरायल अभी तक आयरन डोम मिसाइल डिफेंस प्रणाली का इस्तेमाल करता है और इजरायल के पीएम नफ्ताली बेनेट ने फरवरी में स्वीकार किया था, कि आयरन डोम रक्षा प्रणाली बहुत महंगी है और देश इसे रॉकेट हमलों से बचाने में मदद करने के लिए लेजर तकनीक के रोलआउट में तेजी ला रहा है। इजरायली पीएम नेफ्ताली बेनेट ने इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था, कि अगर किसी मिसाइल या रॉकेट को सिर्फ एक इलेक्ट्रिक पल्स के साथ रोकना संभव है, जिसकी कीमत कुछ डॉलर है, तो हम उस रिंग ऑफ फायर को खत्म कर देंगे, जिसे ईरान ने हमारी सीमाओं पर स्थापित किया है'।

क्या भारत खरीद सकता है आयरन बीम?
इजराइल भारत सहित दुनिया भर के देशों के लिए एक प्रमुख हथियार निर्यातक के रूप में जाना जाता है, जो इज़राइली टेवर असॉल्ट राइफल्स, नेगेव और बी-300 एंटी-टैंक रॉकेट लॉन्चर, और फाल्कन एडब्ल्यूएसीएस सिस्टम का निर्यात करता है। नेफ्ताली बेनेट ने कुछ महीने पहले एक कार्यक्रम के दौरान कहा था, कि 'हवाई रक्षा की यह नई पीढ़ी इस क्षेत्र में हमारे दोस्तों की भी सेवा कर सकती है'। यानि, इजरायली प्रधानमंत्री ने साफ संकेत दिए थे, कि जो देश इजरायल के साथ रणनीतिक तौर पर जुड़े हैं, वो इसका इस्तेमाल कर सकते हैं, लिहाजा माना जा सकता है, कि भारत के लिए इस मिसाइल डिफेंस सिस्टम को खरीदने का रास्ता साफ है। वहीं, इजरायल 'लेजर वॉल' टेक्नोलॉजी पर भी काम कर रहा है, जिसका इस्तेमाल वो ईरान के खिलाफ करेगा, जिसने कुछ समय पहले लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों को विकसित किया है, जो इजरायल पर हमला करने में सक्षम हैं।












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