Israel-Iran War: ईरानी हमलों में इजरायल को हुआ भयंकर नुकसान, लिस्ट देखकर नहीं होगा विश्वास!
Israel-Iran War: ईरान और इजरायल के एक-दूसरे पर हमले जारी हैं। दोनों ही ओर से सीजफायर की उम्मीद अभी नजर नहीं आ रही है। 20 जून यह जंग अपने आठवें दिन में प्रवेश कर चुकी है। इजरायल-ईरान युद्ध में इजरायल को भारी आर्थिक, राजनितिक और जनहानि का नुकसान हो रहा है।
हर दिन ₹2400 करोड़ हो रहे खर्च
ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में इजरायल को भारी आर्थिक और राजनितिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक्सपर्ट का कहना हैं कि सिर्फ ईरानी मिसाइलों को रोकने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे इंटरसेप्टर ही प्रतिदिन 285 मिलियन डॉलर यानी भारतीय रूपए में 2400 करोड़ रुपए तक की लागत का उपयोग कर रहे है। ये इंटरसेप्टर इजरायल की मिसाइल डिफेंस सिस्टम का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले दो सप्ताह के भीतर यह फैसला करेंगे कि अमेरिका जंग में शामिल होगा या नहीं। इनके अलावा, युद्ध में इस्तेमाल हो रहे गोला-बारूद, लड़ाकू विमान और लॉजिस्टिक सपोर्ट सिस्टम भी खर्च को बढ़ा रहे हैं। इजरायली शहरों पर मिसाइल हमलों से भी बड़ा नुकसान देखने को मिल रहा है।

इजरायल को अब तक कितना हुआ नुकसान
इज़रायल ऑपरेशन राइजिंग लॉयन के तहत ईरान के प्रमुख परमाणु सुविधाओं, परमाणु वैज्ञानिकों और सैन्य अधिकारियों सहित कई जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर इलाकों को निशाना बनाया है। दूसरी तरफ, ईरान भी जवाबी कार्रवाई में इजराइल के शहरों, आम नागरिकों, सैन्य अड्डों और सार्वजिक जगहों को निशाना बना रहे हैं। ईरान बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से ताबड़तोड़ हमले कर रहा है। वाशिंगटन में मानवाधिकार समूह ने जानकारी दी की ईरान में हफ़्ते भर चले संघर्ष के दौरान इज़रायली हमलों में कम से कम 639 लोग मारे गए हैं। इज़रायल ने भी मृत लोगों की जानकारी सांझा की और मरने वालों की संख्या 24 के करीब बताई है।
बर्बाद हुआ इजरायल का अस्पताल
ईरान ने इज़राइल बीरशेबा शहर के सबसे बड़े और प्रमुख अस्पताल, सोरका मेडिकल सेंटर पर मिसाइल हमला किया है, जिससे भारी जनहानि हुई है। यह अस्पताल लगभग 10 लाख लोगों को सेवाएं प्रदान करता है और दक्षिणी इज़राइल का मुख्य स्वास्थ्य केंद्र है। इस हमले में अस्पताल प्रशासन ने भी नुकसान और घायल लोगों की सूचना दी है।
इजरायल के स्टॉक एक्सचेंज पर हमला
इजरायल के तेल अवीव में स्थित स्टॉक एक्सचेंज की बिल्डिंग पर ईरान ने गुरुवार को ताबड़तोड़ मिसाइल दागी है। तेल अवीव और बीरशेबा सहित कई स्थानों पर ईरान की ओर से हमला किया गया है। अल जजीरा और अन्य स्थानीय मीडिया द्वारा रिपोर्ट में बताया गया की ईरान द्वारा दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने से तेल अवीव की स्टॉक एक्सचेंज की इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है। जिसकी वजह से स्टॉक एक्सचेंज को बंद करना पड़ा। 2020 के बाद पहली बार ऐसा हुआ जब इस बिल्डिंग को पहले बार बंद करना पड़ा।
वीजमैन साइंस इस्टीट्यूट को बनाया निशाना
इजराइल द्वारा लंबे समय से ईरान के न्यूक्लियर साइंटिस्ट और उनके ठिकानों को निशाना बनाया जाता रहा है। हालांकि, शायद यह पहला मौका है जब ईरान के हमले में इजराइल के वैज्ञानिक निशाने पर आए हैं। वीजमैन इंस्टीट्यूट में लाइफ साइंस और फिजिक्स सहित साइंस के विभिन्न क्षेत्रों में अपने कार्यों के लिए जाना जाता है। हालांकि, इस संस्थान पर हुए हमले में किसी की मौत नहीं हुई है, लेकिन परिसर में कई बड़ी लैब्स को भारी नुकसान हुआ है। इस कारण कई सालों से जारी रिसर्च प्रभावित हुए हैं। संस्थान के मुताबिक, ईरान के हमले में दो इमारतें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।
क्या अमेरिका भी कूदेगा जंग में?
ईरान और इजराइल के बीच जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने वरिष्ठ सलाहकारों को स्पष्ट कर दिया है कि वह ईरान पर सैन्य कार्रवाई के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि क्या ईरान अपने विवादित न्यूक्लियर प्रोग्राम को पूरी तरह से समाप्त करता है, उसके बाद ही वे अगले कदम की रूपरेखा तय करेंगे।"अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले दो सप्ताह के भीतर यह फैसला करेंगे कि अमेरिका जंग में शामिल होगा या नहीं। आगे यह जंग अपना कौन-सा रूप लेती है, यह देखना बहुत ही दिलचस्प होने वाला है।
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