Scoop: इजराइल ने लेबनान युद्ध खत्म करने की पेशकश की, व्हाइट हाउस को भेजी मांगे, नेतन्याहू का नया खेल?
Israel-Lebanon War: पिछले एक साल से ज्यादा वक्त से चल रहे जंग के बीच पहली बार इजराइल ने जंग खत्म करने की पेशकश की है और AXIOS की रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल ने पिछले हफ्ते अमेरिका को लेबनान में युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक समाधान के लिए अपनी शर्तों के साथ एक दस्तावेज दिया है।
एक्सियोस ने रविवार को दो अमेरिकी अधिकारियों और दो इजराइली अधिकारियों का हवाला देते हुए इसकी रिपोर्ट दी है। इजराइल ने मांग की है, कि उसके आईडीएफ फोर्स को "एक्टिव इनफोर्समेंट" में रहने की अनुमति दी जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके, कि हिज्बुल्लाह, इजराइली सीमा के करीब अपने सैन्य बुनियादी ढांचे को फिर से न बनाए।

एक्सियोस ने एक इजराइली अधिकारी का हवाला देते हुए रिपोर्ट की है, कि इजराइल ने यह भी मांग की है, कि उसकी वायु सेना को लेबनानी हवाई क्षेत्र में ऑपरेशन की आजादी हो।
लेबनान युद्ध को लेकर क्या है अंदरूनी रिपोर्ट
इजराइल ने पिछले हफ्ते अमेरिका को लेबनान में युद्ध को समाप्त करने और सीमा के दोनों ओर से विस्थापित नागरिकों को उनके घरों में लौटने की अनुमति देने के लिए एक कूटनीतिक समाधान के लिए अपनी शर्तों के साथ एक दस्तावेज दिया है, दो अमेरिकी अधिकारियों और दो इजराइली अधिकारियों ने एक्सियोस को से इसकी पुष्टि की है।
इजराइली अधिकारियों ने कहा है, कि संघर्ष के कूटनीतिक समाधान पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रपति बाइडेन के दूत अमोस होचस्टीन की सोमवार को बेरूत यात्रा से पहले इजराइल के प्रधान मंत्री कार्यालय ने व्हाइट हाउस को यह दस्तावेज दिया है।
पर्दे के पीछे क्या चल रहा है:- अमेरिकी और इजराइली अधिकारियों ने एक्सियोस को बताया है, कि इजराइल के सामरिक मामलों के मंत्री रॉन डर्मर, जो प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के विश्वासपात्र हैं, उन्होंने गुरुवार को होचस्टीन को यह दस्तावेज भेजा है।
इस दस्तावेज में ती मुख्य बातें हैं।
1- इजराइली अधिकारियों ने कहा है, कि यह पेपर डेरमर द्वारा इजरायली रक्षा मंत्रालय और इजरायली रक्षा बलों के साथ की गई चर्चाओं से निकला है, जिसमें इजराइल द्वारा मांगे गए सिद्धांतों को हिज्बुल्लाह के साथ युद्ध को समाप्त करने के लिए किसी भी कूटनीतिक समाधान का हिस्सा माना गया है।
2- इजराइली अधिकारियों ने कहा, कि एक इजराइली मांग यह है, कि आईडीएफ को "एक्टिव इनफोर्समेंट" में शामिल होने की अनुमति दी जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हिज्बुल्लाह, सीमा के करीब दक्षिणी लेबनान के क्षेत्रों में अपने सैन्य बुनियादी ढांचे को फिर से न बना पाए।
3- अधिकारी ने कहा, कि इजराइल यह भी मांग करता है, कि उसकी वायु सेना को लेबनानी हवाई क्षेत्र में संचालन की स्वतंत्रता हो।
क्या इजराइली मांगों को माना जा सकता है?
