इजरायल ने एक साथ दो देशों पर शुरू किए हमले, गाजा और लेबनान पर भारी बमबारी, अल-अक्सा मस्जिद विवाद बढ़ा
गाजा और लेबनान में हमास संगठन है, जिसे इजरायल आतंकी संगठन कहता है। हमास पिछले दो दिनों से इजरायल पर रॉकेट दाग रहा था और अब इजरायल ने जवाबी कार्रवाई शुरू की है।

Israel Air Strike on Gaza Lebanon: येरूशलम के अल-अक्सा मस्जिद को लेकर पिछले हफ्ते शुरू हुआ विवाद अब जंग में बदल गया है और हमास के रॉकेट दागने के बाद इजरायली सेना ने मुंहतोड़ जवाब देना शुरू कर दिया है। ताजा बयान में इजरायली सेना की तरफ से कहा गया है, कि वो लेबनान पर हमले कर रही है और गाजा पर हमला शुरू होने के कुछ घंटों के बाद लेबनान पर हमला शुरू किया गया है।
हालांकि, फिलहाल साफ नहीं हो पाया है, कि इजरायली सैनिकों के हमले में लेबनान या गाजा को कितना नुकसान हुआ है, लेकिन आशंका जताई जा रही है, कि आतंकियों के कई ठिकानों को नष्ट कर दिया गया है।
अल-अक्सा मस्जिद विवाद बढ़ा
इजरायल की सेना ने कहा है कि यह "लेबनान में हमला" कर रहा है, क्योंकि लेबनान की तरफ से इजरायल पर रॉकेट दागे ये थे। वहीं, एक लेबनानी टीवी स्टेशन ने दक्षिणी बंदरगाह शहर सोर में एक शरणार्थी शिविर के नजदीक विस्फोट की सूचना दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली सेना ने लेबनान के ऊपर बमबारी उस वक्त शुरू की, जब देश के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक वीडियो बयान में वादा किया था, कि उनके देश के दुश्मन "किसी भी आक्रामकता के लिए कीमत चुकाएंगे"।
अलजजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लेबनान या गाजा में फिलहाल किसी के हताहत होने या घायल होने की तत्काल कोई रिपोर्ट नहीं है। ये हमले येरूशलम में अल-अक्सा मस्जिद में इजरायली सैनिकों के घुसने के बाद किए गये हैं। जबकि, इजरायल का कहना है, कि अल अक्सा मस्जिद में जब यहूदी अपने पवित्र स्थल का दौरा कर रहे थे, तो मस्जिद के अंदर से पत्थर फेंके गये थे और उसके बाद ही दंगे शुरू हुए।

फसह और रमजान एक साथ
आपको बता दें, कि संयोग से इस साल मु्स्लिमों का पवित्र महीना रमजान और यहूदियों का पवित्र महीना फसह एक साथ हो गया है और जिस तरह से इस्लाम में रमजान का महत्व है, उसी तरह से यहूदी कैलेंडर में फसह का महत्व है।
अल अक्सा मस्जिद, जिसे इस्लाम का तीसरा सबसे प्रसिद्ध मस्जिद माना जाता है, उस जगह को यहूदी भी पवित्र मानते हैं, हालांकि वहां पर यहूदियों को जाने की इजाजत तो है, लेकिन उन्हें वहां पर पूजा करने की इजाजत नहीं है।
इस बार ये विवाद उस वक्त शुरू हुआ, जब यहूदी समुदाय के लोग अपने पवित्र स्थल की तरफ जा रहे थे और मस्जिद के अंदर से उनपर पत्थर फेंके गये। ये जगह इजरायली फोर्स के कब्जे में है, लिहाजा इजरायली सेना मस्जिद में घुस गई और उसने लाठी चार्ज कर दिया और उसके बाद बवाल मच गया।
पहले इजरायल पर किए गये हमले?
अल अक्सा मस्जिद विवाद शुरू होने के फौरन बाद गाजा स्थिति हमास ने दक्षिणी इजरायल पर रॉकेट दागने शुरू कर दिए, जिसपर इजरायल ने चेतावनी जारी की थी, लेकिन हमास ने चेतावनी को दरकिनार कर दिया।
इजरायल ने दावा किया, कि लेबनानी क्षेत्र से भी इजरायल के ऊपर रॉकेट दागे जा रहे हैं।
इजरायली सेना ने कहा, कि गुरुवार को लेबनान से 34 रॉकेट दागे गए, जिनमें से 25 को आकाश में ही मार गिराया गया और कम से कम चार रॉकेट इजरायल के अंदर गिरे। जिसके बाद इजरायली सेना ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। इजरायल का कहना है, कि वो सिर्फ हमास को निशाना बना रहा है।
इजरायली सेना ने एक बयान में कहा, कि "आतंकी संगठन हमास को लेबनान के भीतर से संचालित करने की इजाजत नहीं दी जाएगी और इसके लिए इजरायल, लेबनान सरकारप को जिम्मेदार ठहराती है।"

