मिडिल ईस्ट में हथियारों की जखीरा जमा कर रहे अमेरिका और चीन, इजराइल-हमास युद्ध के बीच कौन सा नया खेल?
US-China Middle East: इजराइल और हमास के बीच चल रहे खतरनाक युद्ध के बीच मिडिल ईस्ट में अमेरिका और चीन ने हथियारों का जखीरा जमा करना शुरू कर दिया है। दोनों ही देश विध्वंसक हथियारों को मिडिल ईस्ट में भेज रहे हैं।
चीनी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, गाजा पट्टी में इज़राइल और हमास आतंकवादी समूह के बीच युद्ध के बीच, चीन ने पिछले हफ्ते 6 चीनी युद्धपोत मध्य-पूर्व में तैनात कर दिया है। चीनी रक्षा मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक, 44वीं नौसेना एस्कॉर्ट टास्क फोर्स मई से इस क्षेत्र में नियमित संचालन में है।
पिछले हफ्ते, उन्होंने ओमान की यात्रा के दौरान ओमानी नौसेना के साथ एक संयुक्त अभ्यास भी किया था। चीन ने कहा है, कि ओमान की अपनी यात्रा के सफल समापन के बाद, चीनी नौसैनिक एस्कॉर्ट टास्क फोर्स 18 अक्टूबर की सुबह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कुवैत के शुवैख बंदरगाह पर पहुंची। चीनी समुद्री समूह कुवैत की पांच दिवसीय सद्भावना यात्रा पर रवाना हुआ।

इस बीच अमेरिका ने भी मिडिल ईस्ट में हथियारों को जमा करना शुरू कर दिया है।
अमेरिका बनाम चीन.. हथियारों की होड़
मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैनिकों पर हाल के हमलों के जवाब में, पेंटागन ने शनिवार को कहा है, कि अमेरिका मध्य पूर्व में एक टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) प्रणाली और अतिरिक्त पैट्रियट वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली बटालियन भेजेगा।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने हाल के हफ्तों में मध्य पूर्व में बड़ी मात्रा में नौसैनिक शक्ति भेजी है, जिनमें दो एयरक्राफ्ट कैरियर, उनके सहायक जहाज और लगभग 2,000 नौसैनिक शामिल हैं। इज़राइल-हमास युद्ध के दौरान क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के कारण वाशिंगटन ईरान समर्थित समूहों की गतिविधियों को देखते हुए सतर्क है।
अमेरिका के विदेश मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कहा है, अमेरिका अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती मिडिल ईस्ट में कर रहा है। पेंटागन ने पहले से ही लगभग 2,000 सैनिकों को इस क्षेत्र में तैनात करने की जरूरत पड़ने पर तैयार रहने की स्थिति में रखा है। ऑस्टिन ने कहा, कि "ये कदम रिजनल डेटरेंट प्रयासों को बढ़ावा देंगे, क्षेत्र में अमेरिकी बलों के लिए बल सुरक्षा बढ़ाएंगे और इज़राइल की रक्षा में सहायता करेंगे।"

THAAD क्या है?
अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती ईरान को देखते हुए किया गया है, ताकि ईरान, इजराइल के खिलाफ कोई दुस्साहस ना कर सके। अमेरिका ने दो साल रहले मिडिल ईस्ट से अपने एयर डिफेंस सिस्टम को हटा दिया था, जिसकी फिर से तैनाती कर दी गई है।
इसके अलावा, अमेरिका ने अपने सबसे शक्तिशाली पैट्रियट मिसाइलों की भी तैनाती की है।
THAAD सिस्टम एक शक्तिशाली रडार है। 2016 में अमेरिका द्वारा दक्षिण कोरिया में इस प्रणाली की तैनाती से चीन नाराज हो गया था, जिसका मानना था, कि यह उसके हवाई क्षेत्र में घुसपैठ कर सकता है। गाजा में इजरायल और हमास आतंकवादियों के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से इराक और सीरिया में अमेरिकी सेना के खिलाफ हमलों में वृद्धि हुई है।
पिछले हफ्ते, एक अमेरिकी युद्धपोत ने यमन से ईरान समर्थित हौथिस द्वारा दागे गए एक दर्जन से ज्यादा ड्रोन और चार क्रूज मिसाइलों को मार गिराया था।

क्या चाहते हैं चीन और अमेरिका?
जैसे-जैसे क्षेत्र में तनाव बढ़ता गया, मध्य पूर्व जल में छह चीनी जहाजों का संचालन तेजी से महत्वपूर्ण हो गया। इस क्षेत्र में चीनी युद्धपोतों की खबरें तब आई हैं, जब संयुक्त राज्य अमेरिका वहां अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है।
7 अक्टूबर को इज़राइल पर हमास के हमले के बाद, संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने सबसे उन्नत वाहक, यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड और उससे जुड़े युद्ध समूह को पूर्वी भूमध्य सागर में भेजा। वहीं, ड्वाइट डी. आइजनहावर कैरियर स्ट्राइक ग्रुप इस क्षेत्र के रास्ते में है। पेंटागन ने हाल ही में पूर्वी भूमध्य सागर में एक अतिरिक्त कमांड जहाज, यूएसएस माउंट व्हिटनी की तैनाती की घोषणा की।
हथियारों की तैनाती के साथ अमेरिका और चीन के बीच एक तरह से प्रतिद्वंदिता चल रहा है और दोनों ही देश, अपने अपने सहयोगियों को संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं, कि वो उनके साथ खड़े हैं। ये खुद को वैश्विक शक्ति दिखाने की भी जंग है।












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