एक्सियोस के मुताबिक, ये दोनों मांगें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्ताव 1701 का खंडन करती हैं, जिसमें कहा गया है, कि लेबनानी सशस्त्र बल (LAF) और लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच युद्ध विराम लागू करेंगे।
1- "हम 1701 के बारे में बात कर रहे हैं, जिसमें प्रवर्तन बढ़ा दिया गया है। हमारा मुख्य संदेश यह है, कि यदि लेबनानी सेना और यूनिफिल ज्यादा काम करेंगे, तो आईडीएफ कम काम करेगा और इसके विपरीत होगा"
2- एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, कि यह बहुत कम संभावना है कि लेबनान और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इन शर्तों पर सहमत होंगे, जो लेबनान की संप्रभुता को नाटकीय रूप से कमजोर कर देगा।
3- वाशिंगटन में व्हाइट हाउस और इजरायली दूतावास ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
इजराइल की शर्तों की मुख्य बातें
होचस्टीन के सोमवार को बेरूत पहुंचने और कार्यवाहक प्रधानमंत्री नजीब मिकाती, संसद के अध्यक्ष नबीह बेरी और अन्य लेबनानी अधिकारियों से मिलने और इजराइली मांगों पर चर्चा करने की उम्मीद है।
बेरी ने रविवार को अल-अरबिया से कहा, कि होचस्टीन की यात्रा लेबनान में युद्ध के लिए "समाधान तक पहुंचने के लिए अमेरिकी चुनावों से पहले आखिरी मौका" है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लेबनान में संयुक्त राष्ट्र संकल्प 1701 के बारे में आम सहमति है और उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी भी तरह से इसमें संशोधन करने से इनकार करते हैं, जो वास्तव में इजरायल की मांग है।
तो क्या नहीं होगी शांति?
अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों का कहना है, कि होचस्टीन, लेबनान में युद्ध को खत्म करने वाले हर राजनयिक समाधान के हिस्से के रूप में दक्षिणी लेबनान में लेबनानी सशस्त्र बलों की व्यापक तैनाती के लिए जोर दे रहे हैं।
1- हाल के वर्षों में, लेबनानी सेना के पास इस क्षेत्र में बहुत कम फोर्स बचा है और पूरे क्षेत्र पर हिज्बुल्लाह का कब्जा हो चुका है।
2- अधिकारियों ने कहा, कि होचस्टीन दक्षिणी लेबनान में कम से कम 8,000 लेबनानी सैनिकों को तैनात करना चाहते हैं, ताकि क्षेत्र में लेबनान की सेना का नियंत्रण हो और हिज्बुल्लाह की शक्ति सीमित हो।
3- अमेरिकी दूत UNIFIL के जनादेश को भी एडवांस करना चाहते हैं, ताकि यह लेबनानी सेना को उन सशस्त्र व्यक्तियों या समूहों को रोकने में मदद कर सके, जो लेबनानी सरकार के नियंत्रण में नहीं हैं और उन्हें इजराइल की सीमा के पास तैनात होने से रोक सकें।
4- अमेरिकी अधिकारियों ने स्वीकार किया है, कि 2006 के युद्ध के बाद से, UNIFIL ने मुश्किल से संकल्प 1701 को लागू किया और संकल्प का उल्लंघन करते हुए दक्षिणी लेबनान में व्यापक सैन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण करने से हिज़्बुल्लाह को नहीं रोका।
इजराइल डिफेंस फोर्स ने कहा, कि होचस्टीन की यात्रा से पहले रविवार की रात को इजराइली वायु सेना ने लेबनान में हिज्बुल्लाह के बैंक से जुड़े दर्जनों ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसमें बेरूत की एक इमारत भी शामिल है।
एक वरिष्ठ इजराइली खुफिया अधिकारी ने पत्रकारों के साथ एक ब्रीफिंग में कहा, कि बैंक लेबनानी वित्तीय प्रणाली से स्वतंत्र रूप से संचालित होता है और सरकार या केंद्रीय बैंक की निगरानी में नहीं है। इजराइली खुफिया अधिकारी के अनुसार, हिज्बुल्लाह बैंक को ईरान से सालाना करोड़ों डॉलर मिलते थे और समूह के संचालन को वित्तपोषित करने में इसकी अहम भूमिका थी।












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