हमास का गढ़ है गाजा
इजरायली सेना ने कहा है, कि वह गाजा शहर में हमास को भी निशाना बना रही है। सेना ने कहा है, कि उसने हमास के दो सुरंगों और दो हथियार फैसिलिटी सेंटर पर हमले किए हैं। वहीं, एएफपी समाचार एजेंसी ने कहा है, कि एक फ़िलिस्तीनी सुरक्षा स्रोत ने संकेत दिया है, कि हमले में हमास के प्रशिक्षण स्थल प्रभावित हुए हैं।
जवाब में गाजा की तरफ से और रॉकेट दागे गए हैं। वहीं, ट्विटर पर, इज़राइली सेना ने यह भी कहा है, कि दक्षिणी इज़राइल में हवाई हमले के सायरन बजाए गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सिक्योरिटी कैबिनेट के साथ बैठक की है, जिसमें हमलों को लेकर चर्चा की गई है।
बैठक के बाद नेतन्याहू की तरफ से एक संक्षिप्त बयान जारी किया गया है। इसमें कहा गया है, कि "इजरायल की प्रतिक्रिया, आज रात और उसके बाद, हमारे दुश्मनों से भारी कीमत वसूल करेगी।" इजरायल ने रॉकेट दागने के लिए फलस्तीनी समूह हमास को जिम्मेदार ठहराया है।
इस बीच, हमास ने एक बयान के साथ हवाई हमलों का जवाब दिया है और कहा है, कि "हम यहूदियों के कब्जे को गाजा पट्टी पर होने वाली आक्रामता के लिए जिम्मेदार मानते हैं और जो भी परिणाम होंगे, उसके लिए वही जिम्मेदार हैं।"
क्या हिज्बुल्लाह भी है शामिल?
वहीं, लेबनान से रिपोर्टिंग कर रहीं अल जज़ीरा की प्रेस रिपोर्टर ज़ीना खोदर ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है, कि लेबनान के अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं, कि उनके क्षेत्र से दागे गये रॉकेट लॉन्च के पीछे कौन था। हालांकि, जिस क्षेत्र से रॉकेट दागे गये हैं, वो एक अनिश्चित क्षेत्र है और वहां सरकार की पकड़ कमजोर है।
लेकिन, उन्होंने कहा, कि फिलहाल ये साफ नहीं है कि इजरायली ऑपरेशन कब तक चलने वाली है। ये एक सीमित ऑपरेशन है या फिर इजरायल लंबे समय तक इस क्षेत्र पर हमले करेगा।
वहीं, इजरायल के सैन्य खुफिया विभाग के पूर्व प्रमुख तामीर हेमैन ने ट्विटर पर लिखा है, कि "हमने जो देखा, वह लेबनान से बड़े पैमाने पर फिलिस्तीनी हमले थे। यह हिज़्बुल्लाह की तरफ से फायरिंग नहीं है, लेकिन यह विश्वास करना कठिन है, कि हिजबुल्लाह को इसके बारे में पता नहीं था"।
हिजबुल्लाह ने आरोपों का तुरंत जवाब नहीं दिया है। लेकिन, लेबनान के प्रधानमंत्री नजीब मिकाती ने अपने सीमा की ओर से रॉकेट दागे जाने की निंदा की है।
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वहीं, संयुक्त राज्य अमेरिका ने गुरुवार को तनाव के बीच "संयम" बरतने का आग्रह किया है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता वेदांत पटेल ने कहा है, कि "कोई भी एकतरफा कार्रवाई जो यथास्थिति को खतरे में डालती है, वो हमारे लिए अस्वीकार्य है।"